Monday, May 25th, 2020

गिरफ्तारी के डर से तेजपाल द्वारा उच्च न्यायालय में अग्रीम ज़मानत की याचिका दाखिल, मंगलवार को होगी सुनवाई

download (3)आई एन वी सी, दिल्ली, बलात्कार के आरोपी  तहलका संपादक तरुण तेजपाल ने यौन उत्पीड़न मामले में अग्रिम ज़मानत के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। इस मामले की मंगलवार को सुनवाई होगी। दिल्‍ली में गोवा पुलिस ने रविवार को तहलका के तीन कर्मियों के साथ पूछताछ भी की थी। पुलिस तीनों कर्मियों से पूछताछ कर  पीड़िता के बयान से मेल देखना चाहती थी।गोवा पुलिस ने तेजपाल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (बलात्कार), 376 (2) (अपने रुतबे का फायदा उठाते हुए किसी व्यक्ति द्वारा किसी महिला से बलात्कार) और 354 (शील भंग करने) के तहत मामला दर्ज किया है। गोवा पुलिस ने इस संभावना से इनकार नहीं किया कि ‘तहलका’ के संपादक तरुण तेजपाल के खिलाफ लगे यौन उत्पीड़न के आरोप के मामले में उनके खिलाफ नई धाराएं भी लगाई जा सकती हैं। पुलिस टीम ने यह भी कहा कि जांच में कई नई बातें सामने आयी हैं। पणजी स्थित पुलिस मुख्यालय में पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) ओपी मिश्रा ने कहा, 'कई सारी चीजें हैं जो जांच के दौरान सामने आयी हैं। आगे के घटनाक्रम में यदि जरूरत पड़ी तो नई धाराएं लगायी जा सकती हैं।' अटकलें लगाई जा रही थीं कि तीन सदस्यीय पुलिस टीम तरुण तेजपाल से पूछताछ कर सकती है और हो सकता है कि उन्हें गिरफ्तार भी करे। हालांकि, पुलिस टीम तेजपाल से पूछताछ किए बिना ही गोवा लौट गयी। पुलिस ने रविवार शाम 4:45 मिनट से लेकर तड़के 2:00 बजे तक करीब नौ घंटे ‘तहलका’ की प्रबंध संपादक शोमा चौधरी से पूछताछ की थी। दक्षिण दिल्ली के ग्रेटर कैलाश-2 स्थित ‘तहलका’ के दफ्तर में शोमा से पूछताछ हुई थी। जांच टीम अपने साथ एक सीपीयू और कुछ दस्तावेजों के अलावा वे ई-मेल भी ले गई, जिनका आदान-प्रदान शोमा, पीड़ित पत्रकार और तेजपाल के बीच हुआ था। इसके अलावा, पुलिस ने शोमा के मोबाइल फोन, एक आई-पैड और उनके लैपटॉप को भी खंगाला। मिश्रा ने कहा कि अपराध शाखा की टीम ने दिल्ली जाकर शोमा से पूछताछ की और जरूरी दस्तावेज अपने पास रख लिए। डीआईजी ने कहा, 'उन्होंने जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक सामान भी जब्त किया हैं। कुछ और लोगों से भी पूछताछ की गई है। पहले चरण की पूछताछ के बाद टीम दिल्ली से रवाना हो गई। वह आगे की जांच भी करेगी।' मिश्रा ने कहा कि जांच टीम ने अभी तेजपाल से संपर्क नहीं किया है।मिश्रा ने कहा, 'मैं अभी ऐसी कोई जानकारी नहीं दे सकता, जिससे जांच प्रभावित हो सकती है, हम सही दिशा में बढ़ रहे हैं'। डीआईजी ने कहा कि सोशल मीडिया में कई ऐसी चीजें आ रही हैं, जो ऐसे व्यापक सिद्धांतों के खिलाफ है, जिनका पालन यौन उत्पीड़न के मामलों में करना चाहिए। मिश्रा ने कहा कि मीडिया को इस मामले में शामिल संवेदनशीलता को समझना चाहिए और ऐसा कुछ भी नहीं करना चाहिए, जिससे पीड़िता की गरिमा को ठेस पहुंचती हो। डीआईजी ने चेतावनी दी कि ऐसी रिपोर्टिंग का हमने संज्ञान लिया है और हम कानूनी कार्रवाई करने में नहीं हिचकिचाएंगे। इस बीच, समझा जाता है कि तेजपाल इस मामले में अदालत का रुख कर सकते हैं। मीडिया की खबरों में तेजपाल के हवाले से कहा गया था कि पीड़िता झूठ बोल रही है और उन्हें फंसाया गया है। तेजपाल ने यह आरोप भी लगाया था कि राजनीतिक ताकतें इस मामले को हवा दे रही हैं। दूसरी ओर, राष्ट्रीय महिला आयोग ने मुंबई पुलिस से कहा है कि वह पीड़िता को सुरक्षा मुहैया कराए। आयोग ने यह भी कहा कि महिला पत्रकार को आगे आकर अपना मामला पुख्ता तरीके से पेश करना चाहिए।  

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