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Friday, October 30th, 2020

जीवांश मिट्टी, पानी, व नई तकनीक का प्रबंधन करके बढ़ाए कृषि उत्पादन, जिससे किसानों की बढ़ेगी आय, देश की अर्थव्यवस्था में होगी बढौतरी : डा.तंवर

downloadआदेश त्यागी , आई एन वी सी, हरियाणा, जीवांश मिट्टी, पानी, व नई तकनीक का प्रबंधन करके कृषि उत्पादन बढ़ाया जा सकता है जिससे किसानों की आय बढ़ेगी ही देश की अर्थव्यवस्था में बढौतरी होगी । सिरसा जिले के किसानों  ने उपरोक्त प्रबंधन को अपनाना शुरू कर दिया  है। जिससे जिले का किसान पूरे देश में आर्थिक रूप से समृद्ध हुआ है।यह बात सिरसा के सांसद डा. अशोक तंवर ने आज जिला स्तरीय किसान मेला/प्रदर्शनी  में कही।  उन्होंने कहा कि मिट्टी की जांच करवाकर फसल प्रबंधन  बेहतर ढंग से किया जा सकता है, इस कार्य में सिरसा जिला अग्रणी है।   इसके लिए उन्होंने सभी किसानों को बधाई दी।  इस वर्ष जिला सिरसा के 40 हजार किसानों  ने खेत की मिट्टी की जांच करवाकर सॉयल हेल्थ कार्ड बनवा चुके है,जिससे  मिट्टी की पूरी क्लचर के साथ -साथ तत्वों की मात्रा को भी दर्शाया जाता है।  डा.तंवर ने कहा कि किसान कृषि में फसल वर्गीकरण अपनाएं और नकदी फसलों को तवज्जो देनी चाहिए जिससे कम खर्च करके किसान अपनी आय बढौतरी कर सकते है।  ग्वार,मुंगफली जैसी फसलों पर किसानो को ध्यान देना होगा और इसके साथ -साथ किसान सरकार द्वारा कृषि को बढावा देने वाली योजनाओ को अपनाएं। वर्तमान में फल व सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में सरकार द्वारा एक एकड़ के पॉली हाऊस बनवाने की 25 लाख तक की सबसीडी दी जा रही है। किसान इस सबसीडी का भरपुर फायदा उठाएं और फसलों का वर्गीकरण भी करें। उन्होंने कहा कि गांव मंगेआना में 9.70 करोड़ रूपए की इजराइल के सहयोग से विश्वस्तरीय फल उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया गया है इसके साथ-साथ सिरसा संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कस्बे भूना में भी अमरूद का उत्कृष्टता केंद्र स्वीकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि गेंहु के उत्पादन व उत्पादकता दर में  सिरसा जिला  देश का नम्बर वन जिला हैजिसकी वजह से हरियाणा को लगातार दो वर्ष कृषि कर्मण पुरस्कार से नवाजा गया है।  उन्होंने कहा कि कपास ,ग्वार, किन्नु  के उत्पादन मे  सिरसा जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। जिसकी वजह से  जिले की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनी है। इसका श्रेय सिरसा के  किसानों के साथ - साथ केंद्र व राज्य सरकार की नितियों को जाता है। उन्होंने कहा कि केंद्र्र सरकार द्वारा अभी खाद्य सुरक्षा अध्यादेश - 2013 पारित किया है जिससे 85 करोड़ लोगो को बहुत ही कम मुल्य पर अनाज मिलेगा। तथा अब देश में कोई भी व्यक्ति भुखे पेट नहीं सोएगा। देश के प्रत्येकनागरिक को पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाना सरकार की जिम्मेवारी है। देश व प्रदेश की जनता अगर इसी तरह साथ देती रही तो आगामी दस वर्षो में देश विकसित देशों की श्रेणी में होगा।  कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डा. जे गणेसन ने अपने वक्तव्य में कहा कि किसानो को फसल वर्गीकरण के साथ - साथ पशुपालन ,मछली पालन तथा बागवानी को भी अपनाना होगा और सभी कार्यो में व्यवसायिक दृष्टिकोण लाना होगा। तभी कृषि क्षेत्र का देश की आर्थिक विकास दर में ज्यादा योगदान हो पाएगा। इससे पूर्व सभी विशेषज्ञो ने विभिन्न विभागों निजि कम्पनियों ने अपने उत्पाद,उपकरण लगावाए उनका अवलोकन किया।  किसानो को नवीनतम विधियों को अपनाने बारे कहा। इस अवसर पर डा. अनिल मैहता ने रबी फसल के बारे में , डा. दलीप मोंगा ने  बी टी कॉटन के बारे में, संजीव कुमारी ने ओर्गेनिक खेती के बारे में, जिला उद्यान अधिकारी ने उद्यान के बारे में और अन्य विशेषज्ञो ने विभिन्न प्रकार की जानकारी दी। इस मेले में  कृषि विभाग के अतिरिक्त निदेशक राजेंद्र सोलंकी, अतिरिक्त उपायुक्त श्री शिव प्रसाद शर्मा , राजेंद्र सिंह व विभाग के अन्य अधिकारियों सहित हजारों की तादाद में किसान उपस्थित थे।  इस किसान मेले में कृषि, पशुपालन, बागवानी मत्स्य पालन विषयों पर प्रश्रोत्तरी में किसानों से प्रश्र पुछे गए  तथा सही जवाब देने वाले किसानो को सम्मानित किया।समारोह के अंत में उप निदेशक कृषि डा. अमरजीत सिंहकुलडिय़ा ने आए हुए विशेषज्ञों व किसानों का आभार प्रकट किया।

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