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Thursday, January 21st, 2021

गंगा एक्षन प्लान झारखंड के लिए सौभाग्य : रघुवर दास

रघुवर दास आई एन वी सी न्यूज़आई एन वी सी न्यूज़ राँची, मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने आज गंगा एक्षन प्लान पर नई दिल्ली में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि यह झारखंड के लिए सौभाग्य का विषय है कि यहंा के साहेबगंज के राजमहल से होकर गंगा गुजरती है, और गंगा को स्वच्छ बनाने में झारखंड को भी मौका मिला है यह मात्र सफाई का विषय नहीं है। उन्हांेने कहा कि गंगा एक्षन प्लान एक बड़ा प्रोजेक्ट है जिसमें काफी समय लग सकता है परंतु झारखंड से होकर गुजरने वाली गंगा नदी की लंबाई मात्र 83 किलोमीटर है जिसे आसानी से प्रदूषण मुक्त किया जा सकता है। साहेबगंज के राजमहल को मिलाकर कुल 74 गांव गंगा नदी के किनारे बसे हैं। इन गांवों के 15 नाले इसमें जाकर मिलते हैं। इन गांवों में मात्र 10 प्रतिषत लोग शौचालय का इस्तेमाल करते हैं एवं 90 प्रतिषत लोग शौचालय के आभाव में  खुले में शौच करते हैं, जो एक दुर्भाग्य का विषय है। गंगा की स्वच्छता के लिए यहां बड़े पैमाने पर शौचालय का निर्माण करना आवष्यक है। प्रत्येक घर में शौचालय का निर्माण एवं सामुदायिक शौचालय का निर्माण अत्यावष्यक है। इसके अतिरिक्त सौलिड वेस्ट मैनेजमेंट भी अत्यावष्यक है। राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार से इस हेतु 60 करोड़ रूपये की विषेष पैकेज की मांग की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा नदी के किनारे 9 फैक्ट्री चाइना क्लेव वासरी के हैं। इनसे निकलने वाले प्रदूषित जल गंगा नदी में जाकर बहती है। राज्य सरकार इन फैक्ट्रियों से अनुरोध करेगी कि वे अपने संस्थानों में वाटर ट्रीटमेंट प्लान्ट लगायें और गंगा को प्रदूषित होने से बचायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा की सफाई के साथ ही साथ इसके किनारे के घाटों का विकास एवं सौंदर्यकरण भी आवष्यक है। इस हेतु उन्होंने भारत सरकार से ;त्थ्ज्द्ध रीवर फ्रंट ट्रीटमेंट हेतु 50 करोड़ रूपये की मांग की है। उन्होंने कहा कि इन घाटों के सौन्दर्यकरण एवं रखरखाव के साथ गंगा की स्वच्छता को बरकरार रखने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा एक्षन प्लान के तहत अनेक विभागों को मिलकर कार्य करने हैं। इन विभागों से राषि प्राप्त कर गंगा एक्षन प्लान को कार्यान्वित किया जाना है। नगर विकास विभाग,जल संसाधन विभाग,पेयजल एवं स्वच्छता जैसे अनेक विभागों को मिलकर गंगा एक्षन प्लान को सफल बनाना है। इन विभागों से समन्वय स्थापित करते हुए कार्य के संपादन में अनावष्यक समय लग सकता है। बेहतर हो कि इनके लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया जाय ताकि कार्य की सहमति एवं राषि एक ही स्थान से मिल सके। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में तीन सौ किलोमीटर लंबी दामोदर नदी हैं। यद्यपि यह राज्य में गंगा नदी में नहीं मिलती है अतः दामोदर नदी का भी अपना महत्व है। यह सर्वाधिक प्रदूषित नदियों में से एक है। दामोदर नदी के किनारे केन्द्र सरकार से समबद्ध अनेकों कोयला उत्खनन,कोल वासरी से जुड़े संस्थान हैं जो इसे प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार इन मंत्रालयों की एक बैठक बुलायें ताकि इसका निदान निकाला जा सके।

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