PKS_5022आई एन वी सी न्यूज़
लखनऊ,
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री आलोक रंजन ने समस्त मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों एवं मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि प्रदेश की जनकल्याणकारी योजनाओं से आम जनता को अधिक से अधिक लाभान्वित कराने हेतु योजनाओं के क्रियान्वयन में और अधिक तेजी लाये। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी अपने कार्यालयों से निकलकर फील्ड में विकास कार्यों का निरीक्षण कर कार्यों में गुणवत्ता लाने के साथ-साथ आम नागरिकों से भेंट कर उनकी समस्याओं का समाधान करायें। उन्होंने कहा कि सम्बन्धित जिला स्तरीय अधिकारियों को प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित कराना होगा कि उनके क्षेत्र में कोई भी अप्रिय घटना घटित होने की स्थिति पर तत्काल घटना स्थल पर रवाना हों। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी स्वयं घटना स्थल पर जाकर घटित घटना की जानकारी प्राप्त कर आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता से सुनिश्चित करायें। उन्होंने कहा कि यह हर हाल में सुनिश्चित कराना होगा कि विकास योजनाओं का लाभ आम नागरिकों को अवश्य प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था में और बेहतर सुधार लाने हेतु जिलाधिकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों एवं अपने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ प्रत्येक माह बैठकर कर आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता से सुनिश्चित करायें। उन्होंने कहा कि तहसील एवं समाधान आदि दिवसों में भाग लेने के उपरान्त भी आयोजन के उपरान्त जिलाधिकारी अपने जनपद के पुलिस अधिकारियों के साथ अचानक किसी थाने का संयुक्त रूप से निरीक्षण अवश्य करें। उन्होंने कहा कि जिला कारागारों का रेण्डम चेकिंग कर आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगायें।
मुख्य सचिव आज यहां तिलक हॉल में प्रदेश के मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों एवं मुख्य विकास अधिकारियों की बैठक कर विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि भूमि विवादों को प्राथमिकता से निस्तारण कराने हेतु ग्रामवार ऐसे प्रकरणों को चिन्हित कर विभागीय अधिकारियों की संयुक्त कमेटी गठित कर निस्तारण हेतु घटना स्थल पर अवश्य भेजें। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र पर अप्रिय घटना घटित होने पर निष्पक्ष कार्यवाही प्राथमिकता से सुनिश्चित करायी जाये। उन्होंने कहा कि आगामी पर्वों एवं पंचायत चुनावों को दृष्टिगत रखते हुये जनपदीय पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी बेहतर कानून-व्यवस्था बनाये रखने हेतु आवश्यक कदम समय से उठा लें।
श्री रंजन ने कहा कि जिलाधिकारी स्वयं जिला अस्पतालों का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करायें कि रोगियों को पर्याप्त आवश्यक दवाइयां उपलब्ध हों तथा अस्पतालों में बेहतर सफाई व्यवस्था होने के साथ-साथ आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित हों। उन्होंने कहा कि जिला अस्पतालों को आदर्श अस्पताल के रूप में बनाये जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करायी जाये। उन्होंने कहा कि अस्पतालों के निरीक्षण हेतु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी निरीक्षण करने हेतु भेजने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डेंगू की बीमारी से प्रभावित लोगों के इलाज हेतु आवश्यक चिकित्सा सुविधायें प्राथमिकता से उपलब्ध करायी जायें। उन्होंने कहा कि डेंगू बीमारी से प्रभावित जनपदों में सफाई का विशेष ध्यान रखा जाये और प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिग सुनिश्चित करायी जाये। उन्होंने कहा कि डेंगू बीमारी से प्रभावित क्षेत्रों में समुचित इलाज हेतु डॉक्टरों की टीमों को तत्काल भेजकर आवश्यक चिकित्सा सुविधायें उपलब्ध करायी जायें।
मुख्य सचिव ने राज्य पोषण मिशन के तत्वावधान में अतिपोषित बच्चों का विशेष प्रबंधन सुनिश्चित कराने हेतु जनपदों में जिलाधिकारी व अन्य जिला स्तरीय अधिकारी क्षेत्र भ्रमण के समय कुपोषित बच्चों के सम्बन्ध में अवश्य जानकारी प्राप्त कर यह सुनिश्चित करायें कि विभिन्न विभागों द्वारा अनुमन्य सुविधायें उन्हें प्राप्त हो रही हैं अथवा नहीं। उन्होंने कहा कि कुपोषण की रोकथाम हेतु प्रचार-प्रसार के विभिन्न माध्यमों यथा नुक्कड़, नाटक, पोस्टर, बैनर, होर्डिंग्स, पम्पलेट्स का वितरण व रैली आदि का आयोजन आई0सी0एस0, स्वास्थ्य, पंचायती राज आदि विभागों द्वारा कराया जाये। उन्होंने कहा कि अतिकुपोषित बच्चों को गोद लेने हेतु इच्छुक संभ्रान्त नागरिकों, सेवारत व्यक्तियों तथा शिक्षक आदि को प्रेरित किया जाये। उन्होंने कहा कि आशा एवं आंगनबाड़ी केन्द्र कार्यकत्री भी ऐसे बच्चों एवं परिवारों को गोद लें। उन्होंने कहा कि जनपद स्तर पर गठित जिला पोषण समिति द्वारा प्रत्येक माह समीक्षा बैठक के दौरान अतिकुपोषित बच्चों के पोषण स्तर की समीक्षा अवश्य की जाये।
श्री रंजन ने प्रदेशवासियों को अक्टूबर, 2016 से महानगरों व जिला मुख्यालयों में 22 से 24 घंटे, तहसील हेड क्वार्टर पर 18 घंटे, ग्रामीण क्षेत्रों में 16 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने हेतु 33/11 के0वी0 के 556 नग उपकेन्द्रों की भूमि उपलब्ध हो जाने के फलस्वरूप निर्माण हेतु आवश्यक कार्यवाही पूर्ण कर निर्माण कार्य यथाशीघ्र प्राथमिकता पर प्रारम्भ कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विद्युत लाइन लॉसेस को 15 प्रतिशत तक लाने हेतु फीडर वाइज प्रत्येक सप्ताह मॉनीटरिंग सुनिश्चित करायी जाये। उन्होंने कहा कि जिन जनपदों एवं क्षेत्रों में विद्युत लाइन लॉसेस 15 प्रतिशत से कम हो जायेगी, उन क्षेत्रों में निर्धारित विद्युत आपूर्ति तत्काल उपलब्ध होना सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि खुले में शौच प्रथा को रोकने हेतु स्वच्छ शौचालयों के निर्माण की फोटो सम्बन्धित विभाग की वेबसाइट पर तत्काल अपलोड करायी जायें। उन्होंने कहा कि ग्रामवासियों को खुले में शौच न कर शौचालयों का प्रयोग करने हेतु प्रेरित किया जाये।
मुख्य सचिव ने कहा कि खरीफ विपणन वर्ष 2015-16 में मूल्य समर्थन योजना के अन्तर्गत धान क्रय केन्द्रों पर धान की उतराई एवं सफाई का खर्च किसानों से कतई नहीं लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस पर होने वाले व्यय की प्रतिपूर्ति मण्डी परिषद द्वारा कराये जाने पर विचार किया जाये। उन्होंने कहा कि धान की बिक्री हेतु क्रय केन्द्रों का वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा रोस्टर बनाकर इस प्रकार निरीक्षण कराया जाये कि 15 दिन में एक बार सभी केन्द्रों का निरीक्षण अवश्य सुनिश्चित हो जाये। उन्होंने कहा कि क्रय नीति के अनुसार किसानों के मोबाइल नं0 भी अभिलेखों में दर्ज कराये जायें, ताकि निरीक्षण के समय अधिकारी किसानों से इस बात की पुष्टि कर सकें कि उन्हें धान का पूरा मूल्य मिला अथवा नहीं। उन्होंने कहा कि अपर जिलाधिकारी एवं प्रभारी धान खरीद द्वारा प्रतिदिन तथा जिलाधिकारी द्वारा साप्ताहिक रूप एवं मण्डलायुक्त द्वारा 15 दिन में एक बार धान क्रय, डिलीवरी एवं किसानों के भुगतान आदि की समीक्षा अवश्य की जाये। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के अन्तर्गत प्रदेश के बांदा, इलाहाबाद, सहारनपुर, ललितपुर, कानपुर नगर, बिजनौर, कानपुर देहात तथा बाराबंकी के जिलाधिकारियों को आगामी 03 दिन के अन्दर लाभार्थियों के चयन का कार्य पूर्ण कराना होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र की आबादी लगभग 15.51 करोड़ के सापेक्ष 79.56 प्रतिशत एवं नगरीय क्षेत्र की आबादी 4.45 करोड़ के सापेक्ष 64.43 प्रतिशत को आच्छादित किये जाने का प्राविधान है। उन्होंने कहा कि अब तक प्रदेश में कुल नगरीय क्षेत्रों में कुल आबादी के विरुद्ध 53.20 प्रतिशत एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कुल आबादी के विरुद्ध 69.86 प्रतिशत आबादी का चयन पात्र गृहस्थी के रूप में किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दो चरणों में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 को लागू किये जाने हेतु प्रथम चरण में प्रदेश के कुल 23 जनपदों में आगामी 30 सितम्बर, 2015 तक तथा द्वितीय चरण में अवशेष जनपदों में अधिनियम को 31 दिसम्बर, 2015 तक लागू कराया जाये।
अध्यक्ष राजस्व परिषद श्री अनिल कुमार गुप्ता ने अपने सम्बोधन में कहा कि राजस्व वादों के निस्तारण की गुणवत्ता में सुधार लाने हेतु राजस्व अधिकारियों को प्रशिक्षण दिलाने हेतु सभी मण्डलायुक्तों को अपने मण्डल से 05 उपयुक्त अधिकारियों का चयन कर आगामी 25 सितम्बर तक अवगत कराना होगा। उन्होंने कहा कि चिन्हित अधिकारियों को अक्टूबर, 2015 से दिसम्बर, 2015 तक उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी लखनऊ में प्रशिक्षित कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि उ0प्र0 प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी द्वारा प्रशिक्षित इन अधिकारियों द्वारा अपने मण्डलों में कार्यरत नायब तहसीलदारों से लेकर डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारियों को जनवरी, 2016 से न्यायिक प्रशिक्षण प्रदान कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की समस्त तहसीलों के सुदृढ़ीकरण हेतु आकलन प्रस्ताव बजट आवंटन के सापेक्ष उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये थे। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में जिलाधिकारी अपने जनपद के 02 तहसीलों हेतु अपेक्षित आकलन प्रस्ताव भेज सकते हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी बीमा योजना के अन्तर्गत जनपद बाराबंकी ने प्रदेश में सबसे अधिक परिवारों को बीमा आवरण प्रदान करते हुये सबसे अधिक दावों का निस्तारण तथा सबसे अधिक छात्रों को छात्रवृत्तियां उपलब्ध करायी हैं।
बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री आनन्द मिश्र, प्रमुख सचिव गृह श्री देबाशीष पण्डा, पुलिस महानिदेशक श्री जगमोहन यादव सहित सम्बन्धित विभागों के प्रमुख सचिवों ने भी अपने सम्बोधन में विभाग की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुये आवश्यक निर्देश दिये।
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव के सम्बोधन के उपरान्त प्रमुख सचिव पंचायती राज ने पंचायत चुनाव की तैयारी, शौचालय निर्माण की प्रगति एवं पंचायत उद्योग के माध्यम से सेनेटरी नैपकिन्स का उत्पादन विक्रय पर तथा प्रमुख सचिव समग्र ग्राम विकास ने डॉ0 राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना पर चर्चा की तथा आवश्यक निर्देश दिये। इसी प्रकार प्रमुख सचिव ऊर्जा ने ग्रामीण विद्युतीकरण, नये कनेक्शन की प्रगति एवं लाईन लॉसेस को रोकने तथा 72 घंटे के अन्दर क्षतिग्रस्त ट्रान्सफार्मरों के प्रतिस्थापन के सम्बन्ध में आवश्यक निर्देश दिये। प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण द्वारा संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण, जे0ई0/ए0ई0एस0 के रोकथाम की तैयारी के सम्बन्ध में विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी तथा आवश्यक निर्देश भी दिये। प्रमुख सचिव कृषि ने भी रबी की फसल हेतु तैयारी-बीज, खाद इत्यादि की समुचित व्यवस्था, फसल बीमा योजना एवं सूखे से निपटने की रणनीति बनाने हेतु जिलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये।

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