Tuesday, April 7th, 2020

धारा 377 के खिलाफ़ सरकार ने डाली रिव्यू पिटिशन

images (16)आई एन वी सी,

दिल्ली,

बहुचर्चित और बेहद विवादास्पद समलैंगिकता को अपराध मानने वाली संविधान की धारा 377 को सही ठहराने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ आज केंद्र सरकार ने रिव्यू पिटीशन डाली है। ग़ौरतलब है कि,सुप्रीम कोर्ट ने धारा 377 पर दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को पलट दिया था। दरअसल, दिल्ली हाईकोर्ट ने समलैंगिकता को अपराध मानने वाली इस धारा को रद्द कर दिया था। जैसे ही ये समाचार आया था तब सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर कई शहरों में प्रदर्शन भी हुए। इतना ही नहीं सोनिया गांधी और राहुल गांधी से लेकर केन्द्र सरकार के तमाम बड़े मंत्रियों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर खुलकर असंतोष ज़ाहिर किया था। और अब केंद्र सरकार ने इस दिशा में एक कदम आगे बढा‌ते हुए फैसले के खिलाफ रिव्यू पिटीशन डाली है। कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने ट्वीट करके कहा है कि सरकार ने धारा 377 पर रिव्यू पिटीशन दाखिल की है। उम्मीद है निजी पसंद का अधिकार संरक्षित रहेगा।

इसी तरह बीजेपी ने संकेत दिया है कि समलैंगिक संबंधों को अपराध ठहराने वाली धारा 377 को पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर उसका रुख अभी खुला है। सीनियर बीजेपी नेता अरुण जेटली का कहना है कि इस मामले पर बहस अभी पूरी नहीं हुई है और बीजेपी इस बारे में बाद में अपना रुख साफ करेगी। गौरतलब है कि पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह समेत कई बीजेपी नेता सुप्रीम कोर्ट के फैसले का खुलकर समर्थन कर चुके हैं। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली ने कहा, 'अगर आप मामले को देखें तो मुझे नहीं लगता कि बहस खत्म हो चुकी है। अदालत ने सिर्फ धारा की वैधता को सही ठहराया है। इस धारा के तहत क्या आता है और क्या नहीं आता है, इसे लेकर इसे लेकर कोई स्पष्टता नहीं है। इसलिए सरकार आगे बढ़े और रास्ता निकाले।'

अब देखना है कि केंद्र सरकार के द्वारा दायर इस रिव्यू पिटिशन पर उच्चतम न्यायालय का रूख क्या होता है?

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