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Saturday, October 24th, 2020

टोकन खोया तो नहीं मिलेगी दवाई

sdvvdvfdsfdsdsfaआई एन वी सी,
हरियाणा,

हरियाणा के सभी सामान्य अस्पतालों में मरीजों को दवाओं का वितरण अब टोकन प्रणाली के माध्यम से किया जायेगा। स्वास्थ्य मंत्री राव नरेन्द्र ने आज पंचकूला के सामान्य अस्पताल से दवाओं के वितरण के लिए नई टोकन प्रणाली का शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक व्यक्ति को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जाये। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी चिकित्सा संस्थानों में सभी ओपीडी मरीजों को निरूशुल्क दवाईयां प्रदान की जा रही है तथा सरकार द्वारा चिकित्सा क्षेत्र में चलाई जा रही योजनाओं एवं कार्यक्रमों की बदौलत सार्वजनिक  स्वास्थ्य संस्थानों के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है। नई टोकन प्रणाली को सभी जिला अस्पतालों में चरणबद्ध रूप से शुरू किया जा रहा है तथा एक नवंबर तक सभी जिला अस्पतालों में टोकन प्रणाली को लागू कर दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि मरीजों को अब दवाओं के लिए लंबी लाइनों में नहीं खड़ा होना पड़ेगा। नई टोकन प्रणाली के तहत दवा वितरण के लिए पांच काउंटर स्थापित किये गये है। इनमें दो काउंटर पुरूषों के लिए, एक महिलाओं के लिए, एक निशक्तजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए तथा एक गर्भवती महिलाओं के लिए रखा गया है। मरीज को दवा लेने के लिए कार्ड जमा करवाना होगा, जिस पर मरीज को एक टोकन स्लिप दी जायेगी। इसके बाद मरीज को अपनी बारी का इंतजार करना होगा। मरीजों को  दिये गये टोकन न बरों का क्रमानुसार डिजिटल डिस्प्ले किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नई प्रणाली मरीजों से सुविधाजनक है।उन्होंने बताया कि  दवाओं तथा चिकित्सा उपकरणों की खरीद के लिए हरियाणा चिकित्सा सेवाएं निगम लिमिटेड के गठन का निर्णय भी लिया है।  उन्होंने बताया कि निगम अस्पतालों तथा चिकित्सा महाविद्यालयों में उपकरणों तथा दवाओं की खरीद, भण्डारण और वितरण के साथ-साथ उनकी आपूर्ति को सुनिश्चित करेगा। राज्य में दवाओं की मांग तथा समय पर आपूर्ति की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी की जा रही है। इसके अलावा, प्रदेश में सात जिलों अंबाला, करनाल, कैथल, गुडग़ांव, भिवानी, रोहतक तथा हिसार में दवाओं के भण्डारण की व्यवस्था की है। इसके अलावा, सरकार का सोनीपत तथा फरीदाबाद में दो नये दवा गोदाम स्थापित करने का प्रस्ताव है। स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सरकारी अस्पतालों में कार्यरत पैरामेडिकल तथा चिकित्सा कर्मचारी इस बात के प्रति संवेदनशील रहे कि चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त करना प्रत्येकव्यक्ति का मौलिक अधिकार है तथा जब भी कोई मरीज उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में आता है तो उसे उपलब्ध बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जाये।

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