राजकोट | मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने आज राजकोट में शहरी गरीबों को कुल 1432 आवासों का आवंटन कर नये जीवन की शुभकामनाएं दी। इन आवासों का निर्माण करने के लिए उन्होंने राजकोट महानगरपालिका और राजकोट शहरी विकास प्राधिकरण को भी बधाई दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राजकोट के गरीबों को अपने पते वाला घर मुहैया करवाने में गुजरात सरकार जरिया बनी है, जिसका आनन्द है। इन घरों से गरीब सुखी संसार का सृजन कर सकेंगे। 


राज्यभर के नागरिकों की प्राथमिक जरूरतों को पूर्ण करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। नागरिकों को सम्पूर्ण सुविधाओं वाले आवास उपलब्ध करवाने के लिए अब तक 22 हजार आवासों का आवंटन किया जा चुका है और 10 हजार जितने आवासों का कार्य प्रगति पर है, जो जल्द ही पूरा हो जाएगा। राजकोट की आजी नदी को पुनर्जीवित करने की अभिलाषा व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इस भगीरथी कार्य में सहभागी बनने के लिए नदी की स्वच्छता, नदी के तट में अतिक्रमण ना करने और तेज कार्य में सहयोग के लिए नागरिकों को भी आगे आना होगा। राजकोट महानगरपालिका और राजकोट शहरी विकास प्राधिकरण (रूडा) के संयुक्त तत्वावधान में राजकोट के भारत नगर में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री श्री रूपाणी का विभिन्न व्यक्तियों और संस्थाओं द्वारा भव्य स्वागत-सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री ने भारत नगर में स्लम रि-डवलपमेंट योजना के अंतर्गत पीपीपी स्तर से बने 314 आवासों, 20 दुकानों, रूडा द्वारा निर्मित 1118 आवासों, कोठारिया में 15 एम.एल.डी. सुएज ट्रीटमेंट प्लांट, रैयाधार में 50 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। उन्होंने लर्निंग नॉन वायोलेंस पुस्तक का विमोचन किया। समारोह स्थल पर पहुंचने से पूर्व मुख्यमंत्री ने आवासों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री और महानुभावों का स्थायी समिति अध्यक्ष उदयभाई कानगड ने स्वागत किया। मनपा आयुक्त श्री बंछानिधि पानी ने तमाम विकास कार्यों की जानकारी दी। मेयर बीनाबेन आचार्य ने राजकोट महानगरपालिका द्वारा किए गए विकास कार्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने 5.27 करोड़ के खर्च से तैयार आधुनिक पुस्तकालय और 1.55 करोड़ के खर्च से तैयार दो प्राथमिक शालाओं का लोकार्पण भी किया। साथ ही, 8.51 करोड़ के खर्च से आकार लेने वाले कम्युनिटी हॉल तथा 139 लाख के खर्च से तैयार होने वाले कस्तूरबा गांधी विद्यालय और 42.07 लाख के खर्च से आकार लेने वाली जेजे पाठक शाला के भवन का भूमिपूजन भी किया। 
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नवनिर्मित पुस्तकालय का नाम बाबुभाई वैध लाइब्रेरी और मवडी चौक के पास बनने वाले पुल का नाम अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि पुस्तकें व्यक्ति की मानसिक भूख का निवारण करती हैं और पुस्तकें ही जीवन निर्माण में मार्गदर्शक भी बनती हैं। प्रवर्तमान परिस्थितियों का जिक्र करते हुए रूपाणी ने कहा कि सौराष्ट्र में पेयजल के दीर्घकालिक आयोजन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिखलाए गए पथ पर हमने सौराष्ट्र के 115 डेमों को नर्मदा के जल से भरने का बीड़ा उठाया है और यहां अकाल का नाम अब भूतकाल बनाया जाएगा। नागरिकों को पानी को लेकर चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। जलसंचय के कार्यों के नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि जल की बचत आवश्यक है। उधर, राजकोट महानगरपालिका द्वारा पेरेडाइज हॉल में लोकार्पण और भूमिपूजन के संयुक्त डायस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 17.12 करोड़ के विभिन्न प्रोजेक्ट्स का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इनमें 5.27 करोड़ के खर्च से निर्माणाधीन आधुनिक लाइब्रेरी और 80 लाख के खर्च से तैयार सम्राट प्राथमिक शाला नम्बर 49, 75 लाख के खर्च से तैयार मदर टेरेसा प्राथमिक शाला नम्बर 88 का भी उन्होंने लोकार्पण किया। 
राजकोट पुलिस द्वारा अपराध घटाने और अपराधियों की जानकारी संकलित कर पुलिस अधिकारियों केसंकलन में उपयोगी बनती राजकोट पुलिस की सर्वश्रेष्ठ एप्लीकेशन राजकोट सुरक्षा कवच को दिल्ली में पुलिस एक्सलेंट अवार्ड मिला है। आज यह अवार्ड मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को पुलिस कमिश्नर मनोज अग्रवाल ने अर्पित किया। PLC.