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Thursday, October 29th, 2020

गला घोंट कर मारे जाने का है मामला है न की सुसाइड

कथित तौर पर 14 जून को सुशांत सिंह राजपूत की बॉडी उनके मुंबई स्थित फ्लैट पर पंखे से लटकती पाई गई थी. मामला पहले मुंबई पुलिस के पास था लेकिन सुशांत के पिता द्वारा बिहार में FIR दर्ज कराने के बाद इसमें नाटकीय मोड़ आया. सुशांत ने केके सिंह ने रिया चक्रवर्ती पर गंभीर आरोप लगाए. जिसके कुछ वक्त बाद ये मामला सीबीआई के हाथ में आ गया.
मामले की जांच में अब तक एक्टर की मौत की वजह तो साफ नहीं हो सकी है लेकिन इस केस में ड्रग एंगल आने के बाद से लगातार गिरफ्तारियों का सिसिला जारी है. NCB उस नेक्सस को क्रैक करने में लगी हुई है जो बॉलीवुड तक ड्रग्स पहुंचाता है और साथ ही वो लोग भी जो ड्रग्स लेते हैं या इसे प्रोक्योर करते

बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत को इस दुनिया से विदा हुए तीन महीने से भी ज्यादा वक्त हो गया है, लेकिन देश की तीन सबसे बड़ी जांच एजेंसियां मिलकर भी अब तक इस सवाल का जवाब नहीं तलाश सकी हैं कि एक्टर ने सुसाइड किया था या उनकी हत्या हुई थी. जांच और न्याय मिलने में हो रही देरी पर सुशांत के परिवार का रख रहे वकील विकास सिंह ने नाराजगी जताई है.

वकील विकास स‍ह ने ट्वीट किया, "CBI द्वारा सुशांत मामले को आत्महत्या के लिए उकसाए जाने से बदलकर हत्या के मामले में बदलने में हो रही देरी अब फ्रस्ट्रेशन हो रही है. वो डॉक्टर जो AIIMS की टीम का हिस्सा रहा है उसने मुझे बताया था कि जो तस्वीरें मैंने उसे भेजी वो बताती हैं कि ये 200 प्रतिशत गला घोंट कर मारे जाने का मामला है, सुसाइड नहीं."

AIIMS की सफाई

उधर एम्स के फॉरेंसिक चीफ सुधीर गुप्ता ने   खास बातचीत में विकास सिंह के बयान पर कहा, "जांच अभी चल रही है. जो वो कह रहे हैं वो ठीक नहीं है. हम सिर्फ गले पर खिंचने के निशान और क्राइम सीन को देखकर इस नतीजे पर नहीं पहुंच सकते हैं कि ये हत्या है या सुसाइड. इसमें और जांच किए जाने की जरूरत है जो चल रही है और कोई नतीजा अब तक नहीं निकाला गया है. PLC.

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