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देहरादून,
बुधवार को पुलिस लाईन में ^^Say No To Drugs” अभियान के तहत यूथ कान्क्लेव 2016 का आयोजन किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ‘‘नो ड्रग्स-उत्तराखण्ड पुलिस इनिसिएटिव’’ मोबाईल एप लांच किया और उपस्थित हजारों स्कूली छात्र-छात्राओं को ड्रग्स के खिलाफ जंग के लिए शपथ दिलाई।
मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि नशे के खिलाफ जंग में हमें हर हाल में जीतना होगा। अपने देश के लिए, अपने समाज के लिए। अपने आज के लिए और अपने कल के लिए। पुलिस लाईन में ^^Say No To Drugs” अभियान के तहत आयोजित यूथ कान्क्लेव में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि नशे के खिलाफ जंग में युवाओं की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। यह लड़ाई केवल पुलिस की नहीं बल्कि हम सभी की है। छात्र-छात्राओं, अभिभावकों, शिक्षण संस्थानों सभी को अपनी जिम्मेवारी निभानी होगी। नशे की लत को अपने स्कूल, कालेज, मोहल्ले या आसपास न आने दें। जो साथी इस लत का शिकार हो चुके हैं, उन्हें समझाएं।
मुख्यमंत्री श्री रावत ने उत्तराखण्ड पुलिस को ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई को लगातार जारी रखने को कहा। नशे के व्यापारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए। प्रचार-प्रसार व जनजागरूकता के लिए लघु फिल्मों व कलाकारों का सहयोग लिया जाए। मुख्यमंत्री श्री रावत ने नशा छोड़ने मे सफल रहे राहुल भारद्वाज को सम्मानित किया।
गृह मंत्री प्रीतम सिंह ने कहा कि देहरादून शिक्षा का हब है। इसे नशे से बचाना होगा। यह हम सभी की जिम्मेवारी है। ड्रग्स का कारोबार करने वालों को पहचानकर कड़ी कार्यवाही करनी होगी।
पुलिस महानिदेशक बी.एस. सिद्धू ने बताया कि अप्रैल 2015 में मुख्यमंत्री श्री रावत ने नशे के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। पिछले दस माह में अकेले देहरादून जनपद में 1.5 करोड़ रूपए से अधिक मूल्य की ड्रग्स जब्त की गई है जबकि नशे के कारोबार में संलिप्त 288 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। उत्तराखण्ड पुलिस की ड्रग्स की खिलाफ मुहिम लगातार जारी रहेगी। विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को जागरूक किया जा रहा है। बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री रावत द्वारा लांच किए गए मोबाईल एप में ‘‘काॅल पुलिस हेल्प’’, ‘‘काॅल वूमेन हेल्प’’, ‘‘काॅल एम्बुलेंस’’, ‘‘रिपोर्ट ए ड्रग एक्टीवीटी’’ के विकल्प उपलब्ध हैं।
^^Say No To Drugs” अभियान में उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा सोशल मीडिया का भी सहारा लिया जा रहा है। इसमें वाट्सएप नम्बर 9997233033, फेसबुक/Doon Police  ट्विटर@doon_police पर भी जाकर इस अभियान में शामिल हो सकते हैं।

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