Monday, August 10th, 2020

दिल्लीवालों ने कोरोना के खिलाफ जबर्दस्त युद्ध छेड़ा

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि दिल्लीवालों ने कोरोना के खिलाफ जबर्दस्त युद्ध छेड़ा हुआ है। इस युद्ध में हमारे पांच अहम हथियार हैं जिनकी मदद से दिल्ली इस युद्ध को हर हाल में जीतकर रहेगी और काफी हद तक हमने इसमें सफलता भी पाई है।

केजरीवाल ने कहा कि पिछले 1 सप्ताह में बेड्स की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। अभी दिल्ली में 13500 बेड्स मौजूद हैं, जिनमें से 6500 पर मरीज हैं। साथ ही, प्रतिदिन 20000 टेस्ट किए जा रहे हैं। मैं केंद्र सरकार को हमें आवश्यक टेस्ट किट प्रदान करने के लिए धन्यवाद देता हूं। जून के पहले हफ्ते में जहां दिल्ली में 5,000 टेस्ट रोज हो रहे थे, वहीं आज 20,000 टेस्ट रोज हो रहे हैं।

कोरोना के खिलाफ युद्ध में दिल्ली सरकार के 5 हथियार  

1. अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाई

2. बड़े स्तर पर टेस्टिंग और आइसोलेशन किया गया

3. ऑक्सीमीटर और ऑक्सिजन कॉन्सेंट्रेटर दिए गए

4. प्लाज्मा थेरेपी से इलाज किया गया

5. सर्वे और स्क्रीनिंग

केजरीवाल ने कहा कि कोरोना के खिलाफ हमारी लड़ाई मार्च के महीने में शुरू हुई थी। मार्च में जब पूरी दुनिया में कोरोना फैला हुआ था और जिन देशों में सबसे ज्यादा फैला हुआ था वहां रह रहे भारतीयों ने कहा कि वह अपने देश वापस आना चाहते हैं। मार्च में खासतौर से उन देशों से जहां कोरोना ज्यादा फैला था वहां से 35,000 लोग दिल्ली आए। यह सब लोग अपने घर चले गए क्योंकि उन दिनों जानकारी कम थी और गाइडेंस भी कम थी।

उनकी स्क्रीनिंग हुई और जिसको बुखार हुआ उनको अस्पतालों में भर्ती किया। इनके घर जाने के बाद कोरोना फैला। उसके बाद लॉकडाउन हुआ तो कोरोना कम फैला। 15 मई के आसपास से कोरोना तेजी से फैलने लगा और जून के महीने में उम्मीद से ज्यादा तेजी से फैलने लगा। आखिर में सरकारों ने प्लान बनाया कि लॉकडाउन खोलकर कोरोना से लड़ना पड़ेगा। इसके अलग अलग प्लान बनाया गया।

जून के महीने में जब बेड की दिक्कत हुई तो मौत का आंकड़ा बढ़ने लगा। इसके बाद सरकार का पहला प्लान था अस्पताल में बेड बढ़ाना। हमने अस्पतालों में पिछले 1 महीने में बड़े स्तर पर बेड्स का इंतजाम किया है। हमने निर्णय लिया कि दिल्ली के सभी बड़े अस्पतालों में 40 फीसदी बेड कोरोना मरीजों के लिए रिजर्व किए जाएंगे।

कोरोना डेडिकेटेड अस्पताल बनाए। होटल्स को हॉस्पिटल के साथ जोड़कर उनकी क्षमता बढ़ाई और ऐसा करके 3500 बेड्स बढ़ाए गए। इसके साथ ही राधा स्वामी सत्संग ब्यास में भी अब 2000 बेड्स तैयार हो गए हैं। बुराड़ी अस्पताल में 450 बैड तैयार कर दिए गए हैं। जून के पहले हफ्ते में दिल्ली में अस्पतालों में बेड नहीं मिल रहे थे। आज 13500 में से 7500 बेड्स खाली पड़े हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में लगातार पैर पसार रहे कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए जांच में तेजी लाई जा रही है। हमने टेस्ट करने की क्षमता 4 गुना तक बढ़ा दी है। दिल्ली में शुक्रवार को एक दिन में सबसे ज्यादा 21,144 टेस्ट किए गए। दिल्ली अब आक्रामक टेस्ट और आइसोलेशन की रणनीति अपनाई जा रही है।

बता दें कि दिल्ली कोरोना मामले में देश में दूसरे स्थान पर है। राजधानी में कुल संक्रमण का आंकड़ा 77 हजार 240 पर पहुंच गया है और यह वायरस 2492 मरीजों की जान ले चुका है।PLC.

Comments

CAPTCHA code

Users Comment