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Wednesday, October 28th, 2020

ट्रम्प प्रशासन चाहता है चुनावों से पहले वैक्सीन

पूरी दुनिया में खलबली मचाने वाले कोरोनावायरस को काबू करने के लिए इस समय 170 से ज्यादा वैक्सीन पर काम हो रहा है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक अभी करीब 30 वैक्सीन अलग-अलग ह्यूमन ट्रायल्स के फेज में हैं।

यूएस, यूके, रूस और चीन के साथ-साथ भारत के भी दो वैक्सीन इस रेस में शामिल हैं। यह तय है कि कोरोनावायरस का वैक्सीन, इतिहास में सबसे तेजी से डेवलप हो रहा वैक्सीन है। इससे पहले मम्प्स का वैक्सीन 4 साल में बना था और कोरोनावायरस का वैक्सीन वायरस सामने आने के एक साल के भीतर आ सकता है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक करीब 30 वैक्सीन ह्यूमन ट्रायल्स के तीसरे यानी आखिरी फेज में हैं।

आइये जानते हैं वैक्सीन बनाने को लेकर देश-दुनिया में पिछले 24 घंटों में क्या हुआ है...

ट्रम्प प्रशासन चाहता है चुनावों से पहले वैक्सीन

अमेरिका में तीन नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव होने हैं। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन की कोशिश है कि उससे पहले वैक्सीन को अप्रूवल देकर चुनावों में फायदा उठाया जाए।
इसके लिए यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (यूएसएफडीए) ने 22 अक्टूबर को एडवायजरी पैनल की मीटिंग बुलाई है। इसमें कोविड-19 वैक्सीन की प्रगति पर चर्चा होगी। यह बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि मॉडर्ना इंक, फाइजर इंक और एस्ट्राजेनेका के व्यापक स्तर के फेज-3 ट्रायल्स हाल ही में शुरू हुए हैं।
इस बीच, फाइजर इंक ने कहा है कि उसका वैक्सीन भी रेगुलेटरी रिव्यू के लिए अक्टूबर में उपलब्ध हो जाएगा। फाइजर और बायोएनटेक ने पिछले महीने अमेरिकी सरकार से 10 करोड़ डोज के लिए 2 अरब डॉलर की डील की है।

दबाव बढ़ने पर अधिकारी ने इस्तीफे की धमकी दी

फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन में सेंटर फॉर बायोलॉजिक्स इवैल्यूएशन एंड रिसर्च के डायरेक्टर पीटर मार्क्स ने कहा कि इस समय जिन वैक्सीन के फेज-3 ट्रायल्स चल रहे हैं, उनका डेटा रिव्यू के लिए अक्टूबर में उपलब्ध हो जाएगा।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि "मैं अनसेफ और इनइफेक्टिव वैक्सीन को मंजूरी देने वाले पैनल में शामिल होने से बेहतर इस्तीफा देना समझूंगा। यदि मैं इस्तीफा देता हूं तो, अमेरिकी जनता को समझ जाना चाहिए कि कुछ गड़बड़ है।"

बांग्लादेश चाहता है भारतीय वैक्सीन का ट्रायल

बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि वह भारत में बन रहे वैक्सीन के ह्यूमन ट्रायल्स कराने के लिए तैयार है। उसे यह भी उम्मीद है कि अप्रूवल की प्रक्रिया के बाद किफायती दर पर भारतीय वैक्सीन जल्द सप्लाई होने लगेंगे।
इससे पहले बांग्लादेश और भारत के विदेश सचिवों की मीटिंग में दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने वैक्सीन डेवलपमेंट को लेकर चर्चा की थी। बांग्लादेश ने यह भी कहा कि भारत सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि अन्य देशों के लिए भी वैक्सीन बनाएगा। प्राइमरी स्टेज पर ही बांग्लादेश को भारत की ओर से वैक्सीन मिलने लगेगा।

रूसी वैक्सीन से वायरस में म्यूटेशन की चिंता

रूस ने अपना कोविड वैक्सीन "Sputnik-V' जारी कर दिया है। लेकिन, सभी जरूरी ट्रायल्स नहीं किए। ऐसे में एक्सपर्ट चिंता जता रहे हैं कि अगर यह वैक्सीन आंशिक प्रभावी हुआ तो कोरोनावायरस को म्यूटेशन के लिए प्रेरित कर सकता है। यानी यह वायरस अपनी संरचना में बदलाव कर इस वैक्सीन के खिलाफ इम्यूनिटी हासिल कर सकता है।
ब्रिटेन की रीडिंग यूनिवर्सिटी के वायरोलॉजी के प्रोफेसर इयान जोन्स ने कहा कि अगर कोई वैक्सीन 100% क्षमता साबित नहीं कर पाता तो, वह वायरस को सभी विकसित हो रहे वैक्सीन के खिलाफ इम्युनिटी जेनरेट करने को प्रेरित कर सकता है। हालांकि, रूस ने गुरुवार को कहा है कि वह फेज-3 ट्रायल्स शुरू कर रहा है और इसके लिए 40 हजार लोगों को चुना जाएगा।

डब्ल्यूएचओ कर रहा है फेज में वैक्सीन डिस्ट्रीब्यूशन पर विचार

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोविड वैक्सीन सभी देशों को बराबरी से उपलब्ध कराया जाएगा ताकि ओवरऑल रिस्क को कम किया जा सके। यह चेतावनी भी दी कि यदि अमीर देशों ने लिमिटेड सप्लाई के लिए दबाव बनाया तो इस महामारी को खत्म करने के प्रयासों को धक्का लगेगा।
ग्लोबल हेल्थ बॉडी ने हाल ही में कोवैक्स ग्लोबल वैक्सीन प्रोक्योरमेंट प्रोग्राम शुरू किया है, ताकि कोविड-19 वैक्सीन के डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग को तेजी दी जा सके। साथ ही सभी देशों को वैक्सीन का मेटेरियल सप्लाई किया जाना तय हो सके।PLC.

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