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नई  दिल्ली , राजधानी दिल्ली के अग्रणी हिन्दू संगठनों ने जल्ली कट्टू पर से प्रतिबन्ध हटाने पर खुशी जाहिर की। धर्म रक्षक श्री दारा सेना के अध्यक्ष श्री मुकेश जैन की अध्यक्षता में हुई बैठक में हिन्दू संगठनों ने पर्यावरण और वन मंत्री श्री प्रकाश जावडेकर की प्रशन्सा करते हुए इसे हिन्दू त्यौहारों के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय की आड लेकर विदेशी आतंकवादी ईसाई मिश्निरियों की साजिश का सही हल बताया।
बैठक में दारा सेना के अध्यक्ष श्री मुकेश जैन ने कहा कि विदेशी आतंकवादी ईसाई मिश्निरियां जिस प्रकार से चुन-चुन कर हिन्दू त्यौहारों के उत्साह और परम्पराओं को न्यायालयों की आड लेकर प्रतिबन्धित करने का घिनौना खेल-खेल रही हैं,उससे आज देश के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायधीशों की इन देशद्रोही ताकतों से मिली भगत साफ हो चुकी है। भारत के संविधान ने हमें धर्म को अबाध रूप से मानने और उसका आचरण करने की स्वतन्त्रता दी है। किन्तु इन न्यायधीश महोदयों ने जिस प्रकार हिन्दू त्यौहारों और परम्पराओं को प्रतिबन्धित करने का घिनौना खेल खेला, जल्ली कट्टू मामले पर अध्याधेश लाकर श्री प्रकाश जावडेकर जी ने इन हिन्दूद्रोहियों को मुंह तोड जवाब दिया। जिससे तमिलनाडू ही नहीं पूरे देश के हिन्दुओं में अपार खुशी की लहर है।
बैठक में ओजस्वी पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष स्वामी ओम जी ने सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के हिन्दू द्रोही न्यायधीशों को आडे हाथों लेते हुए कहा कि इन न्यायधीशों ने आतंकवादी विदेशी ईसाई मिश्निरियों के साथ मिलकर ऐसे हालात पैदा कर दिये हैं कि हमें गाय माता को रोटी डालने के लिये दर-दर की ठोकरें खानी पड रही है। हम बन्दरों को केला और प्रसाद भी नहीं खिला सकते। फूल मूर्तियों के विर्सजन पर रोक लगाकर इन न्यायधीशों ने यमुना नदी की सारी मछलियों को मार दिया है। दिवाली के पटाखों पर रोक लगाने के ईसाई मिश्निरियों की साजिश में ये मिले हुए है। किन्तु इन्हे ईसाईयों के नये साल पर मदिरापान करके वाहन चलाने,होटलों को अय्याशी के अड्डों में बदलने,लाखों पशु पक्षियों की क्रूरता पूर्वक हत्या करके खाने,रात के बारह बजे पटाखें फोडकर लौगों की नींद हराम करने पर कोई आपत्ति नहीं है?
हिन्दू संगठनों ने केन्द्र सरकार से अनुरोध किया है कि सरकार इन न्यायालयों द्वारा दिये धर्मिक स्वतन्त्रता पर कुठाराघात करने वाले सभी आदेशों को भी प्रतिबन्धित करें।