हरियाणा में बेसहारा गायों को सहारा व उनके लिए चारा उपलब्ध करवाने की दिशा में गंभीर प्रदेश सरकार ने एक और योजना तैयार की है। जिसके अंतर्गत गांवों में गोचरान और गोशाला खोलने के लिए सरकार बहुत ही सस्ती दर पर जमीन लीज पर देगी। इसके लिए सरकार ने समाज सेवी सोच रखने वालो और ग्राम पंचायतों से आह्वान किया है कि वे बढ़कर इस योजना का हिस्सा बने।
हरियाणा में सरकार गोवंश के सरंक्षण को लेकर पूरी तरह से गंभीर है। सरकार ये टारगेट लेकर चल रही है कि प्रदेश में अगले 15 सालों के भीतर सड़कों पर कोई बेसहारा गोवंश नहीं होगा। इसी लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में सरकार समाज सेवी सोच रखने वाले लोगों को साथ लेते हुए आगे बढ़ रही है। प्रदेश का पशु पालन विभाग और हरियाणा गो सेवा आयोग भी इस दिशा में पूरा प्रयास कर रहा है।

हरियाणा सरकार ने गोवंश संरक्षण को लेकर पूरी तहर गंभीर है। गोचरान और गोशाला खोलने के लिए सरकार बहुत सस्ते रेट पर जमीन लीज पर दे रही है। अगले पंद्रह साल के बाद कोई गोवंश सड़कों पर बेसहारा नहीं दिखेगा।
- ओपी धनखड़, पशुपालन मंत्री, हरियाणा
यह है सरकार की योजना
- कोई संस्था गोचरान के लिए जमीन लेना चाहती है, तो उसे नजदीकी ग्रामीण इलाके में 7100 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से एक  साल के लिए जमीन लीज पर मिलेगी।
- यदि संस्था उसी गांव की है, तो उसके लिए लीज रेट 5100 रुपये प्रति एकड़ रहेगा।
- इसी तरह यदि कोई सामाजिक संगठन गोशाला खोलना चाहता है तो उसे गांव में 5 एकड़ जमीन 15 साल के लिए 7100 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से जमीन लीज पर मिलेगी
- संस्था यदि संबंधित गांव की है, तो उसके लिए गोशाला खुलने के लिए जमीन का लीज रेट 5100 रुपये प्रति एकड़ रहेगा
- यदि ग्राम पंचायत गोशाला खोलना चाहती है, तो उसके लिए सब कुछ निशुल्क रहेगा।
- उधर, गो सेवा आयोग नई गोशाला खोलने के लिए शैड इत्यादि निर्माण केलिए आर्थिक मदद भी करेगा।
- हरियाणा में 518 पंजीकृत गोशालाएं मौजूद हैं। इस सरकार के कार्यकाल में 50 से अधिक नई गोशालाएं खोली गई हैं। इन गोशालाओं में 4 लाख से अधिक गोवंश मौजूद हैं। PLC.