पाकिस्तान सरकार गुरुद्वारा करतारपुर साहिब व उसके आसपास के क्षेत्र को खालसाई जोश, जज्बे और जुनून में रंगने की तैयारी कर रही है। गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के नजदीक जहां गुरु नानक देव जी खेती किया करते थे, उस स्थान का विकास करके पाकिस्तान सरकार वहां 100 फुट ऊंचे खंडा साहिब का निर्माण कर रही है।
इसी स्थान पर 150 मीटर ऊंचे निशान साहिब की स्थापना के लिए आधार बनाया जा रहा है। पाकिस्तान स्थित एतिहासिक गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के पवित्र सरोवर का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। गुरुद्वारा साहिब और पवित्र सरोवर के आसपास लगाए जाने वाले विशेष प्रकार के सफेद रंग के मार्बल को मंगवाने एक लिए एक बड़ी चुनौती पेश आ रही थी, जिसका अब हल हो गया है।

दो महीने के भीतर गुरुद्वारा साहिब परिसर व सरोवर के आसपास संगमरमर लगाने का काम पूरा कर लिया जाएगा।
करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण में जुटी पाकिस्तान सरकार की एजेंसी द्वारा दर्शनी ड्योढ़ी, प्रबंधकीय ब्लॉक, लंगर हॉल, यात्री निवास, वाशरूम सहित सभी भवनों का काम 80 फीसदी तक पूरा कर लिया गया है। इन भवनों में अब फिनिशिंग का काम चल रहा है। इन भवनों में लाल रंग के पत्थर का काम चल रहा है। सभी भवनों में दरवाजे लगाने का काम भी तेज गति से चल रहा है।

यह जानकारी पाकिस्तान सरकार के सिविल इंजीनियर कासिफ अली ने करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण कार्यों पर जारी चौथे वीडियो में दी है। उन्होंने इस वीडियो में बताया कि डेरा बाबा नानक के पाकिस्तान इंटरनेशनल बॉर्डर से लेकर शंकरगढ़ तक सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है। रावी नदी के ऊपर पुल का निर्माण भी पूरा कर दिया गया है। सभी भवनों में बिजली, सीवरेज, प्लंबर और वाटर सप्लाई का काम साथ-साथ जारी है।

करतारपुर साहिब कॉरिडोर के निर्माण में पाकिस्तान की 70 से अधिक निर्माण कंपनियों के मिस्त्री-मजदूरों के साथ-साथ अति आधुनिक मशीनरी काम कर रही है। सभी मजदूर-मिस्त्री तीन शिफ्टों में काम कर रहे हैं। गुरुद्वारा साहिब परिसर के फर्श पर संगमरमर लगाने से पहले वहां पर बनाए जा रहे बरामदे के 16 स्लैब के पैनल में से 12 में कंक्रीट का काम पूरा हो चुका है।
गुरुद्वारा साहिब के नजदीक स्थित पवित्र कुएं और आम के पेड़ को संरक्षित करने के लिए विशेष प्रकार के डिजाइन तैयार किए जा रहे हैं। इसके लिए पाकिस्तान के पुरातत्व विभाग की मदद ली जा रही है। दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच गया है। इसी स्थान पर वाटर टर्मिनल प्लांट स्थापित किया जाएगा।

लैंडस्केपिंग और पेड़-पौधे लगाने का काम भी साथ-साथ शुरू कर दिया जाएगा। गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के मुख्य ग्रंथी भाई गोबिंद सिंह ने बताया कि यदि हिंदुस्तान से संगत आज भी गुरुद्वारा करतारपुर साहिब में माथा टेकने के लिए आना चाहे तो आ सकती है। डेरा बाबा नानक से गुरुद्वारा साहिब तक सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है।

उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस बात का झूठा प्रचार कर रहे हैं कि एतिहासिक गुरुद्वारा के भवन व सरोवर को क्षति पहुंचाई जा रही है। PLC