Monday, April 6th, 2020

छत्तीसगढ़ की सुन्दरता का कहीं कोई मुकाबला नहीं : डॉ. रमन सिंह

raman singhआई एन वी सी न्यूज़ रायपुर, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि केरल और जम्मू-कश्मीर सहित पर्यटन की दृष्टि से भारत के सभी राज्यों के अपने सुन्दर तथा विविधतापूर्ण परिवेश हैं। इन सबके बीच छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक और सांस्कृतिक सौंदर्य की भी एक अलग पहचान है। मेरी नजर में पर्यटन की अपार संभावनाओं से परिपूर्ण छत्तीसगढ़ शांति का टापू है, दुनिया का सबसे खूबसूरत प्रदेश है और यह सैलानियों के लिए सर्वाधिक सुरक्षित गंतव्य भी है। मुख्यमंत्री आज देर शाम यहां राज्य शासन के सहयोग से एक निजी टेलीविजन चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रबुद्धजनों को सम्बोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि वसंत के मौसम में छत्तीसगढ़ के जंगलों और पहाड़ों में महुआ के फूलों की महक सबको मंत्रमुग्ध कर देती है। ऐसे आनंद की अनुभूति और दुनिया के किसी कोने में नहीं मिलती। हमारे यहां के जंगल लोगों को स्वच्छ ऑक्सीजन देते हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि मैंने दुनिया के कई देशों का भ्रमण किया, लेकिन मुझे लगता है कि छत्तीसगढ़ की सुन्दरता का कहीं कोई मुकाबला नहीं । स्वीटजरलैण्ड में तो दूर-दूर तक केवल बर्फ के सफेद पहाड़ नजर आते हैं, जबकि छत्तीसगढ़ के हरे-भरे जंगल, झरने और पहाड़ सहज ही लोगों का मन मोह लेते हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सिरपुर में हर साल होने वाले सिरपुर के राष्ट्रीय नृत्य और संगीत महोत्सव को अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव के रूप में मनाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि महानदी के किनारे स्थित छत्तीसगढ़ के समृद्ध इतिहास में सिरपुर जहां बौद्ध, शैव और वैष्णव मतों की त्रिवेणी के रूप में जाना जाता है, वहीं यह छठवीं शताब्दी की बौद्ध संस्कृति के प्रमुख केन्द्र के रूप में भी चिन्हांकित है। कार्यक्रम में देश में पर्यटन विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली संस्थाओं को आयोजकों की ओर से मुख्यमंत्री ने पुरस्कार वितरित किए।
डॉ. रमन सिंह ने दीप प्रज्जवलित कर समारोह का शुभारंभ किया। समारोह में छत्तीसगढ़ के पर्यटन और संस्कृति मंत्री श्री दयालदास बघेल और पंजाब के पर्यटन तथा सांस्कृतिक मामलों के मंत्री श्री सोहल सिंह थंडल विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। मुख्य अतिथि की आसंदी से समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2013 से सिरपुर में हर साल राष्ट्रीय स्तर का नृत्य और संगीत महोत्सव आयोजित करती आ रही है, लेकिन इस बार हमने इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की योजना बनाई है। इसके लिए जापान, चीन, श्रीलंका आदि बौद्ध संस्कृति वाले देशों के भारत स्थित राजदूतों से और वहां के नेताओं से चर्चा चल रही है। डॉ. सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में रेल्वे का इतिहास लगभग 118 साल पुराना है, लेकिन इस लम्बे दौर में केवल 1190 किलोमीटर रेल्वे लाईन राज्य में बन पाई है, जबकि राज्य शासन द्वारा केन्द्र सरकार के सहयोग से अगले पांच वर्ष में 500 किलोमीटर रेल लाईन बिछाने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसमें से 450 किलोमीटर रेल लाईन का विस्तार अगले चार साल में करना है। इसके लिए हम लोगों ने सार्वजनिक-निजी सहभागिता (पी.पी.पी.) मॉडल के अनुरूप योजना तैयार की है। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि नक्सल समस्या का एक मात्र समाधान सिर्फ विकास और विकास है। राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न योजनाओं के फलस्वरूप बस्तर अंचल की जनता और विशेष रूप से नई पीढ़ी में अपने सामाजिक-आर्थिक और शैक्षणिक विकास की ललक जागी है। डॉ. रमन सिंह ने राज्य सरकार की विकास गतिविधियों और नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि जनहित के कार्याें को हिम्मत के साथ करने की जरूरत है। इसमें पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की पहल पर केन्द्र के सहयोग से वहां नगरनार में एनएमडीसी द्वारा तीन मिलियन टन क्षमता के स्टील प्लांट का निर्माण लगभग पूरा कर लिया गया है और उसमें अगले साल उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य है। इस बीच वहां केन्द्र सरकार के ही सार्वजनिक उपक्रम एनएमडीसी द्वारा एक मेगा स्टील प्लांट लगाने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। सरकार बस्तर वासियों को अपने साथ जोड़कर उनकी बेहतरी के लिए कार्य कर रही है। बस्तर की जनता समझ गई है कि उनके विकास को रोकने वाली ताकतों के मंसूबों को समझ गई है। राज्य सरकार ने बस्तर अंचल के बच्चों की शिक्षा के लिए बेहतर इंतजाम किए हैं। नक्सल पीड़ित परिवारों के बच्चों के लिए पोटाकेबिन स्कूल चलाए जा रहे हैं। आजीविका (लाईवलीहुड) प्रशिक्षण कॉलेजों की स्थापना की गई है। वहां के बच्चे भी अब पढ़-लिखकर डॉक्टर, इंजीनियर और प्रशासनिक अधिकारी बनने लगे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल समस्या के निराकरण के लिए छत्तीसगढ़ तथा पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच बेहतर समन्वय से काम हो रहा है। पुलिस अधिकारियों के बीच भी अंतर्राज्यीय समन्वय काफी बेहतर है। केन्द्र और राज्य सरकार भी बेहतर ताल-मेल के साथ इस दिशा में काम कर रही हैं।
डॉ. रमन सिंह ने केन्द्र सरकार के भूमि अधिग्रहण अध्यादेश का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता को बिजली, रेल और सड़क नेटवर्क की सुविधा देने, किसानों को सिंचाई के बांध बनाकर देने, नये बिजली संयंत्रों की स्थापना करने जैसे सार्वजनिक महत्व के कार्यों के लिए जमीन की जरूरत तो होगी। रेल लाईन, सिंचाई बांध आदि आसमान में तो नहीं बन सकते। इस प्रकार की अधोसंरचनाओं के विकास के बिना देश आगे नहीं बढ़ सकता। कार्यक्रम में जनसम्पर्क विभाग के सचिव श्री गणेशशंकर मिश्रा सहित अनेक प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे।

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