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Wednesday, October 28th, 2020

चारधाम यात्रा मार्ग पर अवस्थापना सुविधाओं के पूरी तरह से विकसित होने में समय लगेगा : हरीश रावत

CM Photo 02 dt.16 July, 2014आई एन वी सी, देहरादून, मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बुधवार को दिल्ली से देहरादून पहुंचकर राज्य अतिथि गृह बीजापुर में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चारधाम, पेयजल, कृषि, उद्यान, सिंचाई, आदि विभागों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री श्री रावत ने चारधाम यात्रा की समीक्षा करते हुए यात्रा व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिये कि मौसम पर निरंतर निगरानी रखी जाय। यात्रियों को किसी भी प्रकार की कोई असुविधा नही होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आने वाले सभी यात्रियों की सुरक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि संवेदनशील स्थानों पर एस.डी.आर.एफ. के जवानों को तैनात किया जाय। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के कारण जहां-जहां पर भी सड़क और पुल क्षतिग्रस्त हो रहे है, उनके तत्काल मरम्मत की व्यवस्था की जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने यात्रा को स्थगित नही किया गया है। लेकिन हमारा इस बात पर जोर है कि सुरक्षित यात्रा संचालित करायी जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी चारधाम यात्रा मार्ग पर अवस्थापना सुविधाओं के पूरी तरह से विकसित होने में समय लगेगा। अगले वर्ष से यात्रा निर्बाध गति से संपन्न हो, इसके लिए अभी से प्रभावी प्रयास किये जा रहे है। मुख्यमंत्री ने इसके बाद कृषि विभाग के अधिकारियों से राज्य में सूखे की स्थिति पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव कृषि को निर्देश दिये कि राज्य के सभी जनपदों में सूखे की स्थिति का आंकलन तैयार कर रिपोर्ट सौपी जाय। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखा जाय कि किसानों को सूखे के कारण किसी भी प्रकार की कोई क्षति न सहनी पड़े। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों मे सूखे के हालत हो, वहां के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत की जाय। उन्होंने कहा कि सूखे से खेती पर किसी भी प्रकार का असर न पड़े, इसका विशेष ध्यान रखा जाय। पेयजल विभाग की समीक्षा करते मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की मरम्मत में तेजी लायी जाय। उन्होंने निर्देश दिये कि पेयजल के लिये आगामी 30 वर्षो की आवश्यकता के अनुसार योजना बनायी जाय। उन्होंने इसके लिए पेयजल, शहरी विकास और सिंचाई विभाग के अधिकारियो को निर्देश दिये कि मुख्य सचिव के साथ बैठक कर ठोस कार्ययोजना तैयार करे। मुख्यमंत्री ने जल स्रोतांे के संरक्षण एवं विकास पर विशेष ध्यान देने के भी निर्देश दिये। साथ ही राज्य की जल नीति तैयार करने को भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इसके लिए शीघ्र एक्ट का ड्राफ्ट तैयार किया जाय। उन्होंने केन्द्र द्वारा स्वीकृत योजनाओं में तेजी लाने के भी निर्देश दिये। सिंचाई विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि जलाशयों की निगरानी करने के साथ इन पर सिंचाई आदि की जो योजनाएं संचालित है, उन पर पिछले 5-7 साल के आंकड़ों के आधार पर उनके संरक्षण पर ध्यान दिया जाय। नहरों की स्थिति के आंकलन के लिये अभियान के रूप में कार्य किया जाय। उन्होंने नहरों आदि की मरम्मत के लिये अभियंताओं को वित्तीय अधिकार दिये जाने के भी निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए पेयजल व सिंचाई योजनाओं के लिये रि-आर्गेनाइजेशन योजनाएं तैयार की जाय। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय स्तर पर योजनाओं की स्वीकृति के लिये नोडल अधिकारी नामित करते हुए दिल्ली में तैनात किया जाय, ताकि केन्द्र स्तर पर योजनाओं की स्वीकृति आदि में समन्वय बन सके। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि भारी बारिश के कारण जहां-जहां सड़के या पुल टूट रहे है, उनकी मरम्मत तत्काल की जाय। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा मार्ग पर विशेष ध्यान रखा जाय, संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त डोजर उपलब्ध रहे, साथ ही बी.आर.ओ. के साथ समन्वय कर अवरूद्ध यात्रा मार्गों को तत्काल खोला जाय। बैठक में मुख्य सचिव सुभाष कुमार, अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.एस.संधू, प्रमुख सचिव कृषि ओम प्रकाश, प्रमुख सचिव पेयजल, एस.राजू, सचिव पर्यटन डाॅ. उमाकांत पंवार, सचिव सिंचाई अजय प्रद्योत, सचिव नगर विकास डी.एस.गब्र्याल अपर सचिव सूचना रविनाथ रामन सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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