Close X
Friday, January 21st, 2022

गहलोत ने बताया अपने शासन को बेमिसाल

ashok gehlot chief minister rajasthanआई एन वी सी, जयपुर, मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने राज्य सरकार के चार साल के शासन को बेमिसाल बताते हुए कहा कि इस अवधि में फ्लेगशिप कार्यक्रमों सहित अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं से प्रदेश के हर वर्ग को लाभान्वित करते हुए राजस्थान ने कई क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार के निरतंर प्रयासो से राज्य में रिफायनरी की स्थापना होगी। श्री गहलोत बुधवार को यहां राज्य विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई बहस का जबाव दे रहे थे। मुख्यमंत्री के उत्तर के पश्चात् सदन ने राज्यपाल के अभिभाषण पर रखे गये धन्यवाद प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया। उन्होंने कहा कि हमारे अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक ने राज्य की वित्तीय स्थिति, वित्तीय प्रबंधन तथा इसके सुदृढ़ीकरण के लिए किए गये प्रयासों की सराहना की है। भारतीय रिजर्व बैंक ने राजकीय ऋण-सकल घरेलू उत्पाद के अनुपात में निरतन्तर सुधार की भी तारीफ की है। उन्होंने कहा कि हमारे शासनकाल में राज्य में प्रति व्यक्ति आय 53 हजार 735 रुपये हुई है और राजस्थान वर्ष 2009-12 में देश में 15वें स्थान पर पहुंच चुका है। वर्ष 2009-12 की अवधि में राज्य की विकास दर 9.36 प्रतिशत रही जिससे राजस्थान देश में 11वें स्थान पर है। इसी प्रकार राज्य का राजस्व घाटा सरप्लस में परिवर्तित होकर वर्ष 2011-12 में 3 हजार 357 करोड़ रुपये रहा तथा राजकोषीय घाटे का प्रतिशत भी घटकर 0.98 प्रतिशत रहा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2011-12 में राज्य का कुल ऋण भार जीएसडीपी का 28.93 प्रतिशत था जबकि 13वें वित्त आयोग द्वारा 39.93 प्रतिशत निर्धारित किया हुआ था। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान ने देश में कई क्षेत्रों में उदीयमान पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि दलहन फसलों के अधिक उत्पादन तथा खाद्यान्न उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्घि के कारण राजस्थान को दो बार ’’कृषि कर्मण पुरस्कार’’ दिया गया। पंचायत संस्थाओं को जिला स्तर तक की निधियों, गतिविधियों एवं स्टाफ को प्रभावी रूप से हस्तांतरण करने के लिए प्रथम पुरस्कार और राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत भी प्रथम स्थान पाने पर राज्य को सम्मानित किया गया। बाडमेर में मनरेगा के तहत 44 हजार टांके बनाने पर जिला प्रमुख को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। देश में द्वितीय वार्षिक रोजगार व बेरोजगारी सर्वेक्षण 2011-12 के अनुसार राजस्थान सबसे कम बेरोजगारी वाले राज्य के रूप में तीसरे पायदान पर है। इसी प्रकार वर्ष 2010-11 में राजस्थान को पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित करने पर द्वितीय सर्वोत्तम राज्य के लिए टूरिज्म एवार्ड से सम्मानित किया गया। राज्य को राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल आपूर्ति कार्यक्रम, में प्रथम स्थान, उदयपुर को सर्वश्रेष्ठ अवकाश स्थल, साक्षर भारत कार्यक्रम में अजमेर को बेहतरीन प्रयासों के लिए पुरस्कृत किया गया, राज्य को स्कॉच डिजिटल इन्कलूजन अवार्ड, ई-इण्डिया अवार्ड भी प्रदान किये गये। राजस्थान में रिफायनरी के सवाल पर श्री गहलोत ने कहा कि हम सभी का यह प्रयास होना चाहिए कि प्रदेश में रिफायनरी लगे। इससे करीब 38 हजार करोड़ के निवेश की उम्मीद है जो आने वाले वक्त में राज्य के इतिहास में सबसे बड़ा निवेश होगा। इससे करीब एक लाख लोगो को रोजगार मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि पहले 4.5 मिलियन टन की रिफयनरी की बात हो रही थी और अब 9.14 मिलियन टन की रिफायनरी लगाने के प्रयास किये जा रहे हैं जिसके लिए सरकार पैकेज देने को तैयार है। रिफायनरी में 15 से 26 प्रतिशत तक राज्य की भागीदारी होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से हर वर्ग को लाभान्वित करने की सोच के साथ कार्य किया है। प्रदेश के 56 हजार छात्र-छात्राओं को लेपटॉप देने का निर्णय लिया है जिससे वे प्रतिस्पर्धा के इस दौर में आगे बढ़ सकें। इस प्रकार मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा योजना के तहत एक लाख बच्चों को 500 रुपये प्रतिमाह की छात्रवृत्ति देने का अहम फैसला किया है। उन्होंने फ्लेगशिप कार्यक्रमों को शानदान बताते हुए कहा कि इनसे गांव, गरीब, किसानों सहित सभी को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने गत चार वर्षों में आलीशान योजनाएं लागू की हैं जिसमें सभी राजनैतिक दल, एनजीओ, आम आदमी भी आगे बढक़र अपनी सहभागिता निभाएं ताकि पात्र व्यक्तियों तक इन योजनाओं का लाभ पहुंच सकें। उन्होंने सबको मकान की सुविधा के लिए ’’राइट टू शैल्टर’’ के माध्यम से गरीबजन को पक्की छत मिलें इसके लिए भी सभी के सहयोग से इस योजना को हम आगे बढ़ायेंगे। राज्य में अर्फोडेवल हाउस पॉलिसी की चर्चा करते हुए कहा कि इसके तहत 30 हजार मकान बन चुके हैं और 46 हजार मकान निर्माणाधीन हैं। राज्य में सडक़ विकास के तहत जनजाति क्षेत्र तथा मरु क्षेत्र में 250 से अधिक आबादी वाले गांवों को सडक़ से जोडा गया है। अब इस योजना के तहत लगभग 2900 गांवों में 3 हजार 302 किलोमीटर सडक़ निर्माण कर पक्की डामर सडक़ से जोडा जायेगा। इसके लिए 832 करोड़ रुपये स्वीकृति जारी कर दी गयी है। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत लगभग 2.70 लाख व्यक्तियों को प्रशिक्षण दिया जायेगा जिसके लिए 150 करोड़ रुपये उपलब्ध कराये गये है। किसानों के हित में अनेक कदम उठाये गये। माइक्रो इरिगेशन में राजस्थान देश में प्रथम रहा जबकि बूंद-बूंद पद्वति को प्रोत्साहन दिया जा रहा है जिसके तहत 90 प्रतिशत अनुदान देय है। किसानों के लिए बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी नहीं की गयी इसके लिए बिजली कम्पनियों को राजकोष से 4 हजार 396 करोड़ रुपये दिये गये। काश्तकारों के लिए 13 हजार 971 करोड़ रुपये की अतिरिक्त बिजली भी खरीदी गयी। राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के तहत 28.60 लाख तथा मौसम आधारित बीमा के तहत 105.31 लाख कृषकों को लाभान्वित किया गया। राज्य में पहलीबार किसानों को 857 करोड़ रुपये की इनपुट सब्सिडी दी गयी। किसानों को ब्याज मुक्त ऋण देने के लिए 262 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया। मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, अल्पसंख्यकों, अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, विशेष पिछड़ा वर्ग तथा आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग लिए क्रियान्वित की जा रही योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा इन वर्गो के उत्थान के लिए किए जा रहे प्रयासों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आमजन को महंगाई से राहत पहुंचाने के लिए 26 हजार 846 करोड़ रुपये की राहत दी है। उन्होंने बताया कि महिला सशक्तिकरण, भ्रूण हत्या पर अंकुश लगाने तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी के प्रयासों में सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में गत चार वर्षों के दौरान एक लाख 43 हजार 731 पदों पर नियुक्तियां दी गई तथा एक लाख 4 हजार पदों पर भर्ती का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रशासन शहरों के संग अभियान के तहत अब तक एक लाख 78 हजार 202 पट्टे जारी किये गये हैं। श्री गहलोत ने कहा कि पशुधन विकास, कृषि, उद्योग, आभारभूत संरचना, शहरी एवं नगरीय विकास सहित राज्य में सामावेशी एवं सर्वागीण विकास के प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति अच्छी है। देश में पहली बार अधिकार कानून बनाकर दिये जा रहे है जिसका लाभ राजस्थान को भी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के अधिकार के तहत निजी स्कूलों में एक लाख 15 हजार से अधिक बच्चों को प्रवेश दिया जा चुका हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में चिकित्सकों, अध्यापकों, पैरामेडिकल स्टाफ आदि की कमी दूर करने के लिए हम गंभीर प्रयास कर रहे हैं फिर भी इस संबंध में कोई रचनात्मक सुझाव आते है तो सरकार खुले दिमाग से उनका समाधान करने का प्रयास करेगी।

Comments

CAPTCHA code

Users Comment