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Wednesday, December 2nd, 2020

टयूबवैल को दिखाई हरी झंडी - लगवाएंगे 25000 नये टयूबवैल

parkash singh badalआई एन वी सी, चण्डीगढ़, पंजाब में धरती के नीचे पानी का स्तर लगातार नीचे जाने के चिंताजनक रूझान को देखते हुये और कृषि क्षेत्र में पानी के उचित प्रयोग को विश्वसनीय बनाने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल ने कृषि के लिए टयूबवैल कुनैक्षन जारी करने की नई नीति को स्वीकृति दे दी है। जिसके अधीन राज्य में वर्ष 2013-14 के लिए कृषि के लिए टयूबवैल कुनैक्षन जारी किये जाएगें। इस नीति की विस्तृत जानकारी देते हुये मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि पंजाब राज्य में बिजली रैगुलेटरी कमीशन ने धरती के नीचे पानी का स्तर नीचे जाने,वातावरण व अन्य कई कारणों से वर्ष 2013-14 में जारी कि ये जाने वाले टयूबवैल कुनैक्षन की संख्या संबधी निर्णय लेने की बात राज्य सरकार पर छोडी है। राज्य सरकार द्वारा कृषि विभिंनता संबधी गौरवमयी कार्यक्रम की पृष्ठभूमि में कृषि टयूबवैलों संबधी दिशा निर्देशों को अतिंम रूप दिया गया है इसमें तुपका सिंचाई पर भी जोर दिया गया है। विशेषकर सब्जी और फल उत्पादकों द्वारा की जाती कृषि के संबध में क्योकि सिंचाई का यह तरीका पानी की उचित संभाल के लिए सही है। धरती के नीचे पानी के अत्याधिक प्रयोग के कारण राज्य के 45 ब्लाकों में पानी की स्थिति चिंताजनक हो गई है। जिसकी जानकारी धरती के नीचे पानी के संबध में केन्द्रीय अथारटी द्वारा हाल ही में जारी एक रिपोर्ट दौरान हुई हेै। मुख्यमंत्री द्वारा इस नई बनाई गई नीति अधीन कृषि के लिए 25000 टयूबवैल कुनैक्षन देने का लक्ष्य निश्चित किया गया है। इसके अतिरिक्त आम श्रेणी की दीर्घकाल से लम्बित पडे आवेदनों संबधी भी बैकलाग पूरा करने को हरी झंडी दे दी गई है। ए आर टी सी योजना अधीन 50000 अतिरिक्त कुनैक्षन प्राथमिकता के आधार पर देने का प्रस्ताव है। वर्ष 2012-13 दौरान प्राथमिकता श्रेणी के अधीन दर्ज आवेदनों विरूद्ध कुनैक्षन हाल ही में जारी नही किये जाएगें यह कुनैक्षन वर्ष 2013-14 में जारी किये जाएगें। श्रेणियों के आधार पर टयूबवैल कुनैक्षन देने संबधी जानकारी देते हुये प्रवक्ता ने बताया कि इस वर्ष जारी किये जाने वाले 25000 कुनैक्षनों में सामान्य वर्ग को कृषि वाले 15000(60 प्रतिशत),प्राथमिक श्रेणी के लिए 7500(30 प्रतिशत),फुटकल श्रेणीयों के लिए 2500 (10 प्रतिशत) कुनैक्षन दिये जाएगें इस संबधी अन्य विवरण देते हुये उन्होने बताया कि सामान्य वर्ग के लिए निर्धारित कुनैक्षनों मेें से 9000(60 प्रतिशत),छोटे किसानों को दिये जाएगें जिनकी जमीन 2.5 एकड तक होगी और उन के पास कोई भी कुनैक्षन नही होगा। इसमें से तीन हजार कुनैक्षन (20 प्रतिशत),2.5 एकड से लेकर 5 एकड तक के मध्यम किसानो और शेष ती हजार कुनैक्षन(20 प्रतिशत)5 एकड से उपर वाले बडे किसानों को दिये जाएगें। प्राथमिकता श्रेणी वाले आवेदकों में वह लोग शामिल है जिनकी जमीन अंतराष्ट्रीय सीमा से लगी कांटेदार तार से दूसरी तरफ और रावी नदी,कडी क्षेत्र,पारिवारिक वितरण,भूतपूर्व सैनिक,अनुसूचित जाति के सदस्य,बहादुरी के अवार्ड विजेता(हथियारबंद सेनाओं और सिविलियन),कारगिल जंग के शहीदों जम्मू कश्मीर में ओपरेशन रक्षक के शहीद शामिल है। इसी प्रकार ही अन्य श्रेणियों में धार्मिक संस्थाओं सहित गोैशालाओं ,गावं की पंचायतों ,तुपका सिंचाई प्रणाली सेम क्षेत्र,आदर्श स्कूल आदि शामिल है। गौरतबल है कि शिअद -भाजपा सरकार के 2007 में सत्ता मेें आने के बाद इसने फरवरी 2013 तक कृषि वाले 204982 कुनैक्षन जारी किये है। धरती के नीचे पानी के स्रोतों की बचत को उत्साहित करने के लिए तुपका सिंचाई प्रणाली अधीन श्रेणियों को टयूबवैल कुनैक्षन अन्य श्रेणियों से प्राथमिकता के आधार पर दिये जाएगें। होशियारपुर और कपूरथला में 103 गांवों की पहचान की है जहां तलाबों आदि का पानी सिंचाई के लिए प्रयोग किया जा सकता है वहां भी कुनैक्षन प्राथमिकता के आधार पर दिये जाएगें ग्राम पंचायतों को दिये जाने वाले कुनैक्षन ग्राम पंचायतों के नाम अधीन जारी किये जाएगें। ऐसे टयूबवैल कुनैक्षन जारी करने के लिए कम से कम एक एकड जमीन होने की शर्त लागू नही होगी।

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Elementary Education, says on November 1, 2014, 9:00 PM

You actually make it seem so easy with your presentation but I find this topic to be actually something which I think I would never understand. It seems too complicated and very broad for me. I am looking forward for your next post, I’ll try to get the hang of it!