आई एन वी सी न्यूज़
रांची,
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि आने वाले समय में एलपीजी गैस सिलेंडर की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। जिस तरह से नल से पानी आता है उसी तरह से शहर में पाइप लाइन के जरिए एलपीजी की आपूर्ति के बाद गांव-गांव में एलपीजी की पाइप लाइन बिछाई जाएगी। एलपीजी के गैस सिलेंडर की कोई जरूरत नहीं रहेगी। यह है देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आधुनिक भारत की सोच और इसी को धरातल पर सफलीभूत करने की दिशा में सतत काम कर रही है झारखंड सरकार। मुख्यमंत्री आज पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा स्थित टाटा कॉलेज मैदान में आयोजित कोल्हान प्रमंडल स्तरीय उज्ज्वला दीदी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

चाईबासा झारखंड का सबसे अमीर जिला

मुख्यमंत्री ने कहा कि चाईबासा झारखंड का सबसे अमीर जिला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद मैंने कहा था कि चाईबासा को मैं बदल दूंगा। डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फंड की राशि से पेयजल की 23 योजनाएं चल रही हैं। 4 साल पहले मैंने कहा था कि झारखंड में चाईबासा में हमारा कोई भी गरीब लाल पानी नहीं पिएगा। लंबी योजनाओं में समय लगता है 23 योजनाएं चल रही हैं जिसमें से 5 योजनाएं अक्टूबर तक पूरी हो जाएगी।

मैं अक्टूबर में फिर आऊंगा और घर-घर पानी पहुंचेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने आजादी के बाद पहली बार जल शक्ति मंत्रालय बनाया गया है, ताकि हम गांव गांव में पाइप लाइन के द्वारा शुद्ध पेयजल दे सकें। केंद्रीय नेतृत्व के इस काम में हमारी सरकार कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही है। चाईबासा में 10 करोड़ की लागत से जुबली पार्क का निर्माण हो चुका है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार चाईबासा में मेडिकल कॉलेज खोलने जा रही है। राज्य के अलग-अलग जिलों के 3 मेडिकल कॉलेज का भवन बनकर तैयार है और चाईबासा में भी डेढ़ साल के अंदर जब मेडिकल कॉलेज बन जाएगा तो कोल्हान के 100 बच्चे यहीं पर एमबीबीएस की शिक्षा प्राप्त करेंगे।

10 सितंबर तक 43 लाख बहनों को मिलेगा एलपीजी गैस सिलेंडर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य भर में 32 लाख परिवारों तक एलपीजी गैस सिलेंडर पहुंच चुका है। जिला 20 सूत्री के उपाध्यक्ष, 20 सूत्री के सदस्य और तेल कंपनी मिलकर इस लक्ष्य को प्राप्त कर रहे हैं और निस्स्वार्थ काम कर रहे हैं। वे साधुवाद के पात्र हैं।

1 सप्ताह के अंदर हर पंचायत में उज्ज्वला दीदी बनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रखंड 20 सूत्रीय के अध्यक्ष द्वारा तय कार्यक्रम के अनुरूप उज्जवला दीदियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। पंचायत की उज्ज्वला दीदी यह ध्यान रखें कि आपके पंचायत के किसी गांव में कोई भी लाभुक गरीब बहन एलपीजी गैस सिलेंडर पाने से वंचित ना रह जाए। पूरे सितंबर महीने में यह सूची भी आपको बनाना है, ताकि हमारे हर गांव में हर गरीब के घर तक एलपीजी गैस सिलेंडर पहुंचे।

एलपीजी के उपयोग में अज्ञानता अब बाधा नहीं

उज्ज्वला दीदी पंचायत के गांव में लाभुक को प्रशिक्षित करने का काम करेंगी। इस तरह से झारखंड की हर लाभुक बहनें एलपीजी गैस सिलेंडर के उपयोग को अच्छी तरह से समझ पाएंगी। अशिक्षा और अज्ञानता अब बाधा नहीं बनेगी। जागरूकता लाने के लिए उज्ज्वला दीदी का गठन गांव गांव में किया जा रहा है। उज्ज्वला दीदी ईमानदारी पूर्वक काम करें ताकि गांव की बहनें सही ढंग से एलपीजी कनेक्शन युक्त रसोई गैस चूल्हा को चला सकें।

महिलाएं परिवार की रीढ़ हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार की शक्ति को हमें राज्य की शक्ति बनाना है। शासन के हर काम में हम महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना चाहते हैं और उन्हें जोड़ना चाहते हैं। नारी शक्ति में वह ताकत है कि झारखंड को बदल सकती हैं। इसलिए नारी शक्ति, जो प्राचीन काल से भारत में हमारी संस्कृति को संभाल कर रखे हुए हैं उस शक्ति को हमें और भी शक्तिशाली बनाना है।

मिट्टी की डॉक्टर एक बहन माह में 14 हजार कमाएंगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि मिट्टी की डॉक्टर एक बहन यदि अपने पंचायत के तीन खेतों का प्रयोगशाला में मृदा परीक्षण करती हैं तो एक बहन माह में ₹14000 कमाएंगी। प्रधानमंत्री का सपना है कि यदि देश को आगे बढ़ाना है तो महिलाओं को सबल बनाना होगा। इसी सोच के अनुरूप झारखंड राज्य को आगे बढ़ाना है तो आर्थिक रूप से महिलाओं का सशक्तिकरण करना होगा।

राज्य के आंगनबाड़ी केंद्रों में संस्कार और पौष्टिक आहार

श्री दास ने कहा कि रेडी टू ईट फूड राज्य की सखी मंडल की बहने बनाएंगी। पूरे राज्य की 24-25000 सखी मंडल की बहनें अपने अपने क्षेत्र में रेडी टू ईट फूड बनाएंगी। ₹500 करोड़ की जो राशि पहले दिल्ली में इसी कार्य के लिए जाती थी वह अब राज्य के गांवों में ही रहेगी। इस तरह से गांव की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, गांव की गरीबी खत्म होगी ।मुख्यमंत्री ने बताया कि अभी रामगढ़ में दो करोड़ रुपए का पायलट प्लांट लगा रहे हैं। यह प्लांट भी सखी मंडल चलाएंगी और आंगनबाड़ी तक पहुंचाने का कार्य भी हमारी बहनें करेंगी। इस तरह राज्य के 262 प्रखंड में आने वाले दो-तीन महीने में हर प्रखंड में महिलाओं के द्वारा महिला शक्ति को उद्यमी बनाना है। हर प्रखंड में सखी मंडल में उद्यमिता का परचम लहराना है। आंगनबाड़ी केंद्रों से आने वाले झारखंड के भविष्य को संस्कार और पौष्टिक आहार प्रदान करना भी हमारा ध्येय है।

1 सितंबर से देहुरी के खाते में ₹1000 की सम्मान राशि

मुख्यमंत्री ने कहा कि चाईबासा जिले के कुछ दिन पहले हुए पिछले दौरे पर मानकी मुंडा समितियों के द्वारा एक स्मार पत्र दिया गया था। उस स्मार पत्र में उनका कहना है कि कोल्हान प्रमंडल क्षेत्र में देहुरी (पुजारी) को सम्मान राशि नहीं दी जाती है। मैं आज घोषणा करता हूं कि जिस तरह मानकी मुंडा को सम्मान राशि दी जाती है उसी तरह से ₹1000 देहुरी को भी हमारी सरकार देगी। इसकी शुरुआत अगले महीने से होगी। डकुआ को भी अब ₹1000 की सम्मान राशि मिल रही है। मानकी मुंडा को पहले ₹1500 की सम्मान राशि दी जाती थी। उन्हें अब 3-3 हजार रुपए मिल रहे हैं। 1 सितंबर से देहुरी के खाते में ₹1000 की राशि शुरू हो जाएगी।

चाईबासा की गतिलिपि चौक में मानकी-मुंडा-देहुरी-डकुआ को राज्य सरकार का भवन

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानकी मुंडा आदिवासी संस्कृति- परंपरा को संभाल कर रखे हुए हैं। इनके लिए कोई भवन या केंद्र नहीं था जहां मानकी-मुंडा-देहुरी-डकुआ को कभी बैठक करना हो तो कर सकते हैं। चाईबासा की गितिलिपि चौक में राज्य सरकार का एक भवन है, कल ही उपायुक्त द्वारा आपको यह बना बनाया हुआ भवन उपलब्ध कराया जाएगा।

मानकी मुंडा से यही अनुरोध है कि क्षेत्र में दुष्प्रचार को रोकें

चाईबासा में विकास विरोधी ताकतों को दुष्प्रचार करने से रोकें। दुष्प्रचार ने हमारे आदिवासी भाइयों और बहनों को गरीब बना कर रखा है। आदिवासी समाज, हमारे हो समाज और संथाल समाज की बहनें, नौजवान और पढ़े लिखे लोग गांव में दुष्प्रचार करने वालों को चिन्हित करके प्रशासन को खबर करें। विकास को अवरुद्ध करने वाली शक्तियों को रोकने का काम भी आप सभी को मिलकर करना है। यह मानकी मुंडा की भी जिम्मेदारी है। सरकार इसीलिए प्रोत्साहन दे रही है और समाज आपको इसीलिए मान सम्मान दे रहा है कि आप लोग गांव गांव में बैठकर हमारे गरीब आदिवासियों को जागरूक करने का काम करें और दुष्प्रचार करने वालों को चिन्हित करके प्रशासन को खबर करें। यह काम मानकी-मुंडा-देहुरी-डकुआ व्यवस्था का है।

राज्य के 2.5 करोड़ लोगों का ₹500000 का हेल्थ कार्ड

मुख्यमंत्री ने कहा कि 70 वर्षों की आजादी के बाद 2014 में पहली बार देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड की धरती से 23 सितंबर 2018 को दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य स्कीम की शुरुआत की थी। अभी तक 40 लाख से ज्यादा हमारे राज्य के गरीब परिवारों का ₹5,00,000 का हेल्थ कार्ड बन गया है। राज्य सरकार ने थोड़ा और पैसा मिलाकर राज्य में 5700000 परिवार यानी एक परिवार में 5 आदमी माने तो 2.5 करोड़ लोगों का ₹500000 का हेल्थ कार्ड हमारी सरकार बना रही है। ताकि हमारे राज्य के गरीब को कोई गंभीर बीमारी होती है तो हमारी बहनों के गहनों को बंधक न रखना पड़े। शीघ्र ही नोवामुंडी का टीएमएच हॉस्पिटल भी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत सूचीबद्ध होगा जिससे कि चाईबासा से गरीब परिवारों को इलाज के लिए दूर में भटकना नहीं पड़ेगा।

कोल्हान प्रमंडल स्तरीय उज्ज्वला दीदी सम्मेलन में प्राकृतिक गैस एवं पेट्रोलियम तथा इस्पात मंत्रालय, भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान, जमशेदपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद श्री विद्युत वरण महतो, राज्य बीस सूत्री उपाध्यक्ष श्री राकेश प्रसाद, पोटका की विधायक श्रीमती मेनका सरदार, घाटशिला के विधायक श्री लक्ष्मण टुडु, ईचागढ़ के विधायक श्री साधुचरण महतो, पूर्व सांसद श्री लक्ष्मण गिलुवा, तीनों जिलों के 20 सूत्रीय उपाध्यक्ष, जिला परिषद की अध्यक्षा श्रीमती लालमुनी पूर्ति, खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग झारखंड सरकार के सचिव श्री अमिताभ कौशल, प्रमंडलीय आयुक्त श्री विजय कुमार सिंह, जिला के उपायुक्त श्री अरवा राजकमल, आरक्षी अधीक्षक श्री इंद्रजीत महाथा, उप विकास आयुक्त श्री आदित्य रंजन अन्य पदाधिकारीगण, जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में प्रमंडल के तीनों जिलों की विभिन्न पंचायतों से आई हुई उज्ज्वला दीदियां एवं आम लोग उपस्थित थे।