विजय सिन्हा

नई दिल्ली. सुखोई-30 विमान को आज तेजपुर वायुसेना अड्डे में एक सांकेतिक समारोह में शामिल कर लिया गया। समारोह की अध्यक्षता वायु सेना की पूर्वी कमान के कमांडिंग- इन-चीफ एयर मार्शल एस.के.भान, पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएम ने किया तथा इस अवसर पर तेजपुर वायुसेना अड्डे के एयर आफिसर कमांडिंग एयर कोमोडोर टी.के. नायर, वायुसेना तथा सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

सुखोई-30 विमान में दो कॉकपिट हैं और इसका बहुमुखी उपयोग है। यह विमान सभी मौसम में उड़ान भर सकता है। हवाई हमलों के दौरान यह विमान दुश्मन पर भारी पड़ सकता है। मूल रूप से रूस में निर्मित इस विमान का इस समय नासिक स्थित हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड में निर्माण किया जा रहा है। इसे पहली बार 1997 में वायु सेना में शामिल किया गया था। तब से भारतीय वायु सेना के अनुकूल बनाने के लिए इसे उन्नत किया गया है।

 तेजपुर हवाई अड्डा की स्थापना ब्रिटिश रॉयल इंडियन एयरफोर्स ने 1942 में द्वितीय विश्व युध्द के दौरान किया था। 1959 में इसे वायु सेना का पूर्ण विकसित हवाई अड्डा बना दिया गया। यह भूटान, चीन, म्यांमार और बंगलादेश के बीच स्थित है। स्थापना के समय से ही यह पूर्वोत्तर में सबसे सक्रिय वायु सैनिक हवाई अड्डा रहा है।

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