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Wednesday, September 23rd, 2020

डा0 राम मनोहर लोहिया की तरह मुलायम सिंह यादव हमेशा महिलाओं को सम्मान देते रहे हैं : राजेन्द्र चौधरी

rajendra chaudhary invc newsआई एन वी सी न्यूज़ लखनऊ, समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा है कि डा0 राम मनोहर लोहिया की तरह श्री मुलायम सिंह यादव हमेशा महिलाओं को सम्मान देते रहे हैं। डा0 लोहिया तो महिलाओं को पिछड़ा वर्ग में ही शामिल करते थे। संगठन और सरकार दोनों जगह श्री मुलायम सिंह यादव ने महिलाओं को महत्व दिया है। श्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी सरकार ने महिलाओं और विशेषकर गरीबी में जीवन जी रही महिलाओं को राहत देने की कई योजनाएं बनाई है। पति के मृत्यु उपरांत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाली निराश्रित महिलाओं को वर्ष 2012-13 में 300 रूपए प्रति माह की दर से कुल 52294Û835 लाख रूपए की धनराशि व्यय की गई। ऐसी निराश्रित महिलाओं की पुत्रियों हेतु एकमुश्त 10,000 रूपए की सहायता दिए जाने की योजना के तहत वर्ष 2012-13 में 29Û64 लाख रूपए की धनराशि व्यय की गई। निराश्रित महिलाओं के पुनर्विवाह करने हेतु दंपत्ति पुरस्कार के रूप में 319 लाभार्थियों के लिए 12Û05 लाख रूपए की धनराशि का प्राविधान बजट में किया गया। आर्थिक कारणों से वंचित बीपीएल अंत्योदय परिवारों की छात्राओं को कक्षा 11 में प्रवेश लेने पर “पढ़े बेटियां, बढ़े बेटियां“ योजना के अंतर्गत 30,000 रूपए दिए जाने की योजना क्रियान्वित, अब तक 10,430 छात्राएं लाभान्वित। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा सामान्य वर्ग के दशमोत्तर कक्षाओं में अध्ययनरत 2Û00 लाख रूपए की आय सीमा तक के अभिभावकों के आश्रितों के लिए छात्रवृत्ति शुल्क प्रतिपूर्ति की नियमावली जारी कर दी गई। गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करनेवाले ऐसे परिवार जो बीपीएल सूची में सम्मिलित होने से छूट गए हैं और जिन्हें बीपीएल कार्ड, अंत्योदय योजना और किसी अन्य पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा है, को वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से रानी लक्ष्मीबाई पेंशन योजना प्रारम्भ की गई है। उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण निगम द्वारा 1011 पूर्व सैनिक, उनकी विधवाओं एवं आश्रितों को रोजगार के अवसर प्रदान किए गए। समाजवादी सरकार गांव-गरीब को अपनी योजनाओं के केन्द्र में रखती है। उसकी प्राथमिकता इनका विकास है। मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव का मानना है कि जब तक विकास की किरण आखिरी छींट तक नहीं पहुॅचती है, विकास का कोई अर्थ नहीं है। वे निरंतर इसके लिए प्रयासशील है। गरीब के घर में भी उजाला हो और उसको भी जीवन की सभी सामान्य सुविधाएं उपलब्ध हों,यहीं समाजवादी विचारधारा का लक्ष्य भी है। इस पर भी विपक्षियांे को यह सब पसंद क्यों नहीं आता है? वे समाजवादी सरकार की व्यर्थ की आलोचना में अपना समय और शक्ति बर्बाद करते हैं क्योकि जनता उनकी सचाई जानती है।

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