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Wednesday, November 25th, 2020

तो आज कई लोग सलाखों के पीछे होते 

भोपाल । कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पर प्रेस वार्ता को संबोधित किया, श्री वर्मा के साथ अजय सिंह (राहुल भैया) तथा अरुण यादव ने भी प्रेस वार्ता को संबोधित किया। श्री वर्मा ने प्रदेश की शिवराज सरकार पर तीखे हमले करते हुए कहा कि यहां मौजूद सभी पत्रकार अच्छे से जानते हैं कि 15 सालों में भाजपा की शिवराज सरकार ने प्रदेश में कितने घोटाले किये, चाहे व्यापम घोटाला हो ईटेंडरिंग हो सिंहस्थ हो, रेत तो जैसे सोना उगल रही। भाजपा के कई लोग हनी ट्रैप मामले में फंस रहे थे|
लगातार 15 सालों तक प्रदेश को दोनों हाथों से लूटने वाले शिवराज फिर जनता के सामने झूठ परोस रहे हैं, उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार कमलनाथ जी के नेतृत्व में जब बनी तब कमलनाथ जी का पहला उद्देश्य अपने वचन पत्र में दिए गए एक एक वचन को पूरा करना था वह पूरी तत्परता से उस काम में भिड़ गए। यदि कमलनाथ सरकार शुरुआत में भाजपा द्वारा किए गए 15 सालों के भ्रष्टाचार की जांच कर लेती तो आज कई लोग सलाखों के पीछे होते।
श्री वर्मा ने कहा कि पिछले 7 महीनों में प्रदेश को दो माफिया फिर से मिल गए हैं एक सबसे बड़ा रेत माफिया शिवराज चौहान जिसके हजारों डंपर बिना नंबरों के चल रहे हैं। दिन रात अवैध रेत उत्खनन का काम हो रहा है, रेत सोना उगल रही है। वही दूसरा माफिया सबसे बड़ा भूमाफिया ज्योतिरादित्य सिंधिया मिला है, जो लगातार ग्वालियर चंबल क्षेत्र की सरकारी और निजी जमीनों पर कब्जे कर रहा है। इसी काम के लिए कांग्रेस की कमलनाथ सरकार को गिराया और अब शिवराज के साथ मिलीभगत करके वह जमीनों का खेल कर रहे हैं।
श्री वर्मा ने कहा कि कमलनाथ सरकार के बनते ही प्रदेश को एक नई उम्मीद दिखाई दी, प्रदेश के किसानों और गरीबों के हित में कमलनाथ ने अपने किए गए सभी वादे पूरे किए कुछ वादे ऐसे थे जिन पर काम चल रहा था। उन्होंने प्रदेश की नई पहचान बनाई, जहां भू माफिया, शराब माफियाओं तथा मिलावटखोरों के खिलाफ पूरे प्रदेश भर में कार्यवाही की जिससे उनकी छवि प्रदेश के लोगों में ऐसी बन गई कि वह जहां जहां भी दौरे पर जाते थे उनको देखने के लिए सड़कों के दोनों ओर लोगों की भीड़ जमा हो जाती थी। कई संभ्रांत परिवारों तथा महिलाएं तक कमलनाथ जी के काफिले को देखने के लिए रोड के पास खड़े हो जाते थे।
प्रदेश में जिस तरह से कमलनाथ ने कार्य किए उससे भाजपा को यह डर बैठ गया था कि कहीं उनके घोटालों की फाइलें खुलना चालू ना हो जाए, इसी डर के कारण शिवराज चैन से नहीं बैठ पाए और केंद्रीय नेतृत्व के साथ मिलकर प्रदेश में लोकतंत्र की हत्या कर दी। धन बल के आधार पर विधायकों की खरीद-फरोख्त कर जनता की सरकार गिरा दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता शिवराज को 2018 के चुनावों में ही रिजेक्ट कर चुकी है और अब उनके सामने एक कर्मवीर मुख्यमंत्री आ चुका है कमलनाथ के रूप में। प्रदेश की जनता आने वाले उपचुनावों में श्री कमलनाथ जी को वोट देगी और कांग्रेस के सभी 28 उम्मीदवार भारी अंतर से विजय प्राप्त करेंगे। PLC.

 

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