रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) 10वीं-12वीं की मुख्य परीक्षा 2019 के परिणाम इस बार 10 मई को आने की संभावना है। इस बार बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम के बाद जिन परीक्षार्थियों को अपने परिणाम में संतुष्टि नहीं होगी, वे दोबारा कॉपी जंचवा सकते हैं। इस बार इस नियमों में बदलाव करके 80 फीसद से अधिक अंक पाने वाले परीक्षार्थियों को भी पुनर्मूल्यांकन कराने का प्रावधान दे दिया गया है।

वहीं राज्य ओपन स्कूल की परीक्षा में भी 15 दिन के बाद छायाप्रति प्रति कॉपी 500 रुपये में देने का निर्णय लिया गया है। गौरतलब है कि दो साल पहले माशिमं ने नियमित परीक्षार्थियों की परीक्षाओं में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा में 20 प्रतिशत से कम अंक और 80 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वालों के पुनर्मूल्यांकन पर रोक लगा दी थी। इस पर हाल ही में परीक्षाफल समिति की बैठक में सदस्यों ने आपत्ति की थी कि किस तरह इस साल 80 फीसद से अधिक अंक पाने वाले विद्यार्थियों का पुनर्मूल्यांकन में लगी बंदिश के कारण टापर बनने का सपना टूट रहा है।

विशेषज्ञों का कहना था कि यदि बोर्ड 21 से 80 के मध्य वाले विद्यार्थियों को पुनर्मूल्यांकन की सुविधा देकर यह मानता है कि उनमें त्रुटि संभावित है फिर मानवीय त्रुटि तो सभी उत्तरपुस्तिकाओं में हो सकती है। इससे 20 प्रतिशत से कम अंक और 80 फीसद से अधिक अंक पाने वाले परीक्षार्थियों को भी उत्तरपुस्तिका को पुनः जांच कराने का अधिकार एवं न्याय अवश्य मिलना चाहिए। आखिरकार माशिमं ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। इतने छात्र-छात्राओं ने दी है परीक्षा 10वीं की परीक्षा में इस बार नियमित तीन लाख 88 हजार 320, प्राइवेट सात हजार 666 परीक्षार्थी और 12वीं में नियमित दो लाख 62 हजार 491, प्राइवेट नौ हजार 627 और 12वीं वोकेशनल में 1928 परीक्षार्थी शामिल हुए हैं। कॉपियों का मूल्यांकन लगभग पूरा हो चुका है। अब कॉपियों की स्कैनिंग चल रही है। ये हैं पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना के नियम 1- परीक्षाफल घोषित होने के 15 दिन के भीतर पुनर्मूल्यांकन, पुनर्गणना और कॉपियों की छायाप्रति के लिए आवेदन कर सकते हैं। 2- पुनर्गणना अथवा उत्तरपुस्तिका की छायाप्रति के लिए एक साथ आवेदन किया जा सकता है। 3- पुनगर्णना और उत्तर-पुस्तिका की छायाप्रति दिखाने के लिए ली गई शुल्क किसी भी दशा में वापस नहीं की जाएगी। 4- पुनर्गणना, पुनर्मूल्यांकन और छायाप्रति के लिए ली गई शुल्क किसी भी दशा में वापस नहीं होगी। इतनी लगेगी फीस पुनर्गणना के लिए 100 रुपये, उत्तरपुस्तिका की छायाप्रति के लिए 500 रुपये प्रति कॉपी, पुनर्मूल्यांकन के लिए 500 रुपये शुल्क निर्धारित है। इन्हें शुल्क में छूट राज्य के बीजापुर, जगदलपुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, कोण्डागांव, नारायणपुर, सुकमा बौर बलरामपुर तथा राजनांदगांव के विकासखंड मानपुर और मोहला निवासी आदिवासी छात्र-छात्राओं को पुनर्मूल्यांकन में निर्धारित शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यह छूट पुनर्गणना और उत्तरपुस्तिका की छायाप्रति के लिए नहीं है। 10 फीसद अंक बढ़ने पर ही मिलेगी अंकसूची पुनर्मूल्यांकन के बाद जिन परीक्षार्थियों का सम्बंधित विषय में 10 फीसद या इससे अधिक अंक बढ़ेगा तभी उसे पुनः बढ़े हुए अंक के आधार पर रिजल्ट और अंकसूची दी जाएगी।