आई एन वी सी न्यूज़
रायपुर,
 

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज यहां उनके निवास कार्यालय में गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही क्षेत्र से आए लगभग 300 आम नागरिकों ने मुलाकात कर नए जिले की सौगात के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। गाजे-बाजे के साथ मुख्यमंत्री निवास पहंुचकर क्षेत्र के नागरिकों ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। इस अवसर पर वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम सिंह भी उपस्थित थे।

    गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही क्षेत्र से आए लोगों ने कहा कि उनकी वर्षो की पुरानी मांग पूरी हो गई है, अब क्षेत्र का समुचित विकास हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे छोटे कामों के लिए आप लोगों को बिलासपुर आना पड़ता था, इसके लिए पूरा दिन लग जाता था। नया जिला बनने से प्रशासनिक कसावट आएगी और वहीं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा। नए जिला बनने से लोगों को बिलासपुर तक का सफर तय नही करना पड़ेगा, अब वहीं उनकी समस्याओं का निराकरण आसानी से हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए जिले में जल्द ही कलेक्टर और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की पदस्थापना की जाएगी।

    मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही नए जिले की घोषणा के साथ ही अनेक घोषणाएं भी की गई है। आपके जिले के नजदीक ही लेमरू हाथी रिजर्व बनाया जाएगा। इससे जंगली हाथियों को प्राकृतिक आवास और उनके संरक्षण और संवर्धन के साथ ही हाथियों से क्षेत्र में होने वाले जनहानि और संपत्तिहानि को रोका जा सकेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गौठान समितियों को संचालन के लिए 10 हजार रूपए दिया जाएगा। प्रदेश में अब अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को 12 की बजाए जनसंख्या के आधार पर 13 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। इसी तरह अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों को भी राष्ट्रीय मानक के अनुरूप 14 की बजाए अब 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता की खुशी ही सरकार का लक्ष्य है।

      इस अवसर पर सर्वश्री विजय केशरवानी, रतन केशरवानी, प्रशांत श्रीवास, अटल श्रीवास्तव, संजय अग्रवाल, घनश्याम सिंह ठाकुर, अमोल पाठक, वेद कुमार तिवारी, मनोज गुप्ता, राजेन्द्र ताम्रकार, विष्णु सोनी, रमेश साहू, योगेश तिवारी, आशोक शर्मा, पुष्पराज सिंह, संतोष साहू, मोहन शुक्ला, डॉ राजेन्द्र राय, उत्तम वासुदेव, श्री विभोर सिंह, गुलाब सिंह राज, अटल श्रीवास्तव, अभय नारायण राय सहित बड़ी संख्या में गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के लोग उपस्थित थे।