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Monday, April 19th, 2021

गिरता भू-जलस्तर तथा घटती जोत कृषि क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौतियां है : भूपेंद्र सिंह हुडडा

downloadआई एन वी सी, हरियाणा, मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह  हुडडा ने कहा कि प्रदेश में मौजूदा कांग्रेस सरकार से पहले किसानों की जमीन का सही मूल्य निर्धारण नहीं था और औने-पौने दामों पर उनकी जमीने अधिग्रहित कर ली जाती थी लेकिन उनकी सरकार ने अपने गठन के बाद से ही प्रदेश में जमीनों की फ्लोर दरों को निर्धारित किया है। मूल्य निर्धारण न होने से पहले किसान को एक ट्रैक्टर के ऋण के लिए 8 एकड़ जमीन गिरवी रखनी पड़ती थी लेकिन मौजूदा सरकार द्वारा जमीन का मूल्य निर्धारण किए जाने के बाद किसानों को अब आसानी से ऋण मिल जाता है। हरियाणा के मुख्यमंत्री  भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने राष्टï्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) से सहकारी बैंकों को दिए जाने वाले पुनर्वित्तपोषण (रिफायनैंस) को 50 फीसदी से बढ़ाकर 75 फीसदी तक करने का आग्रह किया है।  मुख्यमंत्री आज यहां नाबार्ड के 33वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने 5-5 किसानो को 'रुपये केसीसी कार्डÓ व 'किसान एटीएम कम डेबिट कार्डÓ नाम की दो प्रदेशव्यापी योजनाओं का भी शुभारंभ किया। स्थापना दिवस पर नाबार्ड को बधाई देते हुए श्री हुडडा ने कहा कि स्थापना दिवस आत्म-विश्लेषण कर सुधार करने का भी अवसर होता है। ग्रामीण व कृषि क्षेत्रों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गिरता भू-जलस्तर तथा घटती जोत कृषि क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौतियां है। इन चुनौतियों का सामना करने के लिए पाइप व ड्रिप सिंचाई, ग्रीन हाउस निर्माण, डेयरी एवं मछली पालन, तथा लंबवत (वर्टीकल) खेती की तकनीकों को बढ़ावा देने की जरूरत है। मूल्य निर्धारण के बाद किसानों की हजारों एकड़ भूमि बैंकों से मुक्त हुई है। श्री हुडडा ने नाबार्ड से भी कहा कि किसानों को ऋण देते समय उनकी जमीन का आर्थिक मूल्य ध्यान में रखा जाए।

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