Wednesday, December 11th, 2019

नक्सल समस्या ग्रस्त जिलों के बच्चों को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर देना प्राथमिकता : रमन सिंह

raman singh chhattisgarhआई एन वी सी, रायपुर, मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के नक्सल समस्या ग्रस्त जिलों के बच्चों को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर दिलाने के लिए दक्षिण बस्तर जिले के मुख्यालय दंतेवाड़ा में एशिया का सबसे बड़ा शिक्षा केन्द्र आकार ले रहा है। राज्य शासन द्वारा यह शिक्षा केन्द्र लगभग ढ़ाई सौ एकड़ के रकबे में विकसित किया जा रहा है, जहां पांच हजार बच्चों के लिए शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग और रोजगारमूलक प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है। इस परियोजना का प्रथम चरण शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री ने आज यहां पंडित जवाहर लाल नेहरु मेडिकल कॉलेज परिसर में मरीजों के लिए समाजसेवी संस्था रोटरी क्लब द्वारा निर्मित रोटरी कास्मो डी. पी. वार्ड का लोकार्पण करते हुए यह जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि क्लब द्वारा लगभग एक करोड़ 10 लाख रुपए की लागत से निर्मित तीन मंजिला सर्वसुविधा युक्त इस वार्ड में मरीजों के लिए 60 बिस्तरों की व्यवस्था की गयी है। मरीजों के परिजनों के ठहरने के लिए एक बड़े हॉल का निर्माण भी किया गया है। इस वार्ड में ऐसे मरीजों को रखा जाएगा जिन्हें इलाज के दौरान दो-तीन दिन या एक सप्ताह के अंतराल के बाद फिर से उपचार की जरुरत होती है। लोकार्पण समारोह में रोटरी क्लब ऑफ रायपुर कॉस्मोपॉलिटन द्वारा इस अवसर पर मुख्यमंत्री के समक्ष छत्तीसगढ़ के नक्सल समस्या वाले इलाकों के बच्चों के लिए राजधानी रायपुर में 'रोटरी स्कूल ऑफ एक्सीलेंस' प्रारंभ करने का प्रस्ताव रखा गया। संस्था के पदाधिकारियों ने इसके लिए मुख्यमंत्री से जमीन उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने रोटरी क्लब की इस रचनात्मक पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस समाजसेवी संस्था ने अपने सामाजिक दायित्वों को गंभीरता से समझा है और पीढ़ियों के निर्माण की चिंता की है। नक्सल समस्याग्रस्त क्षेत्रों के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने और रोजगार से जोड़ने की सोच बहुत अच्छी है। राज्य सरकार की भी यही मंशा है। शासन और समाज दोनों मिलकर इस उद्देश्य को पूरा कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने रोटरी क्लब द्वारा प्रस्तावित इस केन्द्र के लिए जल्द से जल्द नियमानुसार जमीन उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया। लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता स्वास्थ्य मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने की। स्कूल शिक्षा और लोक निर्माण मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत तथा नगर निगम रायपुर की महापौर श्रीमती किरणमयी नायक विशेष अतिथि के रुप में समारोह में उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री ने डी.पी. वार्ड के निर्मित भवन की प्रशंसा करते हुए इसके लिए रोटरी क्लब को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने समारोह में बताया कि राज्य के दक्षिण बस्तर जिले के दंतेवाड़ा में विकसित किए जा रहे एशिया के सबसे बड़े शिक्षा केन्द्र में छात्र-छात्राओं को स्कूल और कॉलेज स्तर शिक्षा के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। इस केन्द्र में 5वीं, 8वीं, 10वीं, 12वीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों को रोजगार के अवसर से जोड़ने के लिए आजीविका कॉलेज (लाइवलीहुड कॉलेज) भी प्रारंभ किया गया है। वहां बीच में ही स्कूल-कॉलेज की पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को विभिन्न व्यवसायों में छह माह का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है और उन्हें रोजगार मुहैया कराया जाता है। वर्तमान में लगभग बारह सौ बच्चे यहां अध्ययनरत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में दंतेवाड़ा के इस शिक्षा केन्द्र में पांच हजार बच्चों के अध्ययन और प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी। डॉ. रमन सिंह ने बताया कि रायपुर, बिलासपुर, कांकेर, जगदलपुर, राजनांदगांव, बीजापुर और सुकमा में नक्सल प्रभावित क्षेत्र के बच्चों के लिए शिक्षा और प्रशिक्षण के केन्द्र प्रारंभ किये गये हैं। उन्होंने बताया कि आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा रायपुर में 'प्रयास' संस्था में नक्सल प्रभावित क्षेत्र के लगभग तीन सौ बच्चों का चयन कर उन्हें विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रशिक्षण दिया गया। पिछले वर्ष इनमें से 151 बच्चों का चयन ए.आइ.ईईई, एन.आई.टी.आई.आईटी.सहित विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए हुआ। डी.पी. वार्ड के लोकार्पण समारोह में रोटरी क्लब ऑफ रायपुर कॉस्मोपॉलिटन के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर डॉ. अशोक अग्रवाल, डी.पी. वार्ड परियोजना के चेयरमेन रमेश राव, डॉ. जवाहर सूरी शेट्टी, क्लब प्रेसिडेंट आशीष अग्रवाल ने भी अपने विचार प्रकट किए। संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. सुबीर मुखर्जी और मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. ए.के. शर्मा सहित क्लब के अनेक पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे।

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