Monday, February 24th, 2020

घने कोहरे, शीत लहर, बारिश और ओले के साथ नए साल का स्वागत करेगा मौसम

राजधानी दिल्ली और एनसीआर समेत पूरा उत्तर भारत भीषण ठंड की चपेट में है। नए साल के आगमन तक मौसम के मिजाज से राहत की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और राजस्थान समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में घना कोहरा रहेगा। इस दौरान कई इलाकों में शीत लहर, बारिश और ओले पड़ने की भी आशंका है।उधर दिल्ली में शुक्रवार की रात इस मौसम में सबसे ठंडी रही। लोधी रोड 1.7 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ सबसे ठंडा रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से 6 डिग्री कम 14.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिन के तापमान में भी कोई बड़ा उलटफेर नहीं होगा।

अगले तीन दिनों में पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान व यूपी और दो दिनों तक मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, सिक्किम और ओडिशा व अगले पांच दिन तक उत्तर पूर्वी भारत में घना कोहरा रह सकता है। 30 दिसंबर से पश्चिमी विक्षोभ फिर सक्रिय होगा।

इससे उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कुछ इलाकों में 31 दिसंबर से पहली जनवरी के बीच ओले पड़ने की आशंका है। चुरू में शुक्रवार को पारा जमाव बिंदु से नीचे (-0.6 डिग्री) पहुंच गया। वहीं जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पारा -12 डिग्री रहा।

दिल्ली में तापमान 2.4 डिग्री पर
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार दिल्ली में शनिवार सुबह 06:10 बजे तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले शुक्रवार दिन में दिल्ली में न्यूनतम तापमान 4.2 दर्ज किया गया है। दिल्ली में ज्यादातर जगहों पर 12 दिन से हाड़ कंपाने वाली सर्दी है। सर्दी का 118 साल का रिकॉर्ड टूट सकता है।
 

अगले पांच दिन के पूर्वानुमान के आधार पर इस महीने का अधिकतम औसत तापमान 19.15 डिग्री रह सकता है। ऐसा हुआ तो 1901 के बाद यह दूसरा सबसे ठंडा दिसंबर होगा। 1997, 1998, 2003 और 2014 में भी सर्दी का ऐसा दौर चला था। यूपी के लखनऊ में पारा 7.7 डिग्री रहा।

दिल्ली-एनसीआर की हवा प्रदूषित, सूचकांक गंभीर स्तर के नजदीक
हवाओं के कमजोर पड़ने से दिल्ली-एनसीआर एक बार फिर प्रदूषण की चपेट में है। दिल्ली समेत दूसरे शहरों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब से गंभीर स्तर की सीमा पर पहुंच रही है। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक शुक्रवार को 373 पर रहा।

गाजियाबाद का सूचकांक 384, नोएडा का 396, ग्रेटर नोएडा का 382, गुरुग्राम का  292 व फरीदाबाद का 392 था। शनिवार व रविवार को इसमें बढ़ोत्तरी होने का अंदेशा है। 28 दिसंबर की रात इसके गंभीर स्तर पहुंचने का अनुमान है। अगले दिन भी हालात नहीं बदलेंगे।


केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक आने वाले दो दिनों तक हवाओं की चाल में कोई बदलाव नहीं होगा। इससे हवा गंभीर स्तर तक प्रदूषित हो सकती है। प्रदूषण स्तर में 31 दिसंबर की बारिश के बाद कमी आने की उम्मीद है।

मौसम विभाग का कहना है कि दिल्ली पहुंचने वाली हवाओं की दिशा उत्तर पश्चिम है। वहीं, सतह पर चलने वाली हवाओं की चाल दस किमी से नीचे है जबकि मिक्सिंग हाइट भी कम है। इससे दिल्ली-एनसीआर का स्थानीय प्रदूषण यहां की आबोहवा में ठहर गया है।

21 ट्रेनें लेट
रेलवे के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली आने-जाने वाली 21 ट्रेनें दो से छह घंटे की देरी से चलीं। इनमें अमृतसर एक्सप्रेस, फरक्का एक्सप्रेस, पुरुषोत्तम, महाबोधि एक्सप्रेस, सप्तक्रांति, गोरखधाम, कालिंदी, ब्रह्मपुत्र, वैशाली, रीवा, पूर्वा एक्सप्रेस प्रमुख हैं।

बठिंडा में टूटा 50 साल का रिकॉर्ड

पंजाब के बठिंडा में 1970 के बाद दिसंबर में अधिकतम तापमान 8 डिग्री तक पहुंचने से 50 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। शुक्रवार को बठिंडा प्रदेश में सबसे ठंडा रहा, यहां पर 2.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया है। हरियाणा के हिसार में पारा 0.3 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा। यह इस मौसम का सबसे सर्द दिन रहा।

उपराष्ट्रपति का ओडिशा दौरा रद्द
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का शुक्रवार सुबह ओडिशा दौरा रद्द हो गया। खराब मौसम के चलते उन्हें स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से राजभवन लौटना पड़ा। उपराष्ट्रपति को बलांगीर में बीपीसीएल एलपीजी बॉटलिंग प्लांट का उद्घाटन करना था। बाद में उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कार्यक्रम को संबोधित किया।

राजस्थान में जमने लगी बर्फ, चुरू में पारा जमाव बिंदु से भी नीचे

राजस्थान में कई स्थानों पर रात का तापमान एक डिग्री सेल्सियस से पांच डिग्री सेल्सियस तक रहा। शेखावटी अंचल के चुरू, सीकर और झुंझनू में सर्दी का सितम जोरों पर है। चुरू जिले में शुक्रवार को पारा जमाव बिंदु से भी नीचे (-0.6 डिग्री) पर पहुंच गया। इससे पेड़ों पर पहाड़ी क्षेत्रों की तरफ बर्फ जमने लगी है। पर्यटन क्षेत्र माउंट आबू में तापमान एक डिग्री रहा।

कश्मीर में सबसे सर्द दिन, पहलगाम में पारा -12 डिग्री
जम्मू-कश्मीर में भी पारा काफी नीचे जा पहुंचा है। यहां तापमान -12 डिग्री से भी नीचे चला गया। यह इस मौसम का सबसे सर्द दिन रहा। वहीं, श्रीनगर में पारा -5.6 डिग्री पर जा पहुंचा है। गुलमर्ग में -9.6 डिग्री, जबकि पहलगाम में -12 डिग्री तापमान रहा।

हिमाचल में 31 से तीन दिन बारिश और बर्फबारी के आसार

हिमाचल प्रदेश में 31 दिसंबर से लेकर दो जनवरी तक बारिश और बर्फबारी होने के आसार हैं। 30 दिसंबर की रात से प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम में यह बदलाव आने का पूर्वानुमान जताया गया है। ऐसे में प्रदेश में आने वाले सैलानियों की संख्या में बढ़ोतरी होने की उम्मीद जगी है।

केलांग का न्यूनतम पारा माइनस 15 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। प्रदेश में सात क्षेत्रों का न्यूनतम तापमान माइनस में पहुंच गया है। उधर, शुक्रवार को केलांग में अधिकतम तापमान भी माइनस में रिकॉर्ड हुआ। केलांग में अधिकतम पारा माइनस 1.6 डिग्री रहा।

हिसार में 11 साल में चौथी बार जमाव बिंदु के करीब पारा
हरियाणा के हिसार जिले में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान गिरकर 0.3 डिग्री पर पहुंच गया। पिछली 11 वर्षों में यह चौथी दफा हुआ, जब दिसंबर में न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु के करीब पहुंच गया। 31 दिसंबर देर रात से तीन जनवरी के दौरान आंशिक बादल व बीच-बीच में गरज-चमक व हवाओं के साथ कहीं-कहीं बूंदाबांदी या हल्की बारिश की संभावना रहेगी।

उत्तराखंड: मुनस्यारी का न्यूनतम तापमान माइनस 6 तो पिथौरागढ़ का माइनस 2 डिग्री पहुंचा

हिमालयी क्षेत्र में शुक्रवार तड़के से दोपहर तक बर्फीला तूफान आया। बर्फीले तूफान और रात को पड़ रहे पाले ठंड में काफी इजाफा हो गया है। शुक्रवार को मुनस्यारी का न्यूनतम तापमान माइनस 6 डिग्री पहुंच गया, जबकि पिथौरागढ़ का न्यूनतम तापमान माइनस 2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। तापमान में गिरावट से मुनस्यारी में ओस की बूंदें बर्फ में तब्दील हो जा रहीं हैं।

बदरीनाथ धाम में हिमस्खलन, दुकानों और मकानों को बर्फ से पहुंची क्षति
बदरीनाथ धाम इन दिनों बर्फ के आगोश में है। यहां लगभग छह से सात फीट तक बर्फ जमी है। अत्यधिक बर्फबारी होने से धाम में पैदल रास्तों और दुकानों को भी क्षति पहुंची है। बदरीनाथ धाम में चटख धूप खिलने के बाद अब हिमस्खलन हो रहा है।

नर और नारायण पर्वत से बर्फ नीचे गिर रही है। बस स्टैंड से लेकर साकेत तिराहे, बदरीनाथ आस्था पथ और बामणी गांव में कई मकानों को बर्फ से क्षति पहुंची है। बर्फ से पैदल रास्तों के किनारे रेलिंग क्षतिग्रस्त हुई है। वहीं देश का अंतिम गांव माणा भी बर्फ के आगोश में समा गया है। यहां करीब सात फीट तक बर्फ जमी है। PLC

 
 

Comments

CAPTCHA code

Users Comment