जेनेवा । कोरोना के संक्रमण से दुनिया को बचाने के लिए बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन की योजना बन रही है। गरीब और हिंसा प्रभावित देशों में वैक्सीन की खेप पहुंचाने और लोगों को वैक्सीनेट करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ ने कमर कस ली है। हालांकि, अधिकतर अफ्रीकी देश, अफगानिस्तान, सीरिया, इराक, लीबिया और यमन में लोगों तक वैक्सीन को पहुंचाना अभी भी चुनौती बना हुआ है। यूनिसेफ के वैश्विक टीकाकरण (ग्लोबल वैक्सीनेशन) के उप प्रमुख बेंजामिन श्रेइबर ने कहा है कि युद्ध और अस्थिरता के कारण गरीब देशों में टीकाकरण को लेकर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
यूनिसेफ के अनुसार, एशिया, अफ्रीका, मध्य पूर्व और लैटिन अमेरिका के कई गरीब और विकासशील देशों में परेशानियों का एक प्रमुख कारण हिंसा है। इन देशों में कोविड-19 के खिलाफ आबादी के बीच टीकाकरण कार्यक्रम को चलाया जाना है। यूनिसेफ दुनियाभर में टीकाकरण कार्यक्रम चलाने जा रहा है। इसके लिए कोविड-19 टीकों की खरीद और वितरण में मदद करने के लिए यूनिसेफ ने कमर कस ली है। उन्होंने कहा कि आधा अरब सीरिंज का भंडार किया गया है और 70,000 रेफ्रिजरेटर उपलब्ध कराने का लक्ष्य है,इसमें से ज्यादातर सौर ऊर्जा से संचालित हैं। एजेंसी का लक्ष्य अगले साल एक महीने में 850 टन कोविड-19 टीके का परिवहन करना है। plc.

 

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