आई एन वी सी न्यूज़
रायपुर,
तकनीकी रूप से दक्ष युवाओं की नई पीढ़ी तैयार करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं (आईटीआई) की संख्या लगभग चार गुना बढ़ा दी है। सरकारी और निजी क्षेत्र की औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं को मिलाकर यह संख्या छह गुना से भी ज्यादा हो जाती है। इन संस्थाओं में सीटों की संख्या में भी काफी इजाफा हुआ है। तकनीकी शिक्षा और रोजगार विभाग के मंत्री श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने आज बताया कि डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने युवाओं में तकनीकी दक्षता बढ़ाने के लिए कौशल विकास परियोजनाओं के साथ-साथ औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं को भी सुदृढ़ बनाने की ओर सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ अपना ध्यान केन्द्रित किया है।

श्री पाण्डेय ने बताया – राज्य निर्माण के समय छत्तीसगढ़ के सोलह में से 13 जिलों में सिर्फ 44 आईटीआई का संचालन किया जा रहा था और उनमें प्रशिक्षण के लिए सीटों की संख्या पांच हजार 960 थी। राज्य गठन के प्रथम तीन वर्ष में (वर्ष 2003 तक) सिर्फ 17 नये आईटीआई की स्थापना हुई और सीटों की संख्या 704 बढ़ी, लेकिन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में विगत 14 वर्ष में राज्य में आईटीआई की संख्या और सीटों की संख्या में जोरदार उछाल आया। इस दौरान 118 नये आईटीआई शुरू हुए और उनमें प्रशिक्षण के लिए सीटों की संख्या बढ़कर 25 हजार 589 हो गई।

उन्होंने बताया- अब छत्तीसगढ़ के सभी 27 जिलों में आईटीआई की संख्या बढ़कर 283 तक पहुंच गई है, जिनमें प्रवेश क्षमता 41 हजार 318 हो गई है। इन औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में 178 सरकारी और 105 निजी क्षेत्र की संस्थाएं शामिल हैं। पिछले तीन वर्ष के आंकड़े को देखें तो वर्ष 2015-16 में जहां सरकारी आईटीआई 163 थे और उनमें सीटों की संख्या 18 हजार 184 थी, वहीं वर्तमान वित्तीय वर्ष 2017-18 में सरकारी आईटीआई की संख्या 178 हो गई है, वहीं उनमें प्रवेश क्षमता 25 हजार 589 तक पहुंच गई है। इसी तरह निजी क्षेत्र की औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं की संख्या जो वर्ष 2015-16 में 98 थी वह बढ़कर वर्तमान वित्तीय वर्ष में 105 हो गई है। इस अवधि में निजी क्षेत्र की इन संस्थाओं में प्रवेश क्षमता 10 हजार 816 से बढ़कर 15 हजार 729 तक पहुंच गई है। फिटर, वेल्डर, इलेक्ट्रीशियन, कम्प्यूटर ऑपरेटर जैसे कई ट्रेडों के लिए तकनीकी रूप से दक्ष युवा इनमें तैयार हो रहे हैं।

श्री पाण्डेय ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2017-18 में राज्य की सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में 20 हजार 298 उपलब्ध सीटों के विरूद्ध 18 हजार 944 प्रशिक्षणार्थियों ने प्रवेश लिया। दाखिले का प्रतिशत 93.32 रहा। इसी कड़ी में निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में चालू वर्ष के दौरान 11 हजार 841 उपलब्ध सीटों के विरूद्ध 8 हजार 511 सीटों में प्रवेश लिया गया अर्थात 71.88 प्रतिशत दाखिला हुआ। श्री पाण्डेय ने अधिकारियों को सभी सरकारी और निजी आईटीआई का नियमित रूप से निरीक्षण करने और उनमें प्रशिक्षणरत युवाओं की जरूरतों का ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री पाण्डेय ने बताया कि आज की स्थिति में प्रदेश के 27 जिलों के 146 विकासखण्डों में से 142 विकासखण्डों में 178 सरकारी आईटीआई का संचालन किया जा रहा है। फिलहाल चार विकासखण्ड में आईटीआई नही हैं, इनमें मनोरा और दुलदुला (जिला-जशपुर), बतौली (जिला-सरगुजा) और ओरछा (जिला-नारायणपुर) शामिल है। इनमें से मनोरा और ओरछा में केन्द्र सरकार के सहयोग से आईटीआई खोलने का प्रस्ताव है। राज्य सरकार ने आगामी एक अप्रैल से शुरू होने वाले नये वित्तीय वर्ष 2018-19 में वर्तमान 17 सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में 33 अतिरिक्त व्यवसाय (ट्रेड) शुरू करने के लिए बजट प्रावधान किया गया है। इससे इन संस्थाओं में 776 अतिरिक्त सीटें भी उपलब्ध होंगी। इनमें कुरूद, सरायपाली, दल्लीराजहरा, पिथौरा, मानपुर, जांजगीर, मुंगेली, जैजैपुर, भानपुरी, लोहाण्डीगुड़ा, चेन्द्रा, खडगवां, रामानुजनगर, बैकुंठपुर, रामानुजगंज, आरा और बगीचा शामिल है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं के लिए भवन आदि अधोसंरचना विकास पर भी ध्यान केन्द्रित किया है। राज्य गठन के समय 44 शासकीय आईटीआई में से केवल 28 आईटीआई के पास स्वयं का भवन था, जबकि वर्तमान में संचालित 178 सरकारी आईटीआई में से 138 संस्थाओं का संचालन उनके स्वयं के भवन में किया जा रहा है। इतना ही नहीं बल्कि आईटीआई में प्रशिक्षण ले रहे युवाओं को छात्रावास की सुविधा दिलाने के लिए भी सरकार गंभीरता से प्रयास कर रही है। राज्य गठन के समय सिर्फ 14 शासकीय आईटीआई में छात्रावास उपलब्ध थे, जबकि आज छात्रावासों की संख्या बढ़कर 62 हो गई है, वहीं इनमें से 8 छात्रावासों का संचालन बालिकाओं के लिए किया जा रहा है। इसके अलावा नौ औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाएं सिर्फ बालिकाओं के लिए संचालित हैं। इनमें से सात में उनके लिए छात्रावास की भी सुविधा मुहैया करा दी गई है। सह शिक्षा वाले अन्य आईटीआई में भी सरकार बालिकाओं के लिए अलग से छात्रावास भवनों का निर्माण करवा रही है। अब तक 20 छात्रावासों का निर्माण पूर्ण हो गया है। इन छात्रावासों में एक हजार 035 प्रशिक्षणार्थियों को आवासीय सुविधा मिलेगी। इनमें जरूरी सामग्री आदि की व्यवस्था की जा रही है।

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