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चंडीगढ़,
गौ पालन में हम जो धन निकालते है वह धन धन्य हो जाता है। उन्होंने बताया कि जब माया गौ सेवा में लग जाती है तो वह माया धन्य हो जाती है। माया का एक ही गुण है कि गौ पालन  में लगे। यह प्रवचन सैक्टर 28 बी के मैदान में श्री देवालय पूजक परिषद् (रजि.),चंडीगढ़ द्वारा आयोजित गौ-भागवत कथा के दौरान परम् पूज्य श्री गोपाल मणि जी महाराज  ने श्रद्धालुओं को दिये।
उन्होंने कहा कि गौ का अपमान ही कलियुग है और सम्मान सतयुग है इसलिए जब आदमी गौ वाला होगा तभी उसकी संतान आस्तिक होगी और जो लोग गौ विमुख होते है उनकी संतान नास्तिक होती है। उन्होंने कहा कि यदि आप सभी गौ को घरों में नही रख सकते, मन में बसाओं तो भी कल्याण निश्चित है। उन्होंने बताया कि मां के बिना किसी का कल्याण नही होता, झगड़ा मिटाने वाला तत्व ‘मैं’ अहंकार होता है जब हम लोग गौमुखी बन जायेगें तब हमारे मुख से निकलने वाला हर शब्द मंत्र बन जाता है।
उन्होंने बताया कि नाम के आधीन ही काम होता है, काम से ही नाम होता है और नाम से ही कामघेता। अत: श्री राम नाम लेने का अधिकारी वही होता है जो जिसने श्रीराम का कार्य किया हो और यही बात श्री हनुमान ने विभीषण को समझाई कि उन्होंने श्री राम का नाम तो इतना लिया कि राम राम स्वयं तुम्हारे भवन में अंकित हो गया लेकिन तुम्हें राम अभी तक नही मिले क्योंकि तुमने श्री राम की सहायता नही की और श्री राम का कार्य सीता का समर्थन और रावण का विरोध करना है और सीता समर्थन यानि गौ का समर्थन, सीता किसी मां के गर्भ से पैदा नही हुई बल्कि धरती से प्रकट हुई है और धरती जब जब पैदा होती है तब तब वह गौ के रूप में प्रकट होती है। क्योंकि जो गौ है वही धरती है। इसलिए गौ और धरती एक ही है।
परम् पूज्य श्री गोपाल मणि जी ने श्रद्धालुओं को आगे बताया कि विभीषण ने जब यह बात हनुमान जी से सुनी तो उन्होंने रावण का विरोध किया और उसके बाद श्री राम से उनका मिलन हो गया। उन्होंने बताया कि राम, कृष्ण शिव भगवान ने एक ही कार्य किया वह है गौर रक्षण व गौबद्र्धन। और जब जब हम गौ की महिमा जन जन तक पहुंचायेगें तभी गौ का श्राप भी दूर हो जायेगा।
उन्होंने बताया कि वेद ने हमारे यहां मां उसको नही कहा जिसने हमें जन्म दिया उसको हमारे यहां वेद ने जननी कहा है। उन्होंने कहा कि गावो विश्वस्य मातर: अर्थात गाय ही पूरे विश्व की मां है गाय तो रूद्रो की माता है, राम कृष्ण को प्रकट करने वाली है,गाय क्या नही बल्कि गाय सब कुछ है राम कृ ष्ण का अवतार तो गौ के लिए ही हुआ था। इसलिए गौ की बराबरी तो भगवान भी नही कर सकता। जहां राम कृष्ण की भी पहुंच नही होती वहां गौ की पहुंच होती है।
10 अक्टूबर को प्रचचन प्रात: 10 बजे से: श्री देवालय पूजक परिषद् के प्रधान पं. ईश्वर चंद्र शास्त्री जी व महासचिव पं.ओम प्रकाश शास्त्री जी ने बताया कि 10 अक्टूबर को प्रात: 8 बजे से 10 बजे तक कैम्बवाला गौऊशाला में गौ पूजन किया जायेगा। प्रात: 9 बजे से 10 बजे तक सैक्टर 28 डी स्थित श्री खेडा शिव मंदिर में हवन किया जायेगा तद्पश्चात् परम् पूज्य श्री गोपाल मणि जी महाराज  के मुखारविंद से  गौ भागवत पर कथा प्रवचन होगें। उन्होंने बताया कि प्रवचन के बाद पूर्णाहुति व महाआरती होगी और इसके पश्चात् विशाल भण्डारें का आयोजन किया जायेगा।
इस अवसर पर पूज्य सीता शरण जी ने गौ कथा प्रसंग में कहा कि गौ माता में ही साम्र्थय है। गाय भारत की आत्मा है अर्थात् माता है उन्होंने कहा कि यदि आप मां का समझ गये तो आत्मा अपने आप ही समझ आ जायेगी। इसलिए मां का सम्मान दो।

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