dr raman singhआई एन वी सी,
रायपुर,
प्रदेश व्यापी विकास यात्रा छत्तीसगढ़ के नक्सल हिंसा पीड़ित इलाकों में उत्साह के साथ चल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज इस यात्रा के तीसरे दिन उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले के पखांजूर और नवगठित कोण्डागांव जिले के फरसगांव में आयोजित एक विशाल जनसभाओं को सम्बोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकासखंड पुनर्गठन आयोग से मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर राज्य में बहुत जल्द नये विकासखंड बनाए जाएंगे। उन्होंने दोनों इलाकों के लिए 55 करोड़ 62 लाख रूपए के निर्माण कार्यों की सौगातें दी। डॉ. सिंह ने पखांजूर में लगभग 19 करोड़ 62 लाख रूपए और फरसगांव में करीब 36 करोड़ रूपए के विभिन्न विकास और निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करते हुए हितग्राही मूलक योजनाओं के तहत बड़ी संख्या में किसानों और तेन्दूपत्ता संग्राहकों बोनस तथा अन्य हितग्राहियों सामग्री आदि का वितरण किया। उन्होंने एक किसान को ट्रेक्टर प्रदान कर शुभकामनाएं दी। इसके अलावा डॉ. सिंह ने कई किसानों को उन्नत कृषि उपकरणों का भी वितरण किया। डॉ. सिंह ने पखांजूर इलाके में बिजली के कम वोल्टेज की समस्या दूर करने के लिए 132 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र निर्माण और किसानों की सुविधा के लिए कृषि उपज मंडी की स्थापना का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इस अंचल के प्रसिध्द दशहरा मेले के लिए वार्षिक अनुदान भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने विशाल जनसभाओं में राज्य सरकार की नीतियों और योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता की सुख-समृध्दि के लिए छत्तीसगढ़ के सभी क्षेत्रों में शांतिपूर्ण विकास हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल विहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ राज्य बनाया। उनके आशीर्वाद से और जनता के सहयोग से हमारी सरकार ने प्रशासन को जनसेवा के लिए जनता के नजदीक पहुंचाने के इरादे से नये राज्य में 11 नये जिलों का निर्माण किया। राज्य सरकार ने सभी 146 विकासखंडों को तहसील का दर्जा दिया । मुख्यमंत्री ने कहा कि जब छत्तीसगढ़ सरकार जनता की सुख-सुविधा के लिए नये जिले और नये तहसील बना सकती है, तो निकट भविष्य में नये विकासखंडों का भी निर्माण किया जा सकता है। इसके लिए राज्य सरकार ने विकासखंड पुनर्गठन आयोग बनाया है। आयोग द्वारा नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर सरकार को जल्द अपनी रिपोर्ट दी जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर नये विकासखंडों के गठन के बारे में त्वरित और उचित निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पखांजूर इलाके में बिजली के कम वोल्टेज की समस्या दूर करने के लिए 132 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र की स्थापना और पखांजूर में कृषि उपज मंडी निर्माण की भी घोषणा की। कृषि उपज मंडी बन जाने पर इलाके के किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लगभग 110 किलोमीटर दूर नारायणपुर नहीं जाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने पखांजूर में लगभग 19 करोड़ 62 लाख रूपए के विभिन्न विकास और निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इनमें अनेक निर्माण कार्य, लघु सिंचाई योजना, स्कूल भवन, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन आदि से संबंधित हैं। डॉ. सिंह ने पखांजूर में एक करोड़ 76 लाख 08 हजार रूपए की लागत से बनने वाले नवीन व्यवहार न्यायालय भवन का भी भूमिपूजन किया। उन्होंने लगभग 91 लाख 64 हजार रूपए की लागत से निर्मित अंतागढ़ सिंचाई व्यपवर्तन योजना का भी लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री के साथ पखांजूर के कार्यक्रम में वनमंत्री श्री विक्रम उसेंडी और महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री सुश्री लता उसेंडी सहित अनेक जनप्रतिनिधि भी शामिल थे।

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