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Saturday, December 5th, 2020

देश की रक्षा के लिए बलिदान करने वाले शहीदों की शहादत को सदैव याद किया जाएगा - प्रतिभा देवी सिंह पाटील

आई.एन.वी.सी,, जयपुर, , राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटील ने कहा है कि देश की रक्षा की खातिर अपने प्राणों का बलिदान करने वाले शहीदों की शहादत को सदैव याद किया जाएगा।  हम सभी शहीद के परिजनों के दुखज् दर्द में भागीदार बनकर उनके दुखज् को कम करने का प्रयास करें और समय पर उनकी जरूरतों को पूरा करने में सहयोग भी करें। उन्होंने कहा कि वीरों के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धाजंलि यही होगी कि हम शहीद सैनिकों की विधवाओं को समान देकर उनके बच्चों की शिक्षा-दीक्षा और देखभाल का भी उचित प्रबंध करें। राष्ट्रपति मंगलवार को झुंझुनूं जिले के लाखू गांव में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के उप कमांडेन्ट शहीद सत्यवान सिंह यादव की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद आयोजित समारोह को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि राजस्थान की वीर प्रसूता भूमि अपनी आन,बान, शान, भçक्त और परोपकार के लिए जानी पहचानी जाती है। यहां का इतिहास  साहस, शौर्य और शçक्त के साथ ही त्याग और बलिदान के असंय उदाहरणों से भरा पड़ा है। इस भूमि ने देश को असंय वीर और वीरांगनाएं दी हैं, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर किया है। उन्होंने कहा कि शहीद जवानों की विधवाओं के कौशल विकास पर भी ध्यान देकर उन्हें उचित प्रशिक्षण दिलवाकर रोजगार भी उपलब्ध कराना होगा। राष्ट्रपति ने शेखावाटी की वीर प्रसूता भूमि के सभी शहीदों को श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुए कहा कि लाखू के शहीद सत्यवान सिंह यादव भी उन वीर शहीदों में से हैं, जिन्होंने छतीसगढ़ में नक्सलवाद विरोधी कार्यवाही के दौरान वीरता और बहादुरी से कई नक्सलवादियों को मार गिराने के बाद अपने प्राणों का बलिदान दिया है। यहां के जवानों ने देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए अपने प्राणों का जो उत्सर्ग किया है, उसे देश कभी भुला नहीं पाएगा। यह एक संयोग की बात ही है कि शहीद सत्यावान सिंह यादव के साथ जिले के सपत लाल और बजरंग लाल मीणा भी एक साथ वीरगति को प्राप्त हुए। उन्होंने कहा कि इन सभी के बलिदान को न केवल राजस्थान वरन् पूरा देश कृतज्ञता के साथ सदैव याद रखेगा। उन्होंने उन सभी जवानों को भी नमन किया जो अलग-अलग राज्यों से और अलग-अलग सुरक्षा बलों में तैनात थे, जिन्होंने नक्सलवाद विरोधी कार्यवाही में अपना बलिदान दिया है। राष्ट्रपति ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने आंतरिक सुरक्षा में देश की गौरवपूर्ण सेवा की है और जवानों ने नक्सलवाद को कम करने में वीरता से लड़ते हुए अपने प्राणों की आहूति देकर देश को सुरक्षित रखने का दायित्व पूरा किया है। उन्होंने देश की सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था के रख रखाव में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की महिला बटालियनों द्वारा पुरूषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करने की सराहना की। उन्होंने ऐसे वीर सैनिकों व वीरागंनाओं को भी नमन करते हुए कहा कि आतंकवाद भारत व विश्व की सुरक्षा और शांति के लिए ख़तरा है। देश में नक्सलवाद भी एक बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। हमें यह याद रखना होगा कि विकास के लिए शांति और स्थाईत्व जरूरी है। उन्होंने कहा कि अब हमें यह भी समझना होगा कि हिंसा के मार्ग पर चलकर कुछ भी प्राप्त नहीं किया जा सकता है। हिंसा केवल विनाश और पीड़ा को निमंत्रण देती है। उन्होंने देश हित में हिंसा के रास्ते पर चलने वाले लोगों से शांति का मार्ग अपनाने की अपील की ताकि देश में भाईचारा बना रहे। राष्ट्रपति ने युवाओं को देश का भविष्य निर्माता बताते हुए आह्वान किया कि वे तकनीकी ज्ञान प्राप्त करके अपने भविष्य का मार्ग प्रशस्त करें। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे उच्च शिक्षा प्राप्त करके नैतिक मूल्यों को आत्मसात करें और अच्छे इंसान बनकर बढ़-चढ़कर देश की रक्षा के लिए सशस्त्र सेना और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल जैसे अद्धü सैनिक बल में भतीü होने का प्रयास करें। उन्होंने मातृभूमि की सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताया। समारोह में राज्यपाल श्री शिवराज वी. पाटील ने कहा कि राजस्थान कर्मवीरों और देश के लिए लड़ने वाले शूरवीरों की भूमि है। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले सत्यवान यादव जैसे वीर शहीदों को सदैव याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आतंकवाद मनुष्य के संकुचित दृष्टिकोण का प्रतीक है और कभी-कभी लोगों का अज्ञान भी उन्हें आतंकवादी बना देता है। उन्होंने कहा कि सरकार आतंकवाद को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन सरकार के साथ-साथ हम सभी की यह जिमेदारी है कि ऐसा कोई कार्य नहीं करें, जिससे आतंकियों को संरक्षण मिले और हमारे सैनिकों का हौसला कमजोर हो। मुयमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि उन्हें एक ऐसे प्रदेश का मुयमंत्री होेने का गर्व है, जहां घर-घर में देशभçक्त का जज्बा रखने वाले लोग मौजूद हैं।  उन्होंने कहा कि शेखावाटी के जवान हमेशा देश की आन, बान और शान के लिए मर-मिटने को तैयार रहे हैं। उन्होंने कहा कि शहीद सत्यवान ने जिस वीरता और साहस के साथ देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है, वह हमेशा आने वाली पीçढयों को प्रेरणा देता रहेगा और उनकी शहादत इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगी। उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले ऐसे जवानों की कहानियां सुनकर देश के नौजवान भी देश की सेवा का संकल्प लेंगे। उन्होंने कहा कि शहीद का जीवन अनमोल होता है और package से उनके जीवन का मोल नहीं चुकाया जा सकता है लेकिन सरकार शहीद परिवार के प्रति अपना समान प्रकट करने के लिए अपना हर संभव प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि शहीद परिवारों की मदद करने में सरकार ने कोई कोर-कसर नहीं रखी  है और आगे भी उनकी हर संभव मदद की जाएगी। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान उन्होंने भ्6 शहीदों की अंत्येष्टि में शरीक होकर शहीदों की शहादत को नमन किया है। मुयमंत्री ने कहा कि शेखावाटी में सैनिक school बनवाने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा और इसमें जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग अपेक्षित है। क्षेत्रीय सांसद श्री शीशराम ओला ने शहीद को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि यहां के जांबाज सिपाहियों ने हर युद्ध क्षेत्र में अपनी वीरता और साहस का परिचय देकर जिले ही नहीं बल्कि देश का नाम रोशन किया है।  उन्होंने कहा कि सेना में सर्वाधिक भागीदारी देने वाला यह जिला अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार शहीद के परिजनों के दुज्ख-दर्द को कम करने के लिए सदैव उनके साथ है। इससे पूर्व शहीद के बड़े भाई श्री सुमेर सिंह यादव ने राष्ट्रपति सहित सभी अतिथियों का स्वागत किया। समारोह में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री श्री भंवर जितेंद्र सिंह, शिक्षाविद श्री देवीसिंह शेखावत, ऊर्जा मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह, गुड़गांव के सांसद राव इंद्रजीत सिंह, सहकारिता राज्य मंत्री श्री बृजेंद्र सिंह ओला, संभागीय आयुक्त श्री मधुकर गुप्ता, जिला कलक्टर श्री जोगा राम, जिला पुलिस अधीक्षक श्री शिवलाल जोशी, अपर कलक्टर डॉ हर सहाय मीणा सहित बड़ी संया में प्रशासनिक व पुलिस के अधिकारी तथा जनप्रतिनिधि व ग्रामीणजन और शहीद के परिजन उपस्थित थे।

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