Saturday, August 8th, 2020

देश की सबसे बेहतर निवेश प्रोत्साहन योजना होगी राजस्थान की

आई एन वी सी न्यूज़
जयपुर,

उद्योग व राजकीय उपक्रम मंत्री श्री परसादी लाल मीणा ने देश की सबसे अधिक सरल, सहज, औद्योगोन्मुखी व रोजगारपरक औद्योगिक नीति प्रदेश में लाने की घोषणा करते हुए कहा किराजस्थान की निवेश प्रोत्साहन योजना देश के किसी भी राज्य से सबसे बेहतर रिप्स योजना होगी और उद्योगों को उसमें अधिक से अधिक रियायतें होंगी।

 उद्योग व राजकीय उपक्रम मंत्री श्री मीणा बुधवार को सीतापुरा के जेईसीसी में जयपुर संभाग की उद्योग विभाग-एक संवाद कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार पहल बार उद्योगपतियों से संभाग स्तर पर जाकर सीधे संवाद कायम कर रही है। उद्योगों को परमिशन की आवश्यकता नहीं जैसे निर्णय को अन्य प्रदेश मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलाते का जादू मानकर चल रहे है। हमने उद्यमियों की पीड़ा को समझा है और उसी को दूर करने के लिए हमनें प्रयास किया है। मुख्यमंत्री श्री गहलोत का फोकस उद्योग विभाग पर रहा है। यही कारण है कि उन्होंने सकारात्मक सोच के साथ उद्योगों के लिए अधिक से अधिक रियायतें व सुविधाएं देने की पहल की।

 उन्होंने बताया कि सरकार के एक साल पर उद्यमियों को उद्योग नीति, रिप्स नीति, वन स्टॉप शॉप जैसे तोहफे देने जा रही है। उन्होंने अधिकारियों व इससे जुड़ी संस्थाओं को कार्यप्रणाली में बदलाव लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रीको क्षेत्र में सीवरेज, पानी, सड़क, लाइट जैसी समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। सीतापुरा में सीईपीटी प्लांट लगाने के लिए रीको को निर्देश दिए। उन्होंने उद्यमियों को विश्वास दिलाया कि औद्योगिक विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी। सीधा संवाद भी इसी लिए किया जा रहा है। अगले छह माह में काफी बदलाव दिखाई देगा।

 श्री मीणा ने सीतापुरा एसोसिएशन की मांग के अनुसार क्लब हाउस के लिए भूमि देने की घोषणा की और मौके पर ही बात की । उन्होंने बीसलपुर के पानी के लिए प्रतापनगर व सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने के लिए डीपीआर तैयार कराने के निर्णय की जानकारी भी दी।
इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल ने कहा कि जहां एक और अन्य प्रदेशों में उद्योग स्थापना के लिए विभिन्न अनुमतियों के लिए ईओडीबी के तहत समय सीमा तय है वहीं राजस्थान में सरकार ने इसे 3 साल के लिए पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इससे पहले नए उद्योगों को 17 विभागों से 104 अनुमतियां प्राप्त करनी होती थी। अब किसी विभाग के कोई अधिकारी निरीक्षण के लिए नहीं जाएंगे।

डॉ. अग्रवाल ने कहा कि उद्योग विभाग-एक संवाद के तहत संभागीय संवादों में रीको, विद्युत, प्रदूषण बोर्ड, पानी, रेवेन्यू से संबंधित समस्याएं सामने आई है। उन्होंने कहा कि प्राप्त समस्याओं का समाधान समयवद्ध कार्ययोजना बनाकर कराना शुरु कर दिया है।

आयुक्त उद्योग श्री मुक्तानन्द अग्रवाल ने कि सरकार प्रदेश में निवेश के अनुकूल वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन में एमएसएमई की प्रमुख भूमिका को देखते प्रक्रिया को सरल व सहज बनाया गया है। उद्यमियों की समस्याओं के समयवद्ध समाधान का रोडमेप बनाया गया है।

राजस्थान चैम्बर ऑफ कॉमर्स के मानद सचिव डॉ. केएल जैन ने कहा कि कुएं के प्यासे के पास जाने का यह पहला अवसर है।सीतापुरा औद्योगिक एसोसिएशन के संरक्षक श्री सुभद्र पापड़ीवाल ने स्वागत करते हुए सीतापुरा मेें क्लब हाउस के लिए जगह दिलाने, बीसलपुर लाइन से पानी की उपलब्धता सहित विभिन्न सुझाव दिए। अध्यक्ष श्री संजीव गुप्ता व सचिव श्री नीलेश अग्रवाल ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए व राज्य सरकार की पहल का स्वागत किया।

 ब्रीज फायनेन्स, सुविधा परिषद को पावरफुल बनाने, एमएसएमई इकाइयों के उत्पादों को राजसिको के माध्यम से सिंगल टैण्डर पर सरकारी खरीद की व्यवस्था, उद्योगों से संबंधित संस्थाओं में औद्योगिक संघों के प्रतिनिधियों को नामित करने, सीईपीटी व्यवस्था, औद्योगिक क्षेत्रों में सीवर की व्यवस्था, ईएसआई हॉस्पिटल, फोरलेन कनेक्टिविटी, इलेक्टि्रक वाहनों के लिए चार्जिंग सिस्टम डवलप करने के लिए अनुदान आदि की व्यवस्था के सुझाव दिए। डंपिंग यार्ड की व्यवस्था, फेल्सपार, खाली भूखण्डों पर निर्णय करने, कन्वर्जन व्यवस्था को सरल बनाने, एमएसएमई को भी केडिट कार्ड देने,भिवाडी-निमराना में गैस कनेक्शन जारी करने, पंजाब की तरह गैस पर दस प्रतिशत के स्थान पर 3 प्रतिशत गैसवेट करने, औद्योगिक क्षेत्रों में ईएसआई अस्पताल आवश्यकता के अनुसार खोलने, डंपिंग यार्ड, नीमराना में यमुना से पानी लाने, वेयर हाउस को उद्योग का दर्जा देने, विद्युत दर कम करने आदि के सुझाव दिए।

संयुक्त निदेशक श्री एसएस शाह, बीआईपी के अमित बोहरा ने प्रस्तुतिकरण दिए। उद्योग विभाग एक संवाद में संभागीय आयुक्त श्री केसी वर्मा, जिला कलक्टर, जयपुर श्री जोगाराम, दौसा कलक्टर, श्री अविचल चतुर्वेदी, एमडी आरएफसी श्रीमती उर्मिला राजोरिया, बीडा के मुख्यकारी श्री निलाभ सक्सैना, रीको के महाप्रबंधक इन्फ्रा श्री पुखराज सेन और जयपुर संभाग के 40 से अधिक औद्योगिक संघों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

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