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Monday, September 28th, 2020

जनचेतना के लिए आज होगा प्रकृति भ्रमण

आई एन वी सी न्यूज़ 
जयपुर,
राजस्थान वानिकी एवं वन्यजीव प्रशिक्षण संस्थान की ओर से प्रकृति संरक्षण के प्रति जनचेतना जाग्रत करने के उद्देश्य से रविवार को वृहत कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।  सुबह 6 बजे से ऎसे पांच सुरम्य स्थानों पर प्रकृति भ्रमण का कार्यक्रम रखा गया है। 

प्रथम प्रकृति भ्रमण गैटोर की छतरियों से गढ़ग़णेश, चरण मंदिर, हथिनी कुण्ड क्षेत्रों का, द्वितीय प्रकृति भ्रमण आमेर के पीछे की पहाडिय़ों में सागर से भूतेश्वर क्षेत्रों का, तृतीय प्रकृति भ्रमण गलतागेट से सूर्य मंदिर, मधुवन एवं रघुनाथगढ क्षेत्रों का, चतुर्थ प्रकृति भ्रमण जलमहल से जलमहल पाल, मंशामाता व नृसिंह बुर्ज क्षेत्रों का तथा पंचम प्रकृति भ्रमण पापड़ के हनुमान जी से मायलाबाग के क्षेत्रों का होगा। इन सभी स्थानों पर अनुभवी ट्रेकर्स प्रकृति भ्रमण में गाईड के रूप में कार्य करेंगे। करीब दो-ढाई घंटे के इस प्रकृति भ्रमण में आम जनता भी हिस्सा लेगी। 

प्रकृति भ्रमण के दौरान सभी प्रतिभागी प्लास्टिक व अजैविक पदार्थों के रूप में उपलब्ध कचरे को एकत्रित भी करेंगे। इसके बाद सभी ट्रेक्स से आने वाले लोग सुबह 9 बजे जलमहल की पाल के अंतिम छोर पर मिलेंगे, जहां भव्य समारोह का आयोजन होगा। इसके तहत वहां ’ बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट ’ पर आधारित प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसमें बताया जाएगा कि किस तरह विभिन्न अनुपयोगी चीजों से उपयोगी सामान बनाया जा सकता है एवं कचरे का प्रबंधन किया जा सकता है। अलग-अलग प्रकृति संरक्षण के उपाय किए जाने के बारे में प्रदर्शनी में सामग्री रखी जाएगी। 

इसके अलावा संकल्प फाउंडेशन के तत्वावधान में आमजन से प्रकृति संरक्षण के ’संकल्प पत्र’ भी भरवाएं जाएंगे, जिसमें सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं अथवा कम से कम करने व प्रदूषण नहीं फैलाने जैसे संकल्प लिए जाएंगे। इस दौरान कुछ प्रतिभागियों द्वारा नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन भी किया जाएगा। प्रकृति भ्रमण में आने वाले प्रतिभागी फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी प्रतियोगिता में भाग ले सकेंगे। प्रतिभागियों के लिए स्लोगन प्रतियोगिता भी रखी गई है। इस पूरे कार्यक्रम का उद्देश्य आम जनता में बढ़ते हुए कचरे की समस्या के बारे में जाग्रत करना एवं अनुपयोगी वस्तुओं को पुनः चक्रित करते हुए गीले व सूखे कचरे को अलग-अलग निष्पादित करने एवं गीले कचरे से अपने घर पर अथवा नजदीक स्थान पर खाद बनाना, प्लास्टिक एवं अजैविक पदार्थों का कम से कम उपयोग करना या इसके पुनः उपयोग करना आदि के बारे में प्रेरित किया जाना है, जिससे जयपुर शहर को और स्वच्छ एवं सुंदर शहर बनाया जा सके तथा आम जनता को प्रकृति संरक्षण से जोड़ा जा सके।


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