Monday, April 6th, 2020

डॉ नित्यानंद उत्तराखंड के समाज ऋषि थे : तरुण विजय

Tarun Vijayआई एन वी सी न्यूज़

देहरादून ., डॉ नित्यानंद जी के निधन पर श्रद्धांजलि देते हुए सांसद तरुण विजय  कि  वे संघ विचार के मूर्तिमान प्रतीक थे।  उनके जीवन से ही संघ कार्य को समझा जा सकता था।उन्होंने आजीवन अविवाहित रह कर केवल संघ कार्य के लिए सर्वस्व अर्पित करने का संकल्प लिया था।  हम बाल्यकाल से-जब मैं गांधी स्कूल में कक्षा तीन में था तबसे उनके स्नेह और मार्गदर्शन में स्वयंसेवक बना।
उन्होंने हमें गढ़ा , हमारे मार्ग को दधीचि की देह  गला कर प्रशस्त किया. उत्तराखंण्ड राज्य पृथक बनना चाहिए यह बात डॉ नित्यानंद जी ने साठ  के दशक में कह दी थी और उनके प्रयास एवं आग्रह पर ही रा स्व संघ ने पृथक राज्य की बात स्वीकार की थी।  वे वस्तुतः उत्तराखंड राज्य के विचार-बीज प्रदाता थे उनके निधन से हम सबके लिए जो रिक्तता   आई है वह जीवन भर सालती रहेगी। उनके मार्ग पर चलते हुए संघ कार्य को बढ़ाकर ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सकती है

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