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Thursday, January 20th, 2022

जयपुर मेडिकल सुविधाओं का हब बन रहा है, चिकित्सा सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल : अशोक गहलोत

आई.एन.वी.सी,,

जयपुर,,
मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्घता दोहराते हुए कहा कि सरकारी एवं निजी क्षेत्र में चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की वजह से ही आज जयपुर मेडिकल सुविधाओं का हब बन रहा है। श्री गहलोत शुक्रवार को जगतपुरा में सेन्ट्रल स्पाइन, महल योजना क्षेत्र में क्रिटिकल केयर एण्ड ट्रोमा अस्पताल के लोकार्पण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। करीब पांच हजार वर्ग फीट क्षेत्र में निर्मित इस अस्पताल के निर्माण में लगभग 25 करोड़ रुपये व्यय हुए हैं। इससें 150 शैय्याओं की व्यवस्था उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बढ़ती आबादी के अनुरूप चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाने के प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य सरकार की मंशा है कि निजी क्षेत्र के साथ-साथ पीपीपी मोड पर भी प्रदेश में और अधिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल बनें। उन्होंने कहा कि पूर्व में दुर्घटना से पीडि़त व्यक्ति को अस्पताल में इलाज से पहले कई तरह की औपचारिकताएं पूरी करवानी होती थी लेकिन राज्य सरकार ने चिकित्सा को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया जिससे आज मरीज के आते ही उसका इलाज शुरू हो जाता है। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल लीक से हटकर है तथा आज इसकी सबसे ज्यादा आवश्यकता है। जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में भी ट्रोमा अस्पताल का बड़ा प्रोजेक्ट निर्माणाधीन है। यह सुविधा सभी अस्पतालों में होनी चाहिए।
श्री गहलोत ने कहा कि मरीज डाक्टर को ईश्वर के रूप में देखता है। ऐसे में डाक्टर भी मरीज की चिकित्सा में कोई कमी नहीं छोड़ता है। आम जनता को जहां डाक्टर की स्थिति को समझने की आवश्यकता है वहीं डाक्टर को मरीजों की मनोस्थिति समझने की जरूरत है। आमजन को बेहतर चिकित्सा मिले तथा निर्धनतम लोगों को भी चिकित्सा का लाभ समय पर उपलब्ध हो इसीलिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री बीपीएल जीवन रक्षा कोष से पूर्णतया नि:शुल्क एवं मुख्यमंत्री सहायता कोष से 60 हजार रुपये तक की चिकित्सा सहायता सुलभ करवाने की व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की जननी शिशु सुरक्षा योजना को देश में सबसे बेहतर तरीके से राजस्थान में लागू किया गया है। प्रसूता महिला और उसके बच्चे को नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा का लाभ दिलाने के साथ ही उन्हें घर से अस्पताल एवं वापस घर छोडऩे के लिए एक लाख 18 हजार वाहनों को चिन्हित किया गया। अब 400 एम्बूलेंस-104 अलग से प्रसूताओं की देखभाल में लगी हुई है। इस योजना से प्रदेश में 6 लाख महिलाओं एवं 2 लाख शिशुओं को लाभान्वित किया गया है।  श्री गहलोत ने कहा कि आज मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना की तारीफ हर तरफ हो रही है। तमाम शंकाओं को निर्मूल साबित करते हुए यह योजना सभी वर्गों के मरीजों को राहत पहुंचा रही है। आज सरकारी अस्पतालों में इस योजना की वजह से ही 40 से 50 प्रतिशत आउटडोर मरीज बढ़ गये हैं। इसके लिए समस्त चिकित्सक एवं चिकित्सा विभाग बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि आदमी तो अपनी पीड़ा बता सकता है लेकिन मूक पशु की पीड़ा को समझते हुए गत 15 अगस्त से राज्य में मुख्यमंत्री नि:शुल्क पशुधन दवा योजना भी लागू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने संतान हीनता की समस्या का सामना कर रहे दम्पत्तियों के जीवन में चिराग की रोशनी बिखेरने के लिए उनके इलाज की व्यवस्था की है। ऐसे जिले जहां एक भी फर्टिलिटी क्लिनिक नहीं है वहां प्रथम क्लिनिक की स्थापना पर राज्य सरकार द्वारा एक करोड़ रुपये की सहायता राशि उपलब्ध करवाई जायेगी। ये क्लिनिक बीपीएल दम्पत्तियों की नि:शुल्क चिकित्सा करेंगे। इसके अतिरिक्त एक लाख रुपये प्रतिवर्ष तक की आय वाले दम्पत्तियों द्वारा अनुमोदित फर्टिलिटि क्लिनिक्स में उपचार करवाने पर अधिकतम 20 हजार रुपये दवाओं हेतु अनुदान दिया जायेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री ए.ए.खान (दुर्रू मियां) ने कहा कि ट्रोमा अस्पताल ना केवल शहर बल्कि प्रदेश की जरूरत भी है। उन्होंने सडक़, जलने आदि से होने वाली दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इनके इलाज के लिए प्रदेश में उपलब्ध दो हजार बैड्स के मुकाबले हमें 5 हजार क्रिटिकेयर बैड्स की जरूरत है। ऐसे में यह ट्रोमा अस्पताल अपने आप में महत्वपूर्ण है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य सरकार द्वारा बीपीएल परिवारों के लिए मुफ्त इलाज, जननी शिशु सुरक्षा योजना, मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना की कामयाबी का जिक्र करते हुए बताया कि नि:शुल्क दवा योजना के कारण ही राज्य में प्रतिदिन ढाई लाख मरीजों को प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में स्थित 15 हजार 500 दवा केन्द्रों से मुफ्त दवा दी जा रही है। आज अन्य राज्य भी हमारी योजना की सफलता को देखने एवं उसका अध्ययन करने के लिए राजस्थान आ रहे हैं। देश के छोटे राज्य भी इस योजना को सफलतापूर्वक क्रियान्वित करने के लिए राजस्थान की मदद मांग रहे हैं। उन्होंने चिकित्सकों एवं पैरा मेडिकल कार्मिकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके सहयोग से ही हम मरीजों को अच्छी गुणवत्ता की जेनरिक दवाएं उपलब्ध करवा रहे हैं। राज्य सरकार आने वाले समय में नि:शुल्क जांच की सुविधा सुलभ करवाने की दिशा में भी कार्य कर रही है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि राजस्थान फाउण्डेशन के उपाध्यक्ष श्री राजीव अरोड़ा ने कहा कि जयपुर को विश्व स्तरीय शहर बनाने के लिए यहां विकास के साथ-साथ उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं भी बढ़ रही हैं। उन्होंने ट्रोमा अस्पताल की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि जिस सेवा भावना से यह अस्पताल शुरू किया गया है इसमें उसे सफलता हासिल होगी। इससे पहले अस्पताल के अध्यक्ष डॉ. नरेन्द्र रूंगटा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। एम.एन. टण्डन मेमोरियल चेरिटेबल ट्रस्ट की अध्यक्ष श्रीमती माया टण्डन ने ट्रस्ट की गतिविधियों तथा सडक़ दुर्घटनाओं में इलाज के लिए आधारभूत पाठ्यक्रम की जानकारी दी। सभी का आभार डॉ. मनीष मुंजाल ने ज्ञापित किया। इससे पहले मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने फीता काटकर क्रिटिकल केयर एण्ड ट्रोमा अस्पताल का विधिवत लोकार्पण किया।
इस अवसर पर न्यायमूर्ति श्री पानाचन्द जैन, प्रमुख चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सचिव श्री दीपक उप्रेती सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी तथा गणमान्यजन उपस्थित थे।

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