Monday, July 13th, 2020

जुमला घोषणाएँ बंद करे अब भाजपा सरकार 

लखनऊ। भाजपा सरकार किसानों और श्रमिकों को गुमराह करने के लिए घोषणाओं पर घोषणाएं कर रही है, लेकिन उनका क्रियान्वयन कहीं होता नहीं दिखाई देता है। प्रधानमंत्री के एक भाषण सेे दूसरे भाषण तक उनकी सभी जिम्मेदारियां खत्म हो जाती हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री भी कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश को बहुत कुछ दे दिया है, किसान और मजदूर ढूंढ़ रहे है कहां है क्या दिया है? ये बातें समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कही।

उन्होंने कहा कि अपने पांवों पर खड़े होने में आर्थिक मदद देने के बजाय उसे और कर्जदार बनाने की साज़िश है। भाजपा ने हाल में जो न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किए हैं, वह सिर्फ छलावा है। जब क्रय केन्द्र नहीं है तो किसान अपनी उपज कहां बेचेगा?

उन्होंने कहा कि भाजपा ने एक ओर समर्थन मूल्य बढ़ाने का नाटक किया तो दूसरी तरफ डीजल और गैस के दाम बढ़ा दिए। रासायनिक खाद, कीटनाशक, बिजली, सिंचाई और बीज के सम्बंध में किसान को कोई रियायत नहीं मिली। भाजपा सरकार में फल‑फूल, सब्जी, दूध का काम करने वाले किसान मुश्किलों में फंस गए हैं। किसान से कहा जा रहा है कि वह बैंको से ज्यादा कर्ज ले, किसान को आत्महत्या की ओर प्रेरित करने का यह भाजपाई तरीका है। असल में भाजपा का खेती-किसान से कुछ लेना देना नहीं है। उसकी मानसिकता गरीब विरोधी, किसान विरोधी है।

सपा मुखिया ने कहा कि प्रदेश में किसानों की जिंदगी बदहाल होती जा रही है। गन्ना किसानों का लगभग 20 हजार करोड़ रूपया मिलों पर बकाया है। गन्ना बकाये पर कानूनन 14 दिन बाद भुगतान न होने की स्थिति में किसानों को ब्याज की राशि भी मिलनी चाहिए, इस पर सभी मौन साधे हैं। मुख्यमंत्री जी की मिल मालिकों पर सख्त कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं है क्योंकि पूंजीघराने ही तो भाजपा के समर्थक हैं। उद्योगपतियों को तमाम छूट और राहत पैकेज देने वाली भाजपा क्रय केन्द्र हो या मिलों के तौल केन्द्र वहां किसानों का सिर्फ लाइन लगवाना जानती है।

उन्होंने कहा कि सरकार अपने प्रचार पर जो खर्च विज्ञापनों पर कर रही है वह अगर किसानों और मजदूरों को दे देती तो उनका कुछ तो भला होता। बुंदेलखण्ड और बृजक्षेत्र में सैकड़ों किसान आत्महत्या कर चुके हैं। खेती को प्राइवेट हाथों में देने की भाजपा साजिश कर रही है, यह किसानों के साथ विश्वासघात है।

अखिलेश यादव ने मांग की कि प्रदेश में सरकार द्वारा किसान कर्जदार हो गए हैं उनके तमाम तरह के कर्ज माफ किए जाए। सन् 2022 तक किसानों की आय दुगनी करने के वादे का क्या होगा? अभी तक तो इसकी भनक तक नहीं लगी। पीएलसी।PLC.

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