Saturday, October 19th, 2019
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जन्मदिन विशेषः एक 'योगी' जो पहले संत से सांसद बना, अब निभा रहा सीएम की जिम्मेदारी

 

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आज जन्मदिन है. योगी आदित्यनाथ आज 47 साल के हो गए हैं. किसी परिचय के मोहताज नहीं, बहुत कम उम्र में ही उन्होंने जो उपलब्धियां हासिल की हैं वो बेमिसाल हैं. मूल रूप से उत्तराखंड के राजपूत परिवार में जन्मे आदित्यनाथ का असली नाम अजय सिंह है. योगी गोरखपुर से लगातार पांच बार बीजेपी के सांसद रहे हैं. पहली बार उन्होंने 1998 में लोकसभा का चुनाव जीता तब उनकी उम्र महज 26 साल थी.योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के गोरखनाथ मठ के महंत हैं. योगी आदित्यनाथ का एक धार्मिक संगठन भी है जिसका नाम हिंदू युवा वाहिनी है और इसका पूर्वी उत्तर प्रदेश में खासा दबदबा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज योगी आदित्यनाथ को उनके जन्मदिन पर बधाई दी है. अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, 'योगी जी ने उत्तर प्रदेश में परिवर्तन के लिए सराहनीय काम किया है, विशेष रूप से कृषि, उद्योग जैसे क्षेत्रों के साथ-साथ कानून और व्यवस्था में सुधार. मैं उनके लंबे और स्वस्थ जीवन के लिए प्रार्थना करता हूं.'

योगी आदित्यनाथ का जन्म उत्तराखंड में हुआ था 
5 जून 1972 उत्तराखंड (तब उत्तर प्रदेश था) के पौड़ी जिला स्थित यमकेश्वर तहसील के पंचूर गांव के राजपूत परिवार में योगी आदित्यनाथ का जन्म हुआ था.1977 में टिहरी के गजा के स्थानीय स्कूल में पढ़ाई शुरू की. स्कूल और कॉलेज सर्टिफिकेट में इनका नाम अजय सिंह है.1987 में टिहरी के गजा स्कूल से दसवीं की परीक्षा पास की. 1990 में ग्रेजुएशन की पढ़ाई करते हुए एबीवीपी से जुड़े.उन्होंने गढ़वाल विश्विद्यालय से गणित में बीएससी किया है. योगी आदित्यनाथ का नाम लोकसभा में पहुंचने वाले सबसे कम उम्र के सांसदों की सूची में भी शामिल है.

अवैद्यनाथ ने आदित्यनाथ को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया
पढ़ाई के बाद वो गोरखनाथ मंदिर के महंत अवैद्यनाथ के संपर्क में आए. मंहत ने दीक्षा देकर अजय को योगी आदित्यनाथ का नाम दिया. अवैद्यनाथ ने 1998 में राजनीति से संन्यास लिया तो योगी आदित्यनाथ को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया.योगी आदित्यनाथ जब 12वीं लोकसभा में सांसद बनकर पहुंचे तब उनकी उम्र मात्र 26 साल थी. इसके बाद आदित्यनाथ 1999, 2004, 2009 और 2014 में भी लगातार सांसद चुने जाते रहे.योगी आदित्यनाथ भाजपा के सांसद होने के साथ साथ हिंदू युवा वाहिनी के संस्थापक भी हैं. 2015 में 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिला था. 2017 में विधानसभा चुनाव में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने योगी आदित्यनाथ से पूरे राज्य में प्रचार कराया था. 

संभाली यूपी की कमान  
19 मार्च 2017 को उत्तर प्रदेश के बीजेपी विधायक दल की बैठक में योगी आदित्यनाथ को विधायक दल का नेता चुनकर मुख्यमंत्री का ताज सौंप दिया गया. आदित्यनाथ के पिता आनन्द सिंह ने अपने पुत्र के मुख्यमंत्री बनाए जाने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा था कि आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ सबका विकास की तर्ज पर काम करना होगा. उन्होंने कहा था कि उत्तर प्रदेश में सबसे बड़ी समस्या गुंडागर्दी है. उसे खत्म करना होगा. उम्मीद है कि आदित्यनाथ ऐसे तत्वों के खिलाफ कठोर निर्णय लेंगे. PLC

 

 




 

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डॉ डीपी शर्मा, says on June 5, 2019, 8:05 PM

युवा पत्रकार की कलम से एक युगपुरुष युवा मुख्यमंत्री की जीवन गाथा का संस्मरण आलेख। कहते हैं कि मोहब्बत जब किसी के दिल में हो तो वह कलम के माध्यम से जब कागज पर उतरती है तो मोहब्बत के केसरिया फूल खिलते हैं। गंगा मां के दो अनमोल रत्नों का आज कलम एवं कृतित्व के माध्यम से स्नेहा् पूर्ण मिलन कागज एवं कलम के धरातल पर। जय गंगा माई