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देहरादून  ,
सोमवार को मुख्यमंत्री आवास न्यू कैन्ट रोड में घी संग्रांद के अवसर पर आयोजित एक सवाल एक सुझाव कार्यक्रम में अपराह्न 3 बजे से 5 बजे तक के द्वितीय सत्र में पत्रकार विजेन्द्र रावत ने पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिये स्थानीय युवक व युवतियों का मल्टिप्रपज टास्क फोर्स गठित करने का सुझाव दिया जो आपदा प्रबंधन सहित पर्यावरण संरक्षण बागवानी व जड़ी बूटी संवर्द्धन का कार्य करेंगे तथा अपने गांवों में बने रहेंगे, इन्हें इसके बदले निश्चित मानदेय दिया जाए जो इनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती प्रदान करेगा। इसके जवाब में मुख्यमंत्री श्री रावत ने सुझाव को उपयोगी बताते हुए इस बहुउद्देशीय टास्क फोर्स के गठन के संबंध में कार्यवाही किये जाने की बात कही।

वरिष्ठ साहित्यकार रतन सिंह जौनसारी ने कहा कि राज्य की कला एवं संस्कृति के संवर्द्धन के लिये बनाये जाने वाले संगठनो में ऐसे लोगो को शामिल किया जाय जो इसके जानकार हो। लोक कलाकारों को सम्मान देने की भी बात उन्होंने कही। उन्होंने कहा कि लोक कला व संस्कृति हमारी रीढ़ है। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि इस पर गहनता से विचार किया जा रहा है।
पूर्व चीफ वार्डन नागरिक सुरक्षा चन्द्र गुप्त विक्रम ने ट्रेफिक की समस्या केे समाधान के लिये जन जागरूकता पर ध्यान देने तथा गांवो से पलायन रोकने के लिये मेरा गांव मेरा धन योजना को सरकार की कारगर पहल बताते हुए इसमें अधिक से अधिक लोग शामिल हो, इसके लिए समेकित प्रयास किये जाने का सुझाव रखा।

मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि देहरादून शहर में ट्रेफिक की समस्या काफी गंभीर हो गयी है। इसके लिये डीजीपी अपने स्तर से प्रयास कर रहे है। उन्होंने लोगों में ट्रेफिक सेंस पैदा करने की बात कही। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहता है कि शहर की टेªफिक व्यवस्था में व्यवधान न आये इसके लिये व दोपहर 2 से 3 बजे के मध्य शहर में नही निकलते है।

श्री रतन सिंह असवाल ने सुझाव रखा कि पर्वतीय क्षेत्रों में सरकारी कार्यालयों व स्कूलों में शुक्रवार हाफ शनिवार माफ तथा सोमवार साफ मुहावरा सा बन गया है। वीक एंड में सरकारी अधिकारी कार्यालयों में नही मिलते है, इसके लिए प्रभावी नियंत्रण की आवश्यकता है। श्री असवाल ने यह भी सुझाव दिया कि भूमि सुधार योजना को पर्वतीय क्षेत्रों में लागू किया जाय। मुख्यमंत्री श्री रावत ने ऐसे मुहावरे के प्रति हैरानी जताते हुए अविलम्ब व्यवस्था सुधारने के निर्देश मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव कार्मिक को दिये। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2017 तक जमीनों का बंदोबस्त किया जायेगा। भूमि सुधार योजना को कैसे प्रभावी बनाया जाय इस पर भी विचार किया जायेगा।

पत्रकार मनोज रावत ने आम जनता के लिये सरकार द्वारा की गई सकारात्मक पहल से संबंधित सक्सेस स्टोरी के प्रस्तुतीकरण पर बल दिया। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि कश्मीर में जब आपदा आयी तो वहां की सरकार ने आपदा से निपटने के लिये हमारे द्वारा बनाये गये मानकों की जानकारी मांगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिस कारगर ढ़ंग से उत्तराखण्ड ने आपदा का सामना किया, वह सराहनीय रहा है। यही नही कर्नाटक के यात्री द्वारा केदारनाथ की हाल ही में की गई यात्रा के बाद वहां के पुनर्निर्माण कार्यों के प्रति सरकार के प्रयासों को विशेष रूप से सराहा है। यात्री का कहना था कि वे आपदा के दौर मे भी यात्रा पर आये थे तथा भयंकर तबाही उन्होंने तब देखी थी। उन्होंने मीडिया से अपेक्षा की कि मीडिया उत्तराखण्ड की नेगेटिव छवि न बनाएं। आज गुजरात के बाद उत्तराखण्ड ही सर्वाधिक समय तक बिजली देने वाला राज्य है। हम आज दूसरे नम्बर के फास्ट ग्रोविंग स्टेट है। हमारी परकैपिटा इंकम भी बढ़ी है। यह स्थिति तब है जब हमारी कई विद्युत परियोजनाओं पर रोक लगी है।

सेवानिवृत्त वैज्ञानिक डाॅ. डी.पी.जुयाल ने ग्रीन दून, क्लीन दून की अवधारणा को पुनर्जीवित करने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर ध्यान दिया जा रहा है। कूडा निस्तारण के लिये लोगों को भी जागरूक होना होगा। हर कार्य सरकार नही कर सकती, जनता को भी जन सुविधाओं के विकास में आगे आना होगा।
डाॅ. वी. पी. मैठाणी ने प्रदेश में पंचायतीराज एक्ट लागू करने की जरूरत बतायी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का पंचायत राज एक्ट शीघ्र तैयार किया जायेगा। उन्होंने इस एक्ट को प्रभावी बनाने के लिये श्री मैठाणी से सुझाव लेने के भी निर्देश दिये।
इस अवसर पर उर्दू शायर नदीम बर्नी ने उर्दू अकादमी के गठन की बात कही। महेश शर्मा ने रेजिडेंश्यिल एरिया में चलाये जा रहे कामर्शियल संस्थानों पर रोक लगाने की बात रखी। प्रमुख सचिव कार्मिक राधा रतूडी ने आम नागरिक के रूप में सुझाव रखा कि ऐसे आयोजनों में बड़ी संख्या में महिलाओं की भी भागीदारी हो ऐसे प्रयास किये जाने चाहिए।

इस अवसर पर पत्रकार नरेन्द्र सेठी, शिव प्रसाद सेमवाल, रोबिन सिंह, गजेन्द्र रावत, साहित्यकार हेम चन्द्र सकलानी, गिरधर सिंह सहित बड़ी संख्या में विषय-विशेषज्ञों ने अपने सुझाव रखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अवसर पर जितने भी सुझाव प्राप्त हुए है, उन पर कार्यवाही की जायेगी तथा उसकी सूचना भी संबंधित को प्रेषित की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में प्राप्त सुझाओं को राज्य हित में उपयोगी बताया।

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