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Monday, November 30th, 2020

ग्राम विष्वविद्यालय की गोद में

आई एन वी सी न्यूज़
रांची,
      परम आदरणीय माननीय राश्ट्रपति महोदय, राश्ट्र की प्रथम महिला श्रीमती सविता कोविन्द जी, माननीय मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास जी, माननीया मंत्री, उच्च, तकनीकी षिक्षा विभाग, झारखण्ड सरकार श्रीमती नीरा यादव जी, राँची विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रतिकुलपति, कुलसचिव, ेमदंजम एवं ेलदकपबंजम के सदस्यगण, उपस्थित शिक्षाविद्, विभिन्न पदाधिकारीगण, अभिभावकगण, प्रेस एवं मीडिया के बंधुओं और उपाधिधारण करने वाले मेरे प्यारे विद्यार्थियों!

      सर्वप्रथम मैं अपने परम आदरणीय माननीय राश्ट्रपति महोदय का झारखण्ड की इस पावन भूमि पर अभिनन्दन करती हूँ। आपकी गरिमामयी उपस्थिति ने इस दीक्षान्त समारोह की षोभा को बढ़ाने का कार्य किया है। इस विष्वविद्यालय के कुलाधिपति के रूप में आपकी उपस्थिति मेरे लिए गौरव का विशय है। आपकी उपस्थिति निष्चित रूप से, हमारे ऊर्जावान विद्यार्थियों एवं युवाओं के लिए प्रेरणा का कार्य करेगा। जनजातीय बहुल इस क्षेत्र के लोगों में उच्च षिक्षा ग्रहण करने हेतु ललक बढ़ेगी। मैं राश्ट्र की प्रथम महिला श्रीमती सविता कोविन्द का भी झारखण्ड राज्य में प्रथम बार आगमन पर स्वागत करती हूँ। दीक्षांत समारोह के इस पावन अवसर पर मैं सभी उपाधिधारकों को हार्दिक बधाई देती हूँ, जिन्हें आज के इस गौरवमयी समारोह में उपाधि प्राप्त करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है।  

       राश्ट्रपति महोदय, यह कहते हुए हर्श हो रहा है कि राँची विश्वविद्यालय झारखण्ड राज्य का सबसे पुराना विश्वविद्यालय है और इसने अपने स्थापना काल से ही अनगिनत षिक्षाविद्, वैज्ञानिक, अनुसंधानकर्ता, प्रषासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, चिकित्सक, अभियंता, प्रबंधक, कानूनविद्, साहित्यकार आदि देकर अपनी क्षमता का परिचय देते हुए इस प्रदेश ही नहीं, राश्ट्र को भी गौरवान्वित किया है। प्राकृतिक एवं खनिज सम्पदा से समृद्ध झारखण्ड राज्य में विकास की असीम संभावनाएं हैं लेकिन बौद्धिक संपदा के बिना हम इनका कुशलतापूर्वक समुचित उपयोग नहीं कर सकते। इस परिप्रेक्ष्य में शिक्षण संस्थानों की अहम् भूमिका है। बौद्धिक ज्ञान और प्दवितउंजपवद ज्मबीदवसवहल के विभिन्न आयामों के जरिये ही हम विकास की गति को तेज कर सकते हैं। राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर हमारे प्रदेश के जीवन्त कला-संस्कृति की एक विशिष्ट पहचान है।

      किसी भी देश या प्रदेश के विकास के लिए 21वीं शताब्दी में फनंसपजल म्कनबंजपवद सबसे महत्वपूर्ण शर्त है। बिना इसके समाज के सर्वांगीण विकास की कल्पना नहीं की जा सकती है। इस दिषा में कुलाधिपति के रूप में मेरे द्वारा विभिन्न विष्वविद्यालयों के कुलपति समेत अन्य पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की जाती है। राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के पदाधिकारीगण भी इस बैठक में भाग लेते हैं और छात्रहित में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करते हैं। माननीय राष्ट्रपति महोदय, आपको अवगत कराते हुए हर्श्ष हो रहा है कि राज्य के सभी विष्वविद्यालय, महाविद्यालय छ।।ब् से मूल्यांकन कराने की दिषा में सक्रिय रह रहे हैं। राँची विष्वविद्यालय समेत राज्य के अन्य विष्वविद्यालयों में ससमय परीक्षा का आयोजन के साथ समय पर त्मेनसज च्नइसपेमक हुआ है और कक्षायें भी समय पर प्रारंभ कर दी गई। सत्र का नियमितीकरण हम सभी के समक्ष एक बड़ी चुनौती थी जो राज्य गठन के पूर्व से ही व्याप्त थी। अब यहाँ ब्ींदबमससवत च्वतजंस के माध्यम से व्दसपदम ।कउपेपवद हो रहा है। राष्ट्रहित में सुखद है कि झारखण्ड राज्य में भ्पहीमत म्कनबंजपवद के क्षेत्र में ळतवे म्दतवसउमदज त्ंजपव में वृद्धि हुई है। अधिक-से-अधिक विद्यार्थी उच्च षिक्षा ग्रहण करें, इस दिषा में राज्य के विभिन्न विष्वविद्यालयों/महाविद्यालयों में विभिन्न विषयों की दो पालियों में पढ़ाई होती है। हमारे विष्वविद्यालय रक्तदान षिविर के आयोजन के साथ स्वच्छ भारत अभियान, षिक्षित भारत, वृक्षारोपण कार्यक्रम समेत अन्य योजनाओं को सफल बनाने की दिषा में सक्रिय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता और विकास कार्यों के आकलन में भी विष्वविद्यालय का सहयोग अपेक्षित है। इस परिप्रेक्ष्य में मैंने कहा है कि हमारे विष्वविद्यालय ग्रामों को गोद ले और वहाँ विकास हेतु कार्य करें। प्रसन्नता का विषय है कि इस दिषा में कार्य किया जा रहा है।

      वर्तमान में राँची विष्वविद्यालय द्वारा विभिन्न परंपरागत विषयों, जनजातीय एवं क्षे़त्रीय भाषा विभाग के अतिरिक्त ज्मबीदपबंसए टवबंजपवदंस एवं श्रवइ व्तपमदजमक ब्वनतेमे का संचालन हो रहा है। इन सब पाठ्यक्रमों में फनंसपजल म्कनबंजपवद महत्त्वपूर्ण है। षोध का स्तर और उच्च हो, हमारे शिक्षकगण  विद्यार्थियों को नये प्रगतिशील विचारों के प्रति जागरूक करें। विश्वविद्यालय से यह अपेक्षा है कि यहाँ शिक्षा का ऐसा वातावरण स्थापित हो कि राज्य ही नहीं, पूरे देश में यह मॉडल विश्वविद्यालय के रूप में पहचाना जाय। हमारे छात्र नैतिकता से परिपूर्ण, अनुशासित एवं चरित्रवान बनें।

      एक बार मैं पुनः परम आदरणीय राष्ट्रपति महोदय एवं राष्ट्र की प्रथम महिला का इस दीक्षान्त समारोह में आकर विद्यार्थियों के मनोबल में वृद्धि लाने के कार्य हेतु आभार प्रकट करती हूँ तथा उपाधि पाने वाले सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहना चाहूँगी कि आप सभी निरंतर अपनी मेहनत और लगन से लक्ष्य प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ें और राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक योगदान दें।



 

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