Saturday, February 29th, 2020

गांवों को बनाएंगे खुले में शौच से मुक्त : प्रो. वासुदेव देवनानी

प्रो. वासुदेव देवनानीआई एन वी सी न्यूज़ जयपुर, अजमेर जिले के प्रभारी एवं शिक्षा राज्य मंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार गांवों और शहरों को खुले में शौच के अभिशाप से मुक्त कराने के लिए संकल्पबद्घ है। लेकिन यह तभी संभव है जब ग्रामीण खुद इसमें पूरी दिलचस्पी लें। सरकार प्रत्येक परिवार को 12 हजार रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। पूरी तरह खुले में शौच से मुक्त ग्राम पंचायत को सरकार की ओर से 18 लाख रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजस्व लोक अदालत अभियान राज्य सरकार का क्रान्तिकारी कदम है। इससे प्रतिदिन हजारों राजस्व संबंधी समस्याओं का समाधान हो रहा है। अजमेर में अब तक 23 हजार से अधिक समस्याओं का निराकरण किया गया है। प्रो. वासुदेव देवनानी ने शुक्रवार को अजमेर के सेंदरिया एवं लोहरवाड़ा में राजस्व लोक अदालत अभियान शिविरों का निरीक्षण किया। शिविरों में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए प्रो. देवनानी ने कहा कि सरकार गांवों के विकास एवं ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। वर्तमान में गांवों में खुले में शौच सबसे बड़ा अभिशाप है। हमें मिलकर इस समस्या और अभिशाप से छुटकारा पाना होगा। शिक्षा राज्य मंत्री ने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे खुले में शौच के खिलाफ सामूहिक रूप से प्रयास करे। सरकार प्रत्येक परिवार को शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपए की सहायता प्रदान कर रही है। जो ग्राम पंचायत पूरी तरह खुले में शौच से मुक्त होगी एवं सभी घरों में शौचालय होंगे। उसे पुरस्कार स्वरूप 18 लाख रुपए भी दिए जाएंगे। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे राज्य सरकार की ओर से चलायी जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं। पेंशन, पालनहार, नवजीवन एवं ऐसी ही अन्य अनेक योजनाएं है। जिनका लाभ पूरी तरह ग्रामीणों को मिलना चाहिए। उन्होंने जिला कलक्टर डॉ. आरूषी मलिक सहित अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त आवेदनों को तुरन्त निस्तारित करे। प्रो. देवनानी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे की पहल पर चलाए जा रहे राजस्व लोक अदालत अभियान से गांवों में राजस्व संबंधी हजारों समस्याओं का निराकरण हुआ है। अजमेर जिले में ही 23 हजार से अधिक राजस्व संबंधी विवादों का निराकरण किया गया है। उन्होंने लोहरवाड़ा शिविर की जानकारी देते हुए बताया कि शिविर के दौरान  अटल सेवा केन्द्र के आस-पास की बेशकीमती 20 बीघा जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। इस जमीन को राजकीय कार्यालयों के उपयोग के लिए आरक्षित किया जाएगा। शिविर में नामान्तरण, खाता विभाजन, सीमाज्ञान, राजस्व नकल एवं अन्य सैंकड़ों प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण किया गया। यहां पेयजल समस्या के निराकरण के लिए  अवैध कनेक्शन के खिलाफ अभियान चलाकर एफ.आई.आर दर्ज कराने के निर्देश दिए। प्रो. देवनानी ने बताया कि शिविर में प्राप्त आवेदन 15 दिन में निस्तारित कर ग्रामीणों को राहत दी जाएगी। प्रो. देवनानी ने सेंदरिया में आयोजित शिविर में ग्रामीणों की सबसे बड़ी पेयजल की समस्या को शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जलदाय विभाग के अधिकारियों को कहा कि जल्द से जल्द ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराए। गांव में शौचालय निर्माण को लेकर आ रही अड़चन को भी जल्द दूर करने के निर्देश दिए गए। शिविर में प्रो. देवनानी एवं जिला कलक्टर डॉ. आरूषी मलिक ने नामान्तरण, खाता विभाजन, सीमाज्ञान, राजस्व नकल एवं अन्य प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण किया।

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