चार धाम यात्रा में अब कोई दिक्कत नहीं – मुख्य सचिव ने कि तैयारियों की समीक्षा

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छेहरादून,
मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने बुधवार को सचिवालय मंे चारधाम यात्रा के तैयारियों की समीक्षा की। आपदा के कहर के बाद बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री में स्थिति बहाल हो गई है। इन धामों की यात्रा में अब कोई दिक्कत नहीं है। हालांकि, स्थिति सामान्य होने में समय लगेगा। दैवीय आपदा से सबसे ज्यादा तबाही केदार घाटी में हुई थी। यहां भी युद्धस्तर पर दिना-रात कार्य करके यात्रा के लायक बना दिया जायेगा। 4 मई को कपाट खुलने के बाद पं. जसराज के भक्ति संगीत की स्वर लहरी घाटी में गंजेगी।
केदारघाटी में चल रहे निर्माण कार्याें और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को रवाना कर दिया गया है। सचिव लोनिवि अमित नेगी, डीआईजी गढ़वाल अमित सिन्हा, कमिश्नर गढ़वाल एनएस नपलच्याल, यूपीसीएल के एमडी, जीएमवीएन के एमडी राजेश कुमार, डीजी हेल्थ सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी 3 मई तक सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देकर शासन को रिपोर्ट करेंगे। बैठक में बताया गया कि चार धामों में एक महीने का एडवांस राशन और मिट्टी का तेल भेज दिया गया है। केदारनाथ के पैदल मार्ग गौरीकुंड, जंगलचट्टी, भीमबली, त्रियुगीनारायण, लिंचौली और केदारनाथ में राशन स्टोर किया गया है।
बैठक में तय किया गया कि जब तक केदारनाथ यात्रा मार्ग पर होटल, ढ़ाबे नहीं खुल जाते हैं, गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) लंगर चलायेगा। जीएमवीएन को प्रतिदिन 1000 लोगों के लिए पके हुए खाने की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा जीएमवीएन रिफ्रेशमेंट प्वाइंट भी बनायेगा। इस प्वाइंट पर चाय, पानी, कोल्ड ड्रिंक आदि का इंतजाम रहेगा। बताया गया कि 250 लोगों के ठहरने का इंतजाम लिंचौली में और 500 लोगों का इंतजाम केदारनाथ में किया जा रहा है। 7 प्री फैब्रीकेटेड हट के अलावा 15 छोटे और 15 बड़े टेंट लगाये जा रहे हैं। बेस कैम्प मंे 30 टेंट रेडक्रास सोसायटी द्वारा लगाये जा रहे हैं। 25 हट का सामान एडवांस में रखा जायेगा।
बिजली की व्यवस्था कर दी गई है। केवल 2 किमी शेष है। 2 अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लिंचौली पहुंच गये हैं। 3 मई तक केदारनाथ तक बिजली पहुंच जायेगी। उरेडा का जेनेरेटर केदारनाथ पहुंच गया है। उरेडा के जरिये केदारनाथ धाम प्रकाशमान है। इसके अलावा पेट्रोल से चलने वाली 25 अस्का लाइट भी कल तक पहुंच जायेगी। इस लाइट से 300 मीटर तक रोशनी होती है। यात्रा मार्ग पर पेयजल की आपूर्ति कर दी गयी है। क्लोरीनेशन का कार्य गुरूवार से शुरू हो जायेगा। स्वास्थ्य व्यवस्था के बारे में बताया गया कि रूद्रप्रयाग और सोनप्रयाग में यात्रियों का मेडिकल चेकअप किया जायेगा। जीवन रक्षक दवाओं, पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलंडर के साथ डाक्टरों की टीम भीमबली, लिंचौली, बेस कैम्प और केदारनाथ में तैनात रहेगी। इसके अलावा एम्बुलेंस भी सड़क मार्ग पर उपलब्ध रहेंगे।
बताया गया कि इस बार केदारनाथ यात्रा मार्ग के संवेदनशील स्थानों पर एसडीआरएफ और पुलिस के जवान यात्रियों की मदद के लिए तैनात रहंेगे। एसडीआरएफ की चार टीमें केदारघाटी में तैनात की गई है। केदारनाथ में 50, लिंचौली में 25, भीमताल मंे 25 और भीमबली में 25 जवान तैनात हैं। इसके अलावा पुलिस के आउट पोस्ट भी बनाये गये हैं।
बैठक में अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ओम प्रकाश, प्रमुख सचिव लोनिवि एसएस संधू, प्रमुख सचिव पेयजल एस राजू, डीजीपी बीएस सिद्धू, सचिव पर्यटन उमाकांत पवांर, सचिव आपदा प्रबंधन भास्करानंद, सचिव गृह एमके जोशी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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