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Saturday, October 24th, 2020

जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी

लॉकडाउन के दौरान हुए शराब घोटाला की एसईटी (स्पेशल इंक्वायरी टीम) की रिपोर्ट के आधार पर गृहमंत्री अनिल विज की ओर से की गई सभी सिफारिशें मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मान ली हैं। इस मामले की जांच अब स्टेट विजिलेंस ब्यूरो करेगा। साथ ही आईएएस अधिकारी शेखर विद्यार्थी व आईपीएस अधिकारी प्रतीक्षा गोदारा के खिलाफ विभागीय जांच भी होगी। मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर (ईटीसी) शेखर विद्यार्थी से स्पष्टीकरण मांगा है। सोनीपत की तत्कालीन एसपी एवं यूटी कॉडर की आईपीएस प्रतीक्षा गोदारा से स्पष्टीकरण के लिए होम सेक्रेट्री विजय वर्धन को पत्र लिखा गया है। गृह मंत्री विज ने बताया कि मुख्य सचिव ने आईएएस शेखर विद्यार्थी को तलब भी किया था। आईपीएस प्रतीक्षा गोदारा से भी जवाब तलबी हुई है।

गृह मंत्री ने सीएम से ये की थी सिफारिश :

सोनीपत की तत्कालीन एसपी प्रतीक्षा गोदारा व ईटीसी शेखर विद्यार्थी के खिलाफ जांच कर एक्शन लिया जाए।
एक्साइज एंड टैक्सेशन और पुलिस विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच कराई जाए।
मामले की गहन जांच स्टेट विजिलेंस ब्यूरो से कराई जाए।
सुबह दुष्यंत बोले- राजस्व बढ़ा है तो घोटाला कहां से हुआ

घोटाले में सरकार के दो सीनियर मंत्री आमने-सामने हैं। गुरुवार सुबह डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने पत्रकारवार्ता बुलाकर एक्साइज डिपार्टमेंट की जमकर तारीफ की। कहा कि जब विभाग का राजस्व बढ़ा है तो घोटाला कहां से हुआ। इसके बाद शाम को गृह मंत्री अनिल विज ने मीडिया से मुखातिब होकर एक बार फिर दोहाराया कि शराब घोटाला हुआ है। मुख्यमंत्री ने सभी सिफारिश मंजूरी कर ली हैं। अब इस मामले की गहनता से जांच होगी।

विजिलेंस जांच में इन बिंदुओं पर रहेगा जोर

स्टेट विजलेंस ब्यूरो को लिखे गए पत्र में एसईटी की रिपोर्ट में दर्ज कई बातों का विशेष रूप से जिक्र किया गया है, ताकि इन बिंदुओं पर ज्यादा जोर दिया जा सके। शराब के स्टॉक में ज्यादातर जिलों में कमी देखी गई। एक्साइज विभाग ने पूरी जानकारी नहीं दी। इसके क्या कारण हो सकते हैं, वह खुद ही जानता है।

ईटीसी ने खुद माना कि कुछ जिलों में परमिट जारी हुए। लॉकडाउन में शराब की मूवमेंट हुई, इसका भी ईटीसी ठीक से जवाब नहीं दे पाए। यह साबित होता है कि लॉकडाउन में शराब की अवैध तरीके से मूवमेंट हुई है।
पुलिस ने भी जो रोल निभाया है, वह नियमों से बाहर होकर किया गया काम है। इसकी जांच की जरूरत है। क्योंकि यही वह समय था, जब हर जगह लॉकडाउन में एक आदमी की मूवमेंट नहीं होने दी जा रही थी, वहां शराब की मूवमेंट कैसे हो गई‌?
ये है मामला

सोनीपत के खरखौदा में शराब घोटाला सामने आने के बाद उसमें पुलिस व एक्साइज विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत मिली। इसके बाद कई जिलों से ऐसे मामलों का खुलासा हुआ। यह भी सामने आया कि लॉकडाउन में ठेके बंद होने पर भी शराब की मूवमेंट हुई। जिस पर गृह मंत्री विज ने पूरे राज्य में शराब से जुड़े मामलों की जांच के लिए एसआईटी का गठन करने की सिफारिश सीएम से की थी। 11 मई को एसईटी का गठन कर 20 दिन में जांच करने को कहा गया। 27 मई को एसईटी ने जांच के लिए 31 जुलाई तक का वक्त मांगा। 30 जुलाई की रात एसईटी ने गृह सचिव को रिपोर्ट सौंपी। 31 जुलाई को विज ने गृह सचिव से 5 दिन में पूरी रिपोर्ट पर तथ्य मांगे। इसके बाद सीएम से कार्यवाही व स्टेट विजिलेंस जांच की सिफारिश की।

जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी

लॉकडाउन में शराब घोटाले की जानकारी मिलने पर एसईटी बनाने का निर्णय लिया। इसके लिए किसी ने मुझसे नहीं कहा था। मैंने एसईटी की रिपोर्ट के आधार पर सीएम से सिफारिश की थी। वह मान ली गई हैं। अब विजिलेंस जांच में पूरे मामले का खुलासा होगा। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। PLC.

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