विजय बहादुर पाठकआई एन वी सी ,
लखनऊ ,
भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की जा रही योजनाओं में जनता की सक्रिय भागीदारी के कारण राज्य का सत्तारूढ दल (समाजवादी पार्टी) परेशान हो रहा है। पार्टी प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि नामचीन हस्तियो के द्वारा प्रधानमंत्री स्वच्छता कार्यक्रम में भागीदारी के कारण सफाई कर्मियों की नौकरी तो खतरे में नहीं पड़ेगी, हां जनता सपाईयों को जरूर सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाऐगी।

पार्टी मुख्यालय पर सोमवार को प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कहते है भाजपा काम कम प्रचार ज्यादा करती है। जनधन योजना का ढिढ़ोरा पीटने की बात करते है, क्या यह सच नहीं है कि इस योजना के तहत लगभग 6 करोड़ से अधिक लोगो के बैंक खाते खोले गये। गांव गरीब विरोधी अखिलेश सरकार नहीं चाहती है कि गरीब व्यक्ति राष्ट्र की अर्थिक मुख्य धारा में आये। अरे भाई अगर लोगों के पास बैंक खाते ही नही होगें तो विकास में आम आदमी की भागीदारी की वकालत करती सरकारें कैसे उसे भागीदार बनायेगी। प्रदेश में मनरेगा में हुए भष्टाचार जग जाहिर है जांच हो रही है। फिर अगर जनधन योजना मेें गरीब का खाता खुल रहा है, तो बजाय इसके की केन्द्र सरकार की एक अच्छी योजना से आम जन लाभाविन्त हो इसका प्रयास करने को सरकार उसे ठिठोरी पिटना बता रही है।

उन्होंने कहा मुख्यमंत्री कह रहे है कि झाडू लगाने का फैशन हो गया है, फिर क्या देश की जिन नामचीन हस्तियों चाहे किक्रेट के महान खिलाड़ी सचिन तेन्दुलकर हो, देश के प्रख्यात उद्योगपति कभी सपा के सांसद रहे अनिल अंम्बानी हो, या फिर सानिया मिर्जा, जैसे अन्य उल्लेखनीय लोगों ने भाग लिया क्या वे फैशन में भाग ले रहे थे ? योजनाऐ बगैर जन भागीदारी और जन सरोकार से पूरी नहीं हो सकती है। मोदी सरकार यह जानती है, इसलिए सभी योजनाओं में जनता की अधिकाधिक भागीदारी हो इसका प्रयास करती है। स्वयं प्रधानमंत्री कहते की अकेले सरकार नहीं वरन जन सहभागिता और जनभागीदारी के साथ ही वे देश को आगे ले जाना चाहते है, पर उ0प्र0 की सरकार खुद तो इस अभियान के शुरूआत के एक सप्ताह पहले जन अभियान के तहत शुरू करती है किन्तु फिर उसकी आलोचना करने में जुट जाती है।

श्री पाठक ने कहा कि अखिलेश यादव कहते है झाडू लगाने के फैशन से तो सफाई कर्मियों की नौकरी ही खतरे में पड़ गयी है। यह उनकी निराशावादी सांेच का परिचायक है। खुद 40 हजार सफाई कर्मचारियों की भर्ती की घोषणा एक साल से कर रहे है, पर नतीजा जस का तस है। हालत यह की जब सफाई कर्मी अपनी समस्याओं से रूबरू कराना चाहते है तो न तो मुख्यमंत्री न ही नगर विकास मंत्री के पास समय है कि इनकी समस्याओं को सुन सके। भर्तीयां हो नही रही, लगातार लोग आन्दोलन रत है, राज्य में सफाई कर्मी के लगभग सवा लाख पद रिक्त है। सेवाये सरकारी कर्मचारी की तरह पर सुविधाएं आम आदमी की तरह नहीं मिल रही है, सफाई कर्मियों को जिसके कारण ये दोयम दर्र्जे की जिन्दगी जीने को मजबूर है। प्रदेश में पद रिक्त है पर सरकार है कि चेतती ही नहीं है। घोषणाये होती पर उनको अमली जामा भी तो पहनाना होगा।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा वास्तव में मोदी सरकार द्वारा जनहित में घोषित योजनाओं में बढ़ती जनसहभागिता और निचले तबके तक के नागरिकों को मिल रहे लाभ से अखिलेश सरकार को प्रेरणा लेनी चाहिए। अखिलेश सरकार को केवल मोदी सरकार के विरोध के बजाय अपने द्वारा घोषित योजनाओं को पूरा करने पर ज्यादा ध्यान देती तो जनहित में बेहतर होता। फिर अब सपा महासचिव राम गोपाल यादव ने भी मोदी सरकार के विकास के ऐजेण्डे को स्वीकारा है।

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