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Thursday, October 29th, 2020

जल्दबाजी में नहीं शुरू होगा निर्माण

पहले पिलर को एक मीटर ब्यास में बोर किया जाएगा जबकि पिलर की नींव 200फीट गहरी रहेगी
मानक के मुताबिक मजबूत पाया गया पहला पिलर तो 15 अक्टूबर के बाद बाकी बचे 1100 पिलर के गड्ढे

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर का नक्शा एडीए से अप्रूव होने के बाद अब नींव के पिलर की खुदाई शुरू करने की तैयारी है। जिसको लेकर राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने यहां सर्किट हाउस में एल एंड टी के इंजीनियरों व ट्रस्ट के सदस्यों चंपत राय डा अनिल मिश्र डीएम एके झा के साथ बैठक कर तैयारी की समीक्षा की। सोमवार को सायं ही अयोध्या पहुंचे हैं। मंगलवार को मंदिर परिसर व वहां पहुंची मशीनों आदि का उन्होंने अपनी तकनीकी टीम के साथ निरीक्षण किया। चूंकि मंदिर की मजबूती एक हजार साल तक बनी रहनी है इसी बात को लेकर हर तरह से नींव का परीक्षण किया जा रहा है।

पहले एक पिलर बनेगा

राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के मुताबिक सबसे पहले केवल एक पिलर के गड्ढे की खुदाई शुरू करवाई जाएगी। यह काम 15सितम्बर को शुरू हो सकता है।यह गड्ढा 35मीटर गहराई तक एक मीटर ब्यास में बोर किया जाएगा जबकि पिलर की नींव गहरी रहेगी।

इसमें मानक के मुताबिक कंक्रीट का मसाला भर कर इसे पूरी तरह से तैयार किया जाएगा। उसके एक माह के बाद इसकी मजबूती का परीक्षण होगा।अगर यह पिलर परीक्षण में मानक के मुताबिक मजबूत पाया गया तो 15अक्टूबर के बाद बाकी बचे 1100 पिलर के गड्ढे की खुदाई शुरू कर दी जाएगी। बताया गया कि यह ट्रायल पिलर अगर परीक्षण में खरा नहीं उतरा तो फिर से तकनीकी जांच की जाएगी।

1200 पिलरों की खुदाई से पहले चल रहा है परीक्षण

बताया गया कि मंगलवार को ट्रस्ट के सदस्यों व एल एंड टी के इंजीनियरों के मंदिर के 1200 पिलर की खुदाई शुरू करने के पहले सारे परीक्षण को लेकर ही मंथन चल रहा है। जिसमें साइल टेस्ट, भूकंप रोधी परीक्षण, गिट्टी, मौरंग, सीमेंट आदि की मजबूती का वैज्ञानिक परीक्षण शामिल हैं। बताया गया कि राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र दो दिनों तक के अपने अयोध्या दौरे में मंदिर की नींव की मजबूती की सारी जानकारी से संतुष्ट होने पर ही इस पर काम शुरू करने के पक्ष में है। उनके साथ की तकनीकी विशेषज्ञ भी आए हैं।

चंपत राय ने कहा कि बैठक में तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की गई।पहले एक पिलर को तैयार किया जाएगा।उसके एक माह बाद बाकी पिलर खड़े होंगे। कार्यशाला में रखे पत्थरों को शिफ्ट करने पर भी चर्चा हुई।राय बनी की उसी समय में ही लाया जाए जब पत्थरों का काम शुरू हो।इससे इसकी गणना भी सही होगी।

जल्दबाजी में नहीं शुरू होगा निर्माण

वहीं राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बार बार दोहराया है कि मंदिर की नींव का निर्माण पूरी तरह से वैज्ञानिक व तकनीकी परीक्षण करने के बाद ही शुरू होगा।इसे जल्द बाज़ी में नहीं शुरू किया जाएगा PLC.

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