Close X
Thursday, February 25th, 2021

दिल्ली-एनसीआर में किसानों का बवाल 

राजधानी दिल्ली में किसानों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। इस बीच दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में रात 12 बजे तक इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी गई है। सूत्रों के मुताबि, पुलिस को इंटरनेट के सहारे अफवाहों को फैलाकर स्थिति और बिगाड़ने की कोशिश की जा सकती है। इस तरह के किसी प्रयास पर रोक लगाने के लिए नांगलोई, सिंघु बॉर्डर, यूपी गेट, टिकरी, गाजीपुर बॉर्डर, मुकरबा चौक जैसे  इलाकों में इंटरनेट बंद कर दिया गया है। इस वजह से इन इलाकों में आम लोगों को इस वजह से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

गृहमंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि इंडियन टेलिग्राफ एक्ट, 1885 की धारा 7 के तहत और जनसुरक्षा स्थापित करने और आवश्यक होने की वजह से सिंघु, गाजीपुर, टिकरी, मुकरबा चौक, नांगलोई और दिल्ली से जुड़े इलाकों में 26 जनवरी को रात 11: 59 तक इंटरनेट सेवा पर रोक लगाई जा रही है।

टेलिकॉम ऑपरेटर्स की ओर से अपने ग्राहकों को इस संबंध में मैसेज भेजे जा रहे हैं। इनमें कहा गया है, ''सरकार के निर्देश के अनुसार आपके क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं अस्थाई रूप से बंद कर दी गई हैं, जिसके कारण आप इन सेवाओं का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। ये सेवाएं सरकार से निर्देश मिलने के बाद ही शुरू हो जाएंगी।''

दिल्ली में मंगलवार को किसानों के ट्रैक्टर मार्च में बवाल हो गया। लाल किले के आसपास जमा हुए किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। वहां से किसानों को निकालने की कोशिश की जा रही थी, तभी उन्होंने उपद्रव और तोड़फोड़ शुरू कर दी। पुलिस को उन्हें हटाने के लिए सख्ती बरतनी पड़ी। तनाव बढ़ता देख इलाके में इंटरनेट बंद कर दिया गया, ताकि अफवाहें नहीं फैलें। अभी भी सैंकड़ों प्रदर्शनकारी लाल किला परिसर में मौजूद हैं।

सरकार ने सिंघु, टीकरी, गाजीपुर बॉर्डर के साथ ही मुकरबा चौक और नांगलोई इलाके में भी इंटरनेट बंद कर दिया है। ये सभी ऐसे पॉइंट हैं, जहां से किसान आंदोलन चल रहा है। उधर, दिल्ली मेट्रो प्रबंधन ने ITO, दिलशाद गार्डन, झिलमिल, मानसरोवर पार्क और जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए हैं।
संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा, 'हमारी तमाम कोशिशों के बावजूद कुछ संगठनों और लोगों ने तय रूट तोड़ा और गलत कामों में शामिल हो गए। प्रदर्शन में असामाजिक तत्व घुस आए, नहीं तो आंदोलन शांतिपूर्ण चल रहा था। हमने हमेशा शांति बनाए रखी, जो हमारी सबसे बड़ी ताकत थी और इसके उल्लंघन से आंदोलन कमजोर हो सकता है।'
इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने लाल किले पर पहुंच कर खालसा पंथ और किसान संगठनों के झंडे फहरा दिए। जहां स्थायी रूप से तिरंगा लगा रहता है, वहां भी प्रदर्शनकारियों ने अपने झंडे लहराए। हालांकि, तिरंगे को नहीं हटाया। (पूरी खबर यहां पढ़ें)

ट्रैक्टर पलटने से किसान की मौत

ITO के पास ट्रैक्टर पलटने से एक किसान की मौत हो गई। प्रदर्शनकारी शव रखकर धरने पर बैठ गए हैं। इससे पहले प्रदर्शनकारी आंध्रा एजुकेशन सोसायटी में घुस गए और गार्ड को बंधक बना लिया। पुलिस ने बताया कि किसानों को सोसायटी में CCTV लगे होने का शक था। इसी के चलते उन्होंने गार्ड को बंधक बना लिया।

लाठीचार्ज, पथराव में कई किसान और पुलिसकर्मी घायल

ITO पर पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज कर दिया तो किसानों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। झड़प में कई किसान और पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। किसानों ने ट्रैक्टर दौड़ा दिए, तो पुलिस को पीछे हटना पड़ा। पुलिसकर्मी भागकर आस-पास की इमारतों में घुस गए और वहां से किसानों पर आंसू गैस छोड़ी।


पुलिस का दावा- निहंगों ने तलवार से हमले की कोशिश की

इससे पहले गाजीपुर बॉर्डर से निकले किसानों को पुलिस ने नोएडा मोड़ पर रोक दिया और आंसू गैस के गोले छोड़े। किसानों ने भी पुलिस पर पथराव कर दिया और गाड़ियों में तोड़फोड़ की। पुलिस का दावा है कि किसानों ने पांडव नगर पुलिस पिकेट पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की। पुलिस ने यह भी कहा कि निहंगों ने तलवार से पुलिसकर्मियों पर हमले की कोशिश की पीएलसी।PLC.

Comments

CAPTCHA code

Users Comment