Tuesday, June 2nd, 2020

तबादलों के विरोध में होगा आंदोलन

HSEB-WORKERS-UNIONआई एन वी सी न्यूज़

रोहतक, आज एचएसईबी वर्कर्स यूनियन के ओल्ड पावर हाऊस कालोनी स्थित यूनियन कार्यालय में केंद्रीय कार्यकारिणी ने रोहतक सर्कल के पदाधिकारियों व कर्मचारियों के साथ उच्चाधिकारियों द्वारा मनमाने ढंग से किये गए तबादलों के विरोध में संगठन द्वारा संघर्ष की रणनीति पर अपने विचार सांझा किये। यूनियन के राज्य प्रधान कंवर सिंह यादव ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि बिजली विभाग के अफसरों ने सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम में मात्र अपना नाम चमकाने के लिए एक ट्रांसफर पॉलिसी बनाने का नाटक किया और समाचार पत्रों के माध्यम से हर जगह जोर-शोर से दावा किया गया कि अब विभाग में तबादले पूरी पारदर्शिता के साथ नीति के आधार पर व मेरिट के आधार पर ही होंगे। परन्तु जैसे ही तबादलों की सूची जारी होनी शुरू हुई तो वही हुआ कि नाम बड़े और दर्शन छोटे। उसमें अपने चहेतों की एडजस्टमेंट और भ्रष्टाचार के अलावा कुछ भी नहीं था। ट्रांसफर पॉलिसी में यह तय किया गया था कि एक तय समय सीमा के बाद अधिकारियों व कर्मचारियों के तबादले किये जाएंगे परन्तु अपने चहेतों को मनमाफिक पोस्टिंग देने के लिए उन अधिकारियों व कर्मचारियों के तबादले भी कर दिये गए जिनकी पोस्टिंग को मात्र कुछ ही महीने हुए थे।
राज्य महासचिव बाल कुमार शर्मा ने कहा कि प्रताडऩा का शिकार वही कर्मचारी व अधिकारी हुए जिन्होंने विभाग प्रबंधन की पारदर्शिता के दावे पर विश्वास किया और दूसरी तरफ अधिकारियों के चहेते ट्रांसफर पॉलिसी के सभी नियमों को धत्ता बताते हुए मनमाफिक पोस्टिंग पाने व मौजूदा पोस्टिंग को बचाने में सफल रहे। यूनियन के राज्य चेयरमैन बिजेन्द्र बैनिवाल ने कहा कि उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने 25 अप्रैल को एक 48 अभियंताओं की सूची जारी की। जिनका कार्यकाल एक ही पोस्ट पर 2 वर्ष या एक जिले में 8 वर्ष से अधिक था और जिनका पॉलिसी के तहत तबादला होना था तथा अधिकारियों द्वारा तबादले के लिए 5 विकल्प मांगे गए थे लेकिन पॉलिसी में आने के बावजूद उनमें से 18 अधिकारियों को नहीं बदला गया परन्तु ऐसे 16 अभियंताओं को जो इस पॉलिसी में ही नहीं आते थे उनको बिना कोई सूचना दिए ही ट्रांसफर का कोई विकल्प मांगे उनका तबादला कर दिया गया। विभाग ने 31 मार्च 2017 को 127 जेई यों की सूची जारी की। जिनकी किसी एक पद पर नियुक्ति को 5 वर्ष से अधिक हो चुके थे। इसमें भी कई अधिकारियों की वास्तविक सूचनाओं को छुपाकर अपने चहेतों के नाम उसमें से कटवा दिये। जब तबादला सूची जारी की तो अधिकारियों ने इस पॉलिसी के दायरे में आने वाले अपने चहेते 27 जेइयों को ना बदलकर 35 उन जेईयों का तबादला कर दिया जो इस पॉलिसी के दायरे में ही नहीं आते थे। राज्य वित्त सचिव अनिल कौशिक ने कहा कि यूनियन का इतिहास रहा है कि कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों को लेकर ही संघर्ष के रास्ते पर चलना है और भेदभावपूर्ण व नियम विरूद्ध किये गए इन तबादलों को निरस्त किये बिना यूनियन पीछे नहीं हटेगी। सर्कल सचिव बिजेन्द्र गुलिया ने कहा कि अगर प्रबंधन दावा करता है कि तबादले मेरिट और पॉलिसी के आधार पर हुए हैं तो मेरिट लिस्ट और कर्मचारियों द्वारा दिये गए विकल्पों की सूचना सार्वजनिक करें। संगठन ने चीफ इंजीनियर पंचकुला के समक्ष इन पक्षपातपूर्ण तबादलों पर अपना विरोध दर्ज कराया तो उन्होंने अपनी असमर्थता जाहिर करते हुए कहा कि उनके तबादला सूची पर केवल हस्ताक्ष करवाये गए हैं, पूरी सूची केवल अधीक्षक अभियंताओं व डायरेक्टरों के द्वारा तैयार की गई है। यूनियन को लगता है कि यह अधिकारी कर्मचारियों और सीएमडी शत्रुजीत कपूर के बीच टकराव करवाना चाहते हैं ताकि निगम में चल रही भ्रष्टाचार के विरूद्ध मुहिम अपने रास्ते से भटक कर कर्मचारी और प्रबंधन के बीच संघर्ष में बदल जाये। संगठन ने चीफ इंजीनियर पंचकुला को इन भेदभावपूर्ण तबादलों के विरोध में नोटिस दिया हैकि वह हर सब डिवीजन पर 15 व 16 मई को प्रात: 2 घंटे गेट मीटिंग और विरोध प्रदर्शन करेगा। राज्य प्रधान कंवर सिंह यादव ने सरकार को चेताया कि अगर 2 दिन के प्रदर्शन के बाद भी अगर विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया तो यूनियन किसी और बड़े आंदोलन का निर्णय लेने से पीछे नहीं हटेगी। बैठक में राज्य उपप्रधान यशपाल देशवाल, ज्वाइन्ट सचिव नरेश देशवाल, राज्य सलाहकार मंगल सेन, राज्य उपप्रधान महावीर पहलवान, रोहतक सर्कल कार्यकारिणी के पदाधिकारी विजय हुड्डा, देबी राम, आजाद जुरासी, सुमेर वशिष्ठ, मंदीप शर्मा, विकास भाटिया, बिजेन्द्र भाटिया, प्रेम सांपला, वजीर, सुनील कुंडू, प्रताप सिंह रावत, संजीव, राजीव, अशोक गुलाटी आदि मौजूद रहे।

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