Wednesday, November 13th, 2019
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तीन साल के अंदर लगेंगे बिजली के प्रीपेड मीटर

नई दिल्ली । देश के हर घर में बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने के बाद मोदी सरकार का अगला लक्ष्य हर घर को 24 घंटे बिजली मुहैया कराना है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ऊर्जा मंत्रियों के दो दिवसीय सम्मेलन की शुरुआत करते हुए केंद्रीय बिजली मंत्री राज कुमार सिंह ने कहा कि बिजली मंत्री ने कहा कि तीन साल में हर घर में बिजली के प्रीपेड मीटर लगा दिए जाएंगे। इस पर सभी राज्य सहमत हैं। कई राज्य तो इस काम को सालभर में ही पूरा करना चाहते हैं। इससे ग्राहकों और डिस्कॉम दोनों को फायदा होगा। गरीब ग्राहक भी चाहें तो 20 रुपए का बिजली रिचार्ज कर सकेंगे। वहीं, डिस्कॉम को एडवांस में पैसा मिल जाएगा। अभी तक उन्हें बिजली बिल बनाने के लिए मीटर रीडर रखना पड़ता है और डिस्कनेक्ट करने के लिए भी कर्मचारी रखने पड़ते हैं। लेकिन, प्रीपेड मीटर लगने के बाद इससे छुटकारा मिलेगा।

किसानों के लिए अलग ग्रिड बनाएं
बिजली मंत्री ने सभी राज्यों के ऊर्जा मंत्रियों से किसानों के सिंचाई वाले पंप के लिए अलग से फीडर बनाने को कहा। ऐसी व्यवस्था गुजरात में पहले से है। राज्यों को इसके लिए पूंजी केंद्र देगा। इस कार्य को पूरा करने के लिए राज्यों को तीन साल का समय दिया गया है। उन्होंने कहा, फीडर बनाने के तीन लाभ होंगे। पहला- किसानों को पूर्व निर्धारित समय के अनुसार रोजाना छह या आठ घंटे बिजली मिलेगी। दूसरा-कृषि कनेक्शन के नाम पर बिजली चोरी रुकेगी और डिस्कॉम का घाटा कम होगा। तीसरा-सब्सिडी का दुरुपयोग नहीं होगा। बिजली मंत्री ने कहा कि वर्तमान में सिर्फ किसानों की बिजली सब्सिडी के नाम पर सालाना 8,000 करोड रुपए जा रहे हैं। किसानों के लिए जब अलग फीडर होगा तो उसमें सिर्फ सीजन में ही बिजली आपूर्ति होगी।

मोबाइल की तरह जल्द बदल सकेंगे बिजली कंपनी
लोग जल्द मोबाइल कनेक्शन की ही तरह बिजली आपूर्ति करने वाली कंपनी को भी बदल सकेंगे। उपभोक्ताओं के पास कई कंपनियों से बिजली खरीदने का विकल्प होगा। इसके लिए केंद्र ने राज्यों को एक क्षेत्र में चार-पांच कंपनियों को वितरण लाइसेंस देने को कहा है। साथ ही राज्यों से कहा है कि वे एक साल के अंदर कृषि के फीडर को अलग कर लें।

महंगी बिजली पर नाराजगी
केंद्रीय बिजली मंत्री ने बिजली की अधिक कीमत पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों में बिजली की दर आठ रुपए प्रति यूनिट है। जबकि बिजली वितरण कंपनी इससे कम दाम
पर प्रति यूनिट बिजली खरीदती हैं।

एक देश, एक दाम
बैठक में पूरे देश में बिजली की दर प्रति यूनिट एकसमान करने का भी सुझाव आया। इस बारे में बिजली मंत्री ने कहा कि वह इस पर विचार कर रहे हैं। सम्मलेन में उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। इस पर आरके सिंह ने कहा कि नई टैरिफ पॉलिसी कैबिनेट के पास है।

सरकारी विभागों में प्रीपेड मीटर
विभिन्न राज्यों की बिजली वितरण कंपनियों पर बिजली बनाने वाली कंपनियों के 59 हजार करोड़ रुपए बकाया हैं। सिंह ने इसका जिक्र करते हुए कहा कि इनमें से 47 हजार करोड़ रुपये राज्यों के सरकारी विभागों पर बकाया हैं। सरकारी विभाग अपना बिल दे दें, तो वितरण कंपनियों की हालत सुधार जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों के दफ्तर में फौरन प्रीपेड मीटर लगाए जाएं। PLC



 

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