Friday, April 3rd, 2020

देश को आज दुनिया में आगे जाने के लिये धर्मनिरपेक्षता और सरदार पटेल की मानसिकता की ज़रुरत है ना कि ' वोट बैंक की राजनीति 'की :नरेंद्र मोदी

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केवडिया,

गुरुवार को गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल के लिये किसी भी किस्म की बपौती कहने और मानने वाले मुद्दोँ पर विराम लगाते हुए  एक सच्चे धर्मनिरपेक्ष के रूप में पटेल की पहचान करने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया ' किसी भी एक पार्टी के साथ पटेल जी को बांधना सर्वथा अनुचित है ', मोदी ने कहा। इसी के साथ पटेल की विरासत पर विवाद को खारिज कर दिया ।उन्होंने जोर देकर कहा कि देश को आज दुनिया में आगे जाने के लिये  धर्मनिरपेक्षता और  सरदार पटेल की मानसिकता की ज़रुरत है ना कि  ' वोट बैंक की  राजनीति 'की। नर्मदा ज़िले के केवडिया ज़िले में भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की 183 मीटर लंबी लोहे की ''एकता की प्रतिमा'' की नींव रखे जाने के समारोह में एक सभा को संबोधित करते हुए मोदी ने ये बात कही। मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री से कई बार अनुरोध करने  के बावजूद , सरदार सरोवर बांध पर फाटक का निर्माण नहीं किया गया । इस राजनीति खेल और गुजरात के खिलाफ भेदभाव की वजह से इतना विलंब हो रहा है, चाहे तो केंद्र सरकार और कांग्रेस इस काम के लिए सारा श्रेय ले सकती है , लेकिन बिना किसी देर किये  उन्हेँ गेट का निर्माण करना चाहिए। 29 अक्टूबर को प्रधानमंत्री की टिप्पणी कि पटेल कांग्रेसी थे के लिए मोदी ने उन्हेँ आढ़े हाथोँ लेते हुए कहा कि '' हम राणा प्रताप , छत्रपति शिवाजी , भगत सिंह , सुखदेव , राजगुरु का अत्यधिक सम्मान करते हैं, वे सभी क्या भारतीय जनता पार्टी के सदस्य थे " ?'' क्या उन्हेँ सिर्फ इसीलिये आदर और सम्मान दिया जाना चाहिये क्योंकि वे भाजपा के हैं? देश पार्टी से बड़ा है और देश के लिए खुद का बलिदान करने वाले सबसे महान हैं। " उन्होंने कहा  की कोई भी इस बात नहीं नकार सकता कि पटेल किस पार्टी के थे लेकिन उनका कद और रूतबा ऐसा था कि वे सभी लोगोँ द्वारा समान रूप  से सम्मानित किये जाते हैं। "हमेँ अपनी विरासत को विभाजित नहीं करना चाहिए , " मोदी ने ज़ोर देकर कहा कि'' मैं प्रधान मंत्री जी की प्रशंसा करूंगा कि उन्होने पटेल जी को सच्चा धर्मनिरपेक्ष कहा'' , हम भी पटेल जी को सही मायने में धर्मनिरपेक्ष मानते हैं। आज हमारे  देश को पटेल की धर्मनिरपेक्षता की ज़रूरत है ना कि धर्मनिरपेक्ष वोट बैंक की । वे सच्चे धर्मनिरपेक्ष थे लेकिन फिर भी उनकी धर्मनिरपेक्षता सोमनाथ मंदिर के निर्माण के रास्ते में नहीं आई थी। प्रधानमंत्री जी , देश को आज ऐसी धर्मनिरपेक्षता की ज़रूरत है जो देश को एकजुट करे ना कि अलग करे। "मोदी ने कहा कि  पटेल जी ने  देश को एकीकृत करते वक़्त शासकों ,विभिन्न धर्मों , समुदायों , परंपराओं और भाषाई भेदभाव को कभी भी नहीं माना था। भीमराव अम्बेडकर का उदाहरण देते हुए मोदी ने कहा कि वह दलितों के लिए एक भगवान की तरह थे,लेकिन उनके जीवन और उनके संघर्ष सभी के लिए एक प्रेरणा के रूप में समान रूप से याद किये जाते हैं। मोदी ने सभी धर्मनिरपेक्ष' दलों पर हमला करते हुए महात्मा गांधी का उदाहरण दिया " गांधी जी ने अस्पृश्यता समाप्त करने के लिए संघर्ष किया था, लेकिन आज भी एक और अस्पृश्यता अभी भी मौजूद है और वो है राजनीतिक अस्पृश्यता, हमेँ इसे खत्म करने की जरूरत है। "पटेल की विरासत पर अपना अपना मालिकाना हक़ साबित करने के लिए पार्टियों के बीच चल रही खींचतान का ज़िक्र करते हुए मोदी ने कहा , " किसी एक पार्टी या किसी संगठन को इस तरह के झगड़े से राजनीतिक फायदा मिल सकता है लेकिन इससे देश के गौरव को चोट लगी है।" ''जब मैंने  गांधी जी के नाम पर ''महात्मा मंदिर'' बनाने की बात की थी तब तो किसी ने भी ये नहीं कहा कि किसी भाजपा नेता यह नहीं करना चाहिए और ना ही किसी ने उन्हे " चुनौती दी ",फिर ये बहस अब क्योँ ? " उन्होंने पूछा। मोदी ने इस अवसर पर अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को गरिमा प्रदान करने के लिए आडवाणी को धन्यवाद दिया। इससे पहले, अपने भाषण में आडवाणी ने कहा कि  प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में उनकी पार्टी द्वारा चुने हुए व्यक्ति द्वारा इस परियोजना के उद्घाटन के अवसर पर उपस्थित होने में मुझे बड़ी खुशी हो रही है,ये कहकर उन्होने मोदी की प्रशंसा की।

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