Sunday, November 17th, 2019
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चैन से नहीं बैठूंगा

> मुख्‍यमंत्री श्री कमल नाथ ने बड़वानी जिले के नागलवाड़ी में किया माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना का भूमि-पूजन

आई एन वी सी न्यूज़ भोपाल , मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि हम किसानों को कर्ज में डूबने नहीं देंगे और नौजवानों को बेरोजगार नहीं रहने देंगे। उन्‍होंने कहा कि सरकार ने 60 दिनों में इन दोनों वर्गों के आर्थिक उत्‍थान की एक नई शुरूआत की है, जो आने वाले समय में युवाओं और किसानों की तकदीर तथा प्रदेश की तस्‍वीर बदल देगी। श्री नाथ आज बड़वानी जिले के ग्राम नागलवाड़ी में 1173 करोड़ रूपये लागत की माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना का भूमि-पूजन कर रहे थे। मुख्‍यमंत्री ने कहा कि मध्‍यप्रदेश में विकास के नए बाजार विकसित किए जाएंगे। सरकार सम्‍भालने के बाद हमने कर्ज माफी के साथ बिजली के बिलों को आधा किया है। पेंशन की राशि बढ़ाई है। कन्‍यादान योजना की राशि में दुगनी वृद्धि की है। हमारा लक्ष्‍य है कि आने वाले 5 सालों में प्रदेश के साथ हर वर्ग भी खुशहाल हो। मुख्‍यमंत्री ने नागलवाड़ी के लोक देवता भीलट देव का स्‍मरण करते हुए कहा कि जब मैं अगली बार इस पवित्र और पावन स्‍थान पर आऊंगा, तब शिखर धाम तक पक्‍की सड़क होगी। श्रद्धालुओं को भिलट देव के दर्शन करने में कोई असुविधा नहीं होगी। मुख्‍यमंत्री श्री कमल नाथ द्वारा शुरू की गई नागलवाड़ी माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना से खरगोन और बड़वानी जिले के 116 गाँवों की 47 हजार हेक्‍टर कृषि भूमि सिंचित होगी और वहाँ पेयजल की आपूर्ति होगी। मुख्‍यमंत्री ने पाटी-बोकराटा-खेतियाँ, बाल समुंद-ओझर-नागलवाड़ी मार्ग के उन्‍नयन और निर्माण तथा खरगोन बड़वानी मार्ग पर 10 उच्‍च-स्‍तरीय पुलों का भूमि-पूजन किया। इन निर्माण कार्यों की लागत 143 करोड़ रुपए है। श्री कमल नाथ ने राजपुर और सेंधवा तहसील के किसानों को फसल ऋण माफी के प्रमाण पत्र भी वितरित किए। समारोह में गृह मंत्री श्री बाला बच्‍चन, किसान कल्‍याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री सचिन यादव और संस्‍कृति मंत्री डॉ. विजयलक्ष्‍मी साधौ उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री ने नागलवाड़ी में किये भीलट देव के दर्शन मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज बड़वानी जिले के ग्राम नागलवाड़ी प्रवास के दौरान आदिवासी समाज की आस्‍था के केंद्र शिखर धाम पहुँचकर भीलट देव की पूजा-अर्चना कर प्रदेश के विकास की कामना की। श्री नाथ के साथ गृह मंत्री श्री बाला बच्‍चन, बड़वानी जिले की प्रभारी मंत्री डॉ. विजयलक्ष्‍मी साधौ, नर्मदा घाटी विकास एवं पर्यटन मंत्री श्री सुरेंद्र सिंह बघेल और किसान कल्‍याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री सचिन यादव उपस्थित थे। > कर्ज माफी के बाद सरकार का अगला लक्ष्य किसानों को उपज का सही मूल्य दिलाना : मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज देवास जिले के सोनकच्छ में 3490 करोड़ की लागत की नर्मदा-कालीसिंध लिंक उद्वहन सिंचाई परियोजना की आधारशिला रखने के बाद कहा कि कर्ज माफी के बाद अब सरकार का अगला लक्ष्य किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाना है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर देवास के ग्राम खटाम्बा में प्रदेश के पहले पोषण आहार संयंत्र का लोकार्पण भी किया। संयंत्र की क्षमता 2500 मी. टन है और लागत 16 करोड़ रुपए है। संयंत्र से देवास सहित 9 जिलों में टेक होम राशन की आपूर्ति होगी। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान पूर्व सरकार द्वारा दर्ज मुकदमें वापस लिये जायेंगे। उन्होंने कहा कि 60 दिन पुरानी हमारी सरकार ने अपनी नीयत और नीति बता दी है। वचन पत्र के वायदों को एक-एक कर पूरा किया जा रहा है। श्री नाथ ने नर्मदा-कालीसिंध लिंक उद्वहन सिंचाई परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे मालवा जिले के देवास, शाजापुर और सीहोर जिले के 282 गाँव की एक लाख हेक्टर भूमि में सिंचाई हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 70 प्रतिशत आबादी कृषि से जुड़ी है। सिंचाई सुविधा बढ़ने से कृषि क्षेत्र में उत्पादन बढ़ेगा। हमारी चिंता यही है कि किसान अपनी मेहनत और कर्ज लेकर जो फसल पैदा करें उसे उसका पूरा दाम मिलें। किसानों की क्रय शक्ति बढ़ने से ही व्यापार-व्यवसाय में वृद्धि होगी और प्रदेश का विकास होगा। समारोह को लोक निर्माण एवं पर्यावरण मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा, उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी, पर्यटन मंत्री श्री सुरेन्द्र सिंह बघेल एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल ने सम्बोधित किया। किसान-कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री सचिन यादव भी उपस्थित थे। किसान कर्ज माफी प्रमाण-पत्र का वितरण मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने जय किसान फसल ऋण माफी योजना में किसानों को कर्ज माफी के प्रमाण-पत्र भी बाँटे। उन्होंने कृषक बलवान सिंह को 1,75,335 रुपए, अम्बाराम को 1,73,440 रुपए, अजाब सिंह को 1,60,868 रुपए, महेंद्र सिंह को 94,681 रुपए, कृपाल सिंह को 78,768 रुपए, सौदान सिंह को 49,609 रुपए तथा कमलेश को 36,452 रुपए की ऋण माफी के प्रमाण-पत्र दिए। देवास जिले में सबसे अधिक 91 हजार से अधिक किसानों का 250 करोड़ रुपए का कर्ज माफ हुआ है। >  मासूम श्रेयांश-प्रियांश के हत्यारों को जब तक सजा नहीं मिलेगी, चैन से नहीं बैठूंगा मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि मासूम श्रेयांस-प्रियांश के हत्यारों को जब तक सजा नहीं मिलेगी, मैं चैन से नहीं बैठूंगा। उन्होंने कहा कि मासूम बच्चों के परिवार को न्याय दिलाना उनकी जिम्मेदारी है, जिसे वे पूरी करेंगे। मुख्यमंत्री श्री नाथ ने कहा कि इस निर्मम हत्याकांड के अपराधियों को जहाँ से भी और जिसने भी संरक्षण दिया है, उसे छोड़ा नहीं जाएगा। चाहे वह कितना ही बड़ा क्यों न हो। मुख्यमंत्री ने मासूमों के पिता श्री बृजेश रावत को आश्वस्त किया कि उनके परिवार पर जो दु:ख का पहाड़ टूटा है, उसकी भरपाई तो नहीं हो सकती लेकिन फॉस्ट ट्रेक न्यायालय के जरिए इस पूरे मामले की सुनवाई कर अपराधियों को फाँसी की सजा मिले, इसका पूरा प्रयास सरकार करेगी। मुख्यमंत्री श्री नाथ ने कहा कि इस दु:खद घटना को राजनीति का विषय कभी नहीं बनाना चाहूँगा। मेरा एक ही मकसद है, मासूम श्रेयांश और प्रियांश के परिवार को न्याय दिलाना और उसी मकसद को लेकर में काम करूंगा।


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